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Title: 001 Juz 14 Part 1 Surah Al Hijr 1-22
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ओ बनाया
(00:00:23)
[संगीत]
(00:01:00)
पनाह मांगते हैं अल्लाह वजन की खुद की
(00:01:02)
बुराइयों से तमाम बुरे केमोन से इसे भी
(00:01:05)
अल्लाह की हिदायत मिले उसे कोई गुमराह
(00:01:06)
नहीं कर सकता और जिसे अल्लाह ने गुमराह
(00:01:08)
किया उसे कोई हिदायत नहीं दे सकता हम
(00:01:11)
गवाही देते हैं की इबादत कदर सिर्फ अल्लाह
(00:01:12)
है और कोई उसका शरीक नहीं और गवाही देते
(00:01:15)
हैं की मोहम्मद सल्लल्लाहु अलेही वल्लम
(00:01:17)
अल्लाह ताला के बंदे और रसूल है अल्लाह
(00:01:20)
अपनी सलामती दीजिए अपने आखिरी नबी पर उनके
(00:01:22)
हिल पर उनके साहब पर अस्सलाम वालेकुम वी
(00:01:25)
रहमतुल्लाही वी बरकातहू जो भी हक में आप
(00:01:28)
लोगों के सामने पेस करूं हाल की तरफ से और
(00:01:30)
अगर मुझे कोई गलती हो जाए तो मेरी तरफ से
(00:01:33)
और शैतान की तरफ से
(00:01:36)
आज हम करेंगे
(00:01:43)
15th सूरत है यह मक्के के दरमियां
(00:02:03)
के इलाके में रहने वालों का जिक्र है जो
(00:02:06)
कौन थी
(00:02:08)
इन लोगों ने रसूलू को झुठलाया तो अल्लाह
(00:02:11)
ताला ने इनके ऊपर अजब नाजिल किया और इनको
(00:02:14)
तबाह कर दिया का इलाका मदीने और
(00:02:17)
ताबूत के बीच में है
(00:02:19)
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम शुरू करते हैं
(00:02:21)
अल्लाह के नाम से जो बहुत मेहरबान और
(00:02:23)
बार-बार रम करने वाला है अलिफ लम हा अलिफ
(00:02:26)
लम रा ये हस मुकद्दर है तिल का आईटीएल
(00:02:29)
किताब ये आयत है किताब की क और अन्य मोबीन
(00:02:34)
और रोशन खुराना की तो अब अल्लाह ताला ये
(00:02:37)
का रहे हैं की इस सूरत की जो आयत है या जो
(00:02:40)
आया तो पढ़ रहे हो वो जो है किसकी है
(00:02:44)
कुरान की है कुरान कौन सी किताब है
(00:02:47)
किताबें इलाही है और यह फिर सब चीजों को
(00:02:51)
खूल कर बयान करती है यानी ये एक कंप्लीट
(00:02:54)
किताब है अल्लाह ताला की तरफ से है हर चीज
(00:02:59)
अलग-अलग नहीं इसके अंदर खोल-खोल कर बयान
(00:03:02)
कर दी है
(00:03:10)
वह लोग जिन्होंने कुफ्र क्या लव कानून
(00:03:15)
केवी होते मुसलमान
(00:03:19)
पर कहा जा रहा है की अक्सर औकात या फिर
(00:03:22)
बाज औकात यानी बाजू या कभी-कभी
(00:03:28)
मुसलमान हो अब ये कौन सा वक्त है या कौन
(00:03:31)
सा टाइम है जब काफी लोग ये ख्वाहिश करते
(00:03:36)
या काश करते की हम मुसलमान हो अब ये
(00:03:39)
दुनिया में भी हो सकता है या आखिरत में भी
