(00:00:00)Your YouTube transcript will appear here(00:00:00)वहां नवाब की बीवियां उनको एक नजर देखने (00:00:03)को तरसती हैं। (00:00:03)तरसती मोतियों से नजर उतारती है उनकी। वो (00:00:07)चाहे मोतियों से तोले या हीरों से। मेरे (00:00:10)राव कभी किसी औरत की तरफ नजर उठा के भी (00:00:12)नहीं देखे। समझ लो? काशी हम किसी और से। (00:00:15)मतलब लोग जो कह रहे हैं वो सही है। (00:00:17)क्या कह रहे हैं? कि पेशवा बाजीराव को (00:00:20)किसी की नजर लग गई। (00:00:22)काशी तुम हमारे लिए उतनी ही प्रिय हो (00:00:24)जितनी मस्तानी। (00:00:25)उसकी और हमारी तुलना तो हो ही नहीं सकती। (00:00:28)अपने आपके साथ रासलीला जो नहीं रचा (00:00:31)तुम्हें हमसे और मस्तानी से काफी शिकायतें (00:00:33)होंगी। (00:00:33)पराए लोगों से क्या शिकायत करनी है? घाव (00:00:36)तो अपनों के ज्यादा चुभते हैं। अफसोस तो (00:00:39)एक ही बात का है श्रीमंत। आप हमसे हमारी (00:00:42)जिंदगी मांग लेते। हम आपको खुशी-खुशी दे (00:00:45)देते। पर आपने तो हमसे हमारा क्रूश छीन (00:00:49)लिया।