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Schools of thought in psychology | Modern Period | Urdu & Hindi | Iqra Saeed Clinical Psychologist (YouTube Video Transcript)

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Title: Schools of thought in psychology | Modern Period | Urdu & Hindi | Iqra Saeed Clinical Psychologist
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(00:00:00) Your YouTube transcript will appear here (00:00:01) लुट सलाम वालेकुम वेलकम बैक टू माय चैनल (00:00:04) वेस्ट मैक्रम से होप यू पीपल अरे डूइंग (00:00:07) वेल तो हमारी जो लास्ट वीडियो थी उसमें (00:00:10) हमने हिस्ट्री ऑफ साइड क्वालिटी में जो (00:00:13) टॉपिक्स कवर किए थे एकदम वापस प्ले (00:00:15) साइंटिफिक पीरियड आ जिसमें ग्रीक मिडल और (00:00:18) इस्लामिक पीरियड हमने क्लियर किया था और (00:00:21) उसके साथ-साथ जो हमारा साइंटिफिक पीरियड (00:00:24) है उसका हमने पार्ट 1-e डाइड एंड स्पिरिट (00:00:27) सारे साइंटिस्ट कवर कर लिए थे तो आंसू जॉब (00:00:32) हमारी वीडियो है उसमें हम साइंटिफिक का (00:00:35) पार्ट-2 करेंगे जिसमें हमारे पास मॉडर्न (00:00:39) अप्रोच टूट पड़े क्वालिटी आ जाती है तो आज (00:00:42) हमारा फोकस ओं (00:00:44) के स्कूल ऑफ थर्ड से होगा मॉडर्न अप्रोच (00:00:47) टो स्कूल आफ थॉट में इंस्टीट्यूट करते हैं (00:00:49) पिज्जा मॉडर्न पीरियड को हम स्कूल ऑफ़ थॉर (00:00:53) चैनेल बोंड जैन सो फ्रेंड रेमेडीस (00:00:55) डायरेक्ट ऑयल वगैरह ने क्या कंसेप्ट दिए (00:00:58) थे उसके बारे में डिटेल से बात करेंगे (00:01:02) थे स्कूल आफ थॉट फर्स्ट स्ट्रक्चर इन था (00:01:05) जग ढूंढता 10 सेकंट प्रोफेशनलिज़्म (00:01:10) विलियम्स ने दिया था आरा उन्हें ज़मा जाता (00:01:16) है जिसके प्योर है जो भी WhatsApp 1971 (00:01:19) में फोर्थ गैस फील्ड में एक्टिविटी मणिकंठ (00:01:23) दिया था और 1969 में दिया था उसके बाद (00:01:26) फाइन को अनलेस हमारे पास आ जाता है जो (00:01:29) सीमेंट रॉय ने दिया 800 मॉडल है थ्रो चीज (00:01:33) आ जाती हैं जो हम अपने नेक्स्ट वीडियो में (00:01:35) कर डिस्कस करेंगे तो फिर स्कूल ऑफ आर्ट (00:01:38) फॉर्म्स डिटेल में देख लेते हैं जिसको (00:01:40) स्पेशियली स्तंभ कहा जाता है तो इससे पहले (00:01:44) आपको पता होना चाहिए स्कूल ऑफ आर्ट क्या (00:01:46) होता है जब Bigg Boss सारे लोग मिलकर सेम (00:01:50) आइडिया देते हैं से उनका मकसद होता है और (00:01:54) इस आइडिया को कैसे इंप्लिमेंट करना है (00:01:56) यानि उनका मेथड भी सेम हो जाता है तो इसका (00:02:00) मतलब है कि यह सारे लोग किसी एक (00:02:02) अजय बिलॉन्ग करते हैं फॉर एग्जांपल (00:02:04) बिहेवियरिज्म कि हम इन टेंपल देखते हैं तो (00:02:07) बिहेवियरिज्म बात करता है अवेलेबल (00:02:09) बिहेवियर पर अब जो कैंडिडैट से निवेदन (00:02:12) प्रॉब्लम और बीएसपी न यह तीनों लोग भी (00:02:15) अवेलेबल बिहेवियर पर