(00:03:41)
हो सकता है यूजुअली जब मुसलमान चैन से हो
(00:03:45)
अमन से हो कोई परेशानी नहीं हो और स्पेशली
(00:03:49)
वो सक्सेसफुल हो उर्स पर हो दुनिया में
(00:03:53)
उसे वक्त काफी जो है चाहते हैं काश हम भी
(00:03:57)
मुसलमान होते हैं जैसे वो सक्सेसफुल है हम
(00:03:59)
भी इन्हें बहुत सर ऐसा टाइम ऐसे इरास
(00:04:03)
गुजरे जिसमें मुसलमान बहुत सक्सेसफुल रहे
(00:04:05)
बहुत उरूज पर रहे बहुत कामयाब रहे बहुत
(00:04:09)
पावरफुल रहे
(00:04:10)
तो उसे वक्त जो है यह काफिर यह चाहते हैं
(00:04:14)
की हम भी जो है काश मुसलमान होते अगर इसको
(00:04:18)
हम दुनिया में जब वह चाहते हैं ये देखेंगे
(00:04:22)
आ उसके अलावा आप और मौत के वक्त जब वो जो
(00:04:25)
है काफिरों को जो रूखाप्स करने वाले और रू
(00:04:28)
को ले जान वाले फरिश्तों को देखेंगे तब भी
(00:04:30)
जो है वो चाहेंगे की काश हम मुसलमान होते
(00:04:33)
उसके अलावा पर कब्र में जब जहन्नम की जगह
(00:04:36)
उनको दिखाई जाएगी और जन्नत की जो है वो
(00:04:40)
नहीं होगी उनको कोई टेस्ट नहीं होगा तो
(00:04:43)
फिर वो क्या करेंगे जब भी ख्वाहिश करेंगे
(00:04:45)
की काश के हम दुनिया में मुसलमान होते और
(00:04:48)
हमारा ये हाल ना होता फिर कयामत के दिन
(00:04:51)
जैसे सूरत
(00:05:08)
के दिन तब भी जो है वह कहेंगे की काश हम
(00:05:12)
मुसलमान होते फिर जब पहले इनाम जन्नत में
(00:05:15)
दाखिल होंगे तब भी जो है वो कहेंगे की काश
(00:05:18)
हम दुनिया में मुसलमान के साथ होते और हम
(00:05:21)
इनाम लेकर
(00:05:22)
फिर जहन्नुम में जान के बाद जब आप
(00:05:25)
सल्लल्लाहु अलेही वल्लम की शिफात से जो
(00:05:28)
कुछ इनाम वाले उनका जो है ट्रांसफर से
(00:05:32)
जहन्नुम से जन्नत में हो जाएगा तब भी वो
(00:05:35)
हजरत करेगी की काश हम मुसलमान होते तो अब
(00:05:39)
ये इंसान क्या है अगर दुनिया में इनाम
(00:05:43)
लेकर आता और मुसलमान होता तो उसका जो है
(00:05:46)
मखारत का उसका जन्नत में जान का उसका
(00:05:49)
अल्लाह ताला के अजब से बचाने का कोई ना
(00:05:51)
कोई तो चेस था लेकिन जब इंसान ये सिर्फ के
(00:05:56)
चक्कर से नहीं निकलेगा तो फिर कभी भी
(00:05:59)
कामयाब नहीं हो सकता है
(00:06:02)
छोड़ दो उनको यानी
(00:06:06)
हक और सच और खली और बजे किताब को पेस करने
(00:06:12)
के बाद भी वो लोग इनाम नहीं लेकर आते हैं
(00:06:17)
सच्चाई को नहीं एक्सेप्ट करते हैं और फिर
(00:06:21)
वह जहन्नुम की कर रहे हैं जन्नत के तरफ
(00:06:24)
नहीं ए रहे हैं तो फिर अलग-अलग का रहे हैं
(00:06:27)
की छोड़ दो उनको या कुल्लू खाएं वह
(00:06:32)