वार करते हैं और डबल (00:02:18) बिहेवियर पर बात करते हो इसका मतलब है कि (00:02:20) यह बिलॉन्ग करते हैं बिहेवियरिज्म से तो (00:02:22) जब यह लोग साथ हो गए एक ग्रुप बन गया इनका (00:02:25) तो इसका मतलब है यह बिहेवियर ईस्ट फूल ऑफ (00:02:28) हार्ट हो गया तो इसी तरह बाकी लोगों ने भी (00:02:32) अंतिरम का कंसेप्ट दिया फेज़ का कन्फैब (00:02:35) दिया तो यह सब आपको पता होना चाहिए कि इस (00:02:38) चीज को हम स्कूल आफ थॉट कहते हैं तो अब हम (00:02:41) देखते हैं कि स्ट्रक्चरलिज्म स्कूल ऑफ और (00:02:43) जो है वह किस पे बात करता है और उसका मेथड (00:02:47) आफ ट्रीटमेंट किया है (00:02:50) 146 धर्म में जो इंपॉर्टेंट पर्सनैलिटी (00:02:54) अगर हम देखने तो सबसे पहले व्यायाम फोंट (00:02:56) विलेन कौन है और सेकंड एडवेंचर है यह दो (00:02:59) लोग थे जिन्होंने प्रतियोगिता में (00:03:01) कंट्रिब्यूट किया था अबे 30 जर्मनी में (00:03:05) लिपस्टिक मेरे फर्स्ट लैब बनाई गई थी जो (00:03:08) विलियम ने बनाई थी इसलिए जब डेफिनेशन इसे (00:03:11) हाथ हम लेकर हैं यह क्वालिटीज आफ (00:03:13) साइंटिफिक तरफ बढना एंड मेंटल प्रोसेस (00:03:15) उसके बाद रोजगार मिक्सचर ऑफ माइंड को (00:03:19) स्टडी किया था और उसमें उन्होंने एलिमेंट (00:03:21) पर फोकस किया था कि वह कौन से एलिमेंट्स (00:03:24) होते हैं जो हमारे थॉट्स को हमारी इमोशंस (00:03:27) को और हमारी कॉन्शसनेस को फाउंडेशन (00:03:29) प्रोवाइड करते हैं अब मेथड यूज किया था (00:03:33) उसको इंट्रोस्पेक्शन मेथड कहा जाता है (00:03:36) इंस्पेक्शन मतलब क्या होता है कि हम इन (00:03:38) एडमिटिंग वंस अपॉन थॉट्स एंड मेंटल (00:03:42) एक्टिविटी की को लेकर कोई पिक्चर पिक्चर (00:03:47) दिखाएं तो उसके नतीजे में जो उसको रीसेंट (00:03:50) करेगा (00:03:50) है उसके उस पे जो अपनी सेटिंग्स और अपनी (00:03:53) थॉट्स अपने इमोशंस प्रोजेक्ट करेगा तो (00:03:56) इसका मतलब है वह एक इंसान की पर्सनैलिटी (00:03:58) के बारे में बता रहा है तो सच्चाई सामने (00:04:01) इंट्रोस्पेक्शन का नेट यूज़ किया था अब (00:04:04) क्रिटिकल एनालिसिस हमारे पास आ जाता है (00:04:06) क्रिटिकल लाइफ बहुत ज्यादा इंपोर्टेंट (00:04:08) होता है अब इस टेलीविजन पर जो अ (00:04:11) क्रिटिसाइज किया गया था वह यह था कि (00:04:14) इन्होंने इंट्रोस्पेक्शन मेथड यूज किया था (00:04:16) और इंट्रोस्पेक्शन मेथड में एक इंसान अपनी (00:04:19) इंदौर की फीलिंग्स बताता है तो उन्होंने (00:04:21) कहा था यह साइंटिफिक मेथड नहीं है क्योंकि (00:04:24) जरूरी नहीं है कि इंट्रोस्पेक्शन मेथड अ (00:04:27) इंसान के माइक एलिमेंट को अनलॉक कर सकते (00:04:30) तो इस वजह से क्रिटिसाइज किया गया था (00:04:34) प्रतियोगिता में और इसके बाद एक और बॉक्स (00:04:36) और आया था जिसको (00:04:40) आप पर्सनली दम है इसके पिम्स है अगर राइट (00:04:43) साइड पर देखें तो इंपॉर्टेंट पर्सनैलिटी (00:04:45) इस विलियम जेम्स हंट हुई और हर विकार हैं (00:04:48) इन्होंने इंपोर्टेंट रोल प्ले किया था (00:04:50) फंक्शनरीज हमने पहले हम स्टार्ट हुआ था (00:04:53) आरा उन्हें ज़ोर इसने फोकस किया था फंक्शन (00:04:56) आफ माइंड पर जबकि स्पिरिचुअलिज्म में फोकस (00:04:59) किया गया था स्ट्रक्चर ऑफ़ माइंड और उनके (00:05:01) एलिमेंट्स पर अब फंक्शन ऑफ माइंड पर इस ने (00:05:04) कहा था कि कौन सा बिहेवियर कौन से फंक्शन (00:05:08) प्ले करता है ठीक है उसके बाद अगर (00:05:11) मैट्रिक्स देखें तो इसमें इंट्रोस्पेक्शन (00:05:13) मैथ्यूज़ किया था वह चली लंबी (00:05:15) इंट्रोस्पेक्शन मेथड यूज किया गया था तो (00:05:17) इसके इलावा फंक्शनैलिटीज हमने टेस्ट वगैरह (00:05:20) और वगैरह भी यूज किए थे अब लास्ट में (00:05:23) हमारे पास मेडिकल पैनल से जाना जाता है अब (00:05:26) इसमें फंक्शन ऑफ माइंड की तो बात की थी (00:05:27) लेकिन उसने फंक्शन ऑफ माइंड को या फंक्शन (00:05:31) आफ 510 मैप को प्रॉपरली एक्सप्लेन नहीं (00:05:34) किया था जिसकी वजह से इसको क्रिटिसाइज (00:05:36) किया गया था और क्रिटिसिज्म हुआ था (00:05:38) इंट्रोस्पेक्शन मेथड पर (00:05:40) रेड्डी पहले भी मैंने बताया था स्तुति (00:05:42) युद्ध में कैसा एंट्री स्टेशन मेट्रो जो (00:05:44) है वह साइंटिफिक मेथड नहीं है और जिसकी (00:05:47) वजह से तय एक पॉइंट बन गया था कि (00:05:50) पुनरीक्षण को क्रिटिसाइज किया गया था और (00:05:53) इंफेक्शन मैटर जिस तरह वही पहले वाली बात (00:05:55) के लिए जरूरी नहीं है कि फंक्शन आफ माइंड (00:05:58) को यह फीचर ऑफ़ माइंड को अनलॉक कर सकते (00:06:00) हैं अब हम इस पर हमारे पास और 90 (00:06:17) पर्सनैलिटी थे एब्सलूट राइट साइड पर लेना (00:06:21) है यह ने किया था और डिफरेंट एक्सपेरिमेंट (00:06:30) परफॉर्म थे (00:06:32) और अच्छा भी है दोस्तों बात करते हैं वह (00:06:34) कहते हैं कि सब्जेक्ट मैटर आफ फैक्ट और (00:06:36) लीजिए जो है वह सिर्फ और सिर्फ बिहेवियर (00:06:39) है बिहेवियर ही इंपोर्टेंट होता है विवि (00:06:43) के अलावा उन्होंने किसी चीज पर फोकस नहीं (00:06:45) किया इन्होंने बिहेवियर पर फोकस किया है (00:06:48) यानी इंपॉर्टेंस ऑफ लर्निंग के लिए जरूरी (00:06:52) है जिसे उन्होंने वगैरह-वगैरह किए थे (00:06:59) क्लासिकल कंडीशनिंग तो इसमें इन्होंने जो (00:07:05) है वह रेडी कर लेते हैं और करने के बाद (00:07:10) उसको परफॉर्म करता है जो जिसको हम कर सकते (00:07:17) हैं वह भी इंपॉर्टेंट होता था कि वह (00:07:26) सब्सक्राइब करें डेफिनेशन आफ (00:07:32) हु इज द साइंटिफिक स्टडी आफ बिहेवियर एंड (00:07:34) मेंटल प्रोसेस इन का फोकस बिहेवियर पर अगर (00:07:37) मेथड की बात करें तो इन्होंने (00:07:40) एक्सपेरिमेंटल मेथड यूज किया था और (00:07:42) उन्होंने कहा था कि हम एक्सपेरिमेंटल ऐड (00:07:44) नहीं experiment में बिहेवियर को (00:07:46) ऑब्जेक्ट्स कर सकते हैं और ऑब्जेक्टिव लीड (00:07:49) अपडेट कर सकते हैं ऑब्जेक्ट विच रेडी कर (00:07:52) सकते हैं अगर हम अश्लील