और फायदे उठा यानी वो दुनिया के फायदे उठा
(00:06:36)
रहे हैं का रहे हैं पी रहे हैं दुनिया के
(00:06:39)
पीछे पड़े हुए हैं दुनिया में खाना पीना
(00:06:42)
ने गाना म्यूजिक डांस शराब और पुरी जो है
(00:06:48)
बटन की जिंदगी और क्या-क्या नहीं कर रहे
(00:06:52)
हैं तो फिर अलग-अलग का रहे हैं तुम उनको
(00:06:55)
छोड़ दो उनको जो है वो तुम्हारी बात नहीं
(00:06:58)
मानते वैसे भी छोड़ दो और तुम उनकी तरह मत
(00:07:02)
बानो क्योंकि मन की असर जिंदगी तो जन्नत
(00:07:06)
की जिंदगी है
(00:07:15)
उनकी जो है उम्मीदें उनको बहुत राफेल बना
(00:07:20)
दी है क्योंकि वो दुनिया में इतना फिर भी
(00:07:23)
हो गए हैं की वह अपनी जिंदगी का अल मकसद
(00:07:26)
भूल गए हैं अपनी जिंदगी का अल मकसद जो
(00:07:30)
जन्नत तक जाना है जहन्नुम से बचाना है
(00:07:34)
अल्लाह को राजी करना है तो फिर वो भूल गए
(00:07:37)
हैं उससे रफिल हो गए हैं और दुनिया की
(00:07:41)
उम्मीदें ये साड़ी चीज उनके लिए
(00:07:45)
प्रायोरिटी बन गई है और फिर ऐसी उम्मीदें
(00:07:49)
हैं की आखिरत में हमको फुल बच्चा लेंगे
(00:07:52)
आखिरत में जो है इस तरह बैक जाएंगे ये
(00:07:56)
ग्रुप में मिलकर हम निकाल जाएंगे यह तमाम
(00:07:59)
आरजूएं और उम्मीद ने जो है ना उनको अपने
(00:08:02)
मेल मोटो मेल मकसद में ऑफ जिंदगी में गोला
(00:08:07)
जिंदगी से जो है हटा दिया है और वो कफील
(00:08:10)
हो गए हैं
(00:08:13)
यहां पे धमकी दी जा रही है क्या धमकी दी
(00:08:17)
जा रही है की कल उनको पता चल जाएगा की इस
(00:08:21)
दुनिया के की जो तुम हासिल हो गए हो तुम
(00:08:25)
को कल पता चल जाए
(00:08:29)
अन्हू से रिवायत है आप सल्लल्लाहु अलेही
(00:08:32)
वल्लम ने कहा अल्लाह ताला उसे शख्स से
(00:08:34)
नफरत करता है जो सख्त मिजाज हो ज्यादा
(00:08:37)
खाने वाला हो बाजरो में चखने वाला हूं
(00:08:40)
रास्ते में मुर्दे की तरफ पड़ा सता रहे
(00:08:43)
यानी जगह जहां पर जगह मिल जाए सो जाता है
(00:08:45)
दिन में गधे की तरह हो यानी अपने जो फर्ज
(00:08:49)
है अपने जो एप्लीकेशंस है उससे बेफिक्रा
(00:08:52)
हो और दुनिया के मामलात को जन वाला और
(00:08:55)
आखिरत के बिल्कुल जल हो तो अलग-अलग जो है
(00:09:00)
ऐसे लोगों से नफरत करते हैं तो इसमें कौन
(00:09:03)
है जो आखरत के मामलों से राफेल होता है
(00:09:06)
आखिरत से कफील होता है तो अलग-अलग ऐसे
(00:09:08)
इंसान से नफरत करते हैं अल्लाह ताला हमको
(00:09:11)
बच्चा कर रखें और अल्लाह तरह की नफरत से
(00:09:13)
भी बच्चा कर रखिए ऐसे अमाल से भी बच्चा कर
(00:09:16)
रखें अल्लाह ताला हमसे हमेशा मोहब्बत करें