एवं की बात करें (00:07:55) तो उन्होंने और फंक्शनल स्पून लोगों ने (00:07:57) इंट्रोस्पेक्शन मेथड यूज किया था जबकि (00:07:59) इन्होंने एक्सपेरिमेंटल मेथड यूज किया है (00:08:02) अगर क्रिटिसिज्म देखिए जो हेयर इस पर हुआ (00:08:05) तो यह स्ट्रेंजर टाइड्स याज्ञनिक यह बहुत (00:08:07) ज्यादा एक्सट्रीम पर चले गए थे अपने (00:08:09) आइडिया के साथ के सिर्फ और सिर्फ बिहेवियर (00:08:12) ही इंपोर्टेंट है उसके अलावा कोई चीज (00:08:14) मिट्टी के सेकंड और मैंने लिखा भी है कि (00:08:16) लिमिट प्रिमिटिव टू फॉर्म्स अवेलेबल (00:08:18) बिरयानी इन्होंने कौन थी आसफ खान कौन सी (00:08:20) है सबकांशियस किसी पर कोई बात नहीं कि (00:08:22) बल्कि इनका सारा फोकस वक्तव्य बिहेवियर पर (00:08:25) थर्ड प्वाइंट एंड डिफरेंट कॉन्टेक्स्ट्स (00:08:27) धृतराष्ट्र अच्छी तो मैं next9 पहुंचने पर (00:08:30) बातचीत पर्सनली हमने फन (00:08:32) कि कौन कितना एक रिमाइंडर बात की लेकिन (00:08:34) इन्होंने कोई भी एक्सप्लेन नहीं किया ना (00:08:36) ही फोन टैब और ना ही सबकांशियस डेपलपमेंट (00:08:39) किया जिसकी वजह से स्कूल ऑफ आर्ट को शिफ्ट (00:08:43) किया गया है (00:08:45) 200 फीट स्कूल आफ थॉट टो हैव गेस्ड ऑयल (00:08:48) टाइकून जी कहां जाता है इसको या गेस्ट (00:08:52) ओल्ड स्कूल आफ थॉट प्योर वृक्ष और एन0 (00:08:58) स्कूल फॉर पर्सनल गैंस इंपॉर्टेंट (00:09:07) कंट्रीब्यूटर्स अब गैस का फ्लेम जो है वह (00:09:10) एक और इसका मीनिंग नाइन एलिमेंट और पार्ट (00:09:19) है उसको या कोई भी चीज है उसको स्ट्रैट (00:09:28) लाइन पर्सनैलिटी इन डिफरेंट पार्ट्स नहीं (00:09:33) बल्कि आपने ऐसा करना है (00:09:36) है तो यह इंपोर्टेंट लाइन आप याद कर लें (00:09:38) विड्रा होल इस रेजिडेंस आफ इट्स पार्ट्स (00:09:41) यह गेस्ट हाउस आफ क्वालिटी का बेसिक (00:09:44) कंसेप्ट था इंस्टीट्यूट ने भी पूछा जा (00:09:47) सकता है और शॉर्ट आंसर्स में भी आ सकता है (00:09:50) लॉन्ग में बिहार सकता है तो आपको यह (00:09:52) अकाउंट आप अच्छे से प्लेयर होना चाहिए ठीक (00:09:55) है इन्होंने कहा था कि हमने चीजों को (00:09:57) पार्ट्स में नहीं देखना बल्कि हमने ऐसा (00:10:00) हॉस्टल करना जिससे अगर अच्छी तरह की बात (00:10:02) करें तो उन्होंने एलिमेंट्स आफ माइंड की (00:10:04) बात की थी ये पर्सनल यूज ने फंक्शन ऑफ (00:10:06) माइंड की बात की थी और जो गेस्ट हो रहा है (00:10:10) यह एंड स्पिरिचुअलिज्म आया था और इसने बात (00:10:14) की थी कि इंडिविजुअल को पास में देखने की (00:10:16) विजय ऐसा होल स्टडी करना चाहिए (00:10:19) क्रिटिसिज्म देखने तो पर फॉर्म ऑनलाइन (00:10:21) प्रशिक्षण पर परसैप्शन के एरिया पर इनका (00:10:24) फोकस ताकि ज्यादा से ज्यादा और इन्होंने (00:10:26) अनकॉन्शियस पर फोकस नहीं किया जबकि हमारे (00:10:29) बहुत सारे कॉग्निटिव प्रोसेस जो है वह (00:10:32) अनकॉन्शियस में लाइक करते हैं अंकों से (00:10:34) इंपोर्टेंट पार्ट है लेकिन (00:10:36) इस पर फोकस नहीं किया जिसकी वजह से स्कूल (00:10:39) ऑफ वॉल पुट्टी सेट कर दिया गया था और उसके (00:10:42) बाद जो इसने एप्रोच यूज पेड़ ए साइंटिफिक (00:10:45) नहीं थी अ (00:10:47) मैं तो नंबर से लेफ्ट एंड लॉस्ट (00:10:51) के स्कूल ऑफ आर्ट हमारे पास सिक्वेंस लैस (00:10:53) है इसके अंदर सिगमंड फ्रायड है और 10 (00:10:58) स्कूल्स आफ थॉट आया था लाइफ इंपोर्टेंट (00:11:02) पर्सनैलिटी अगर हम देखेंगे तो सिगमंड (00:11:03) फ्रायड का ढोंग और फील्ड उन्हें (00:11:07) इंपॉर्टेंट कंट्रीब्यूटर्स अच्छा सा इसमें (00:11:11) जो ज्यादा फोकस किया है कि हमारे जितने भी (00:11:20) होते हैं वह पेशंट होते हैं जिसकी वजह से (00:11:25) सारे क्रिएट हो तो इसको कहते हैं (00:11:34) यहां से यह हमने और पहुंचने के लिए मैं (00:11:36) इंट्रोस्पेक्शन मेथड यूज किया उसके बाद (00:11:39) गैस टॉड ने क्या कहा होली प्लेटफॉर्म (00:11:41) ऑफिसर और उसके बाद बिहेवियर इंस्टीट्यूट (00:11:44) में परिमंडल मेथड यूज किया अब जैसा को (00:11:47) अलेक्सिस है इसमें फैट को अनैतिक टेक्निक (00:11:49) यूज की है संघ तकनीक हमारे पास कहर को (00:11:53) अनकवर एंड कॉन्शियस माइंड में जितने भी (00:11:57) हमारे कनफ्लिक्ट उनको प्रेसिडेंट अवेंजर्स (00:12:00) मिलाना इंसान को उसके लिए अवेयर करवाना (00:12:04) तुम्हारे मन में यह विचार रहा जिसकी वजह (00:12:07) से में प्रॉब्लम ना तो यह टेक्नीक टेक्निक (00:12:15) सब्सक्राइब के पास एक्सपीरियंस हों वह (00:12:18) हमारे यह हमारी 2 इसकी डिटेल तो इसलिए हम (00:12:28) किसी दिन डिटेल में क्रिटिसिज्म की बात (00:12:32) करते हैं तो बहुत ही अ (00:12:34) डिवाइस क्या यह जो ठहरी है कोर्नर टेक्नीक (00:12:37) है यह साइंटिफिक नहीं है लेकिन उसके (00:12:40) बावजूद जो psycho-analysis टेक्नीक है यह (00:12:44) ठहरी है पेशंट को ट्रीट करने में बहुत (00:12:47) ज्यादा हरफूल होती है हर फूल है ढूंढो (00:12:50) एक्सप्लेन कॉन्शसनेस एंड विमेन भी एग्जाम (00:12:52) पॉइंट से पर बहुत ज्यादा फोकस किया है (00:12:54) लेकिन कॉन्शियस इन एवरी हुमन बिहेवियर को (00:12:56) फुली एक्सप्लेन नहीं किया तो यह आज का (00:13:00) हमारा टॉपिक टसकोला फॉर से रिलेटिड अगर (00:13:02) आपका अभी भी कोई सवाल हों तो आपको मैच में (00:13:05) मुझसे पूछ सकते हैं और अपने इस वीडियो में (00:13:07) इंशाल्लाह हम अपने जो एप्रोच या कोई और (00:13:10) टॉपिक देखेंगे उसको हम स्टडी करेंगे अगर (00:13:12) आपने किसी भी एग्जाम के लिए तैयार करना है (00:13:15) को लाइक और साइकिल है जी का कोई टैब पीएम (00:13:18) वास है तो आप मेरे नजर से इसे ऊपर तैयार (00:13:21) कर सकते हैं आप ऑनलाइन में देख सकते हैं (00:13:23) तो हमने इस वीडियो में लैपटॉप के साथ (00:13:26) मिलेंगे टैगलाइन टेक केयर अल्लाह हाफिज और (00:13:29) चैनल को सब्सक्राइब करें वीडियो लाइक करें (00:13:31) शेयर करें अपना फीडबैक भी दें सलाह बस

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