(00:09:22)
हालात किया हमने मीनार यकीन किसी बस्ती को
(00:09:25)
इला मगर अलाह और उसके लिए किताबें मालूम
(00:09:31)
किताब थी लिखी हुई यानी प्लांट थी रिकॉर्ड
(00:09:35)
थी मालूम मालूम है यानी अल्लाह ताला को यह
(00:09:39)
बात बता थी की इस बस्ती को किस वक्त तक
(00:09:43)
मोहलत दी जाएगी यानी अब अल्लाह ताला यहां
(00:09:46)
पर का रहे हैं अल्लाह ताला ने हालात नहीं
(00:09:49)
किया किसी बस्ती को मगर उसका जो एक फिक्स
(00:09:53)
टाइम था मालूम अल्लाह ताला के पास प्लांट
(00:09:56)
अलग अलग के पास रिकॉर्ड एक टाइम था तब तक
(00:09:59)
उसे बस्ती को जो है मोहलत दी गई उनके पास
(00:10:02)
रसूल को भेजो गया उनको जो है क्या कहते
(00:10:06)
हैं अपने उनके पास अल्लाह ताला की बात आई
(00:10:09)
तो हिट की बात आई लेकिन वो फिक्स टाइम तक
(00:10:12)
नहीं सुधरे तो फिर अलग तरह ने उनको पकड़
(00:10:15)
लिया यानी यहां पर एकदम की दी जा रही है
(00:10:18)
अलग-अलग तरह देखिए जैसे हर बस्ती का एक
(00:10:21)
मालूम वक्त है या वक्त था उसे तरह हर भी
(00:10:25)
एक मालूम वक्त है तो जब तक तुम सुधार जो
(00:10:29)
वरना फिर जी तरह पिछले कौमों के ऊपर
(00:10:32)
अल्लाह का अजब आया उसे तरह अल्लाह का अजब
(00:10:35)
किसी के उभर ऊपर भी ए सकता है मानस याहू
(00:10:39)
नहीं आगे जा शक्ति या संपत कर शक्ति मीन
(00:10:43)
उम्मतिन कोई उम्मत या कोई कॉम एन जलाहा
(00:10:47)
अपने मुकाहार वक्त से यानी अल्लाह ताला जब
(00:10:51)
फैसला करते हैं अल्लाह ताला जब किसी की
(00:10:53)
हालाकात का वक्त लिखने हैं तो फिर इसके
(00:10:56)
नोट भी पोस्टपोन वामा और नहीं यह
(00:11:00)
रूलाताफिर कर सकते हैं यानी ना जो है वक्त
(00:11:04)
से पहले अजब ए सकता है ना वक्त के बाद अजब
(00:11:08)
आएगा यहां पर
(00:11:10)
नहीं आगे जा शक्ति सबक कर शक्ति और यहां
(00:11:14)
पर
(00:11:16)
वो नहीं हो सकता वक्त से पहले भी नहीं हो
(00:11:20)
सकता अगर
(00:11:23)
आलू और उन्होंने कहा
(00:11:27)
और इनकी जो ज़िद थी इनकी जहालत थी इनके
(00:11:31)
अल्फाज से पता चला है या यूं ही वो शख्स
(00:11:35)
निजजिला उतारा गया अलेही जी पर एजिक रूप
(00:11:40)
जिक्र यानी यहां पर विक्रय से मुराद पूरा
(00:11:42)
आज है क्योंकि जिक्र का मतलब जो है अरबी
(00:11:46)
में नसीहत होता है ये एक नसीहत वाली किताब
(00:11:49)
है याद दिहानी के मेन भी जो है होते हैं
(00:11:52)
तो उन लोगों ने कहा एवर यानी आप देखिए
(00:11:56)
उनकी अल्फाज कैसे हैं की उतारा गया जी पर
(00:12:00)
जिक्र यानी कुरान इन का यकीनन तू लामा
(00:12:04)
जुनून अलबत्ता मजदूरी यानी अब ये वही जो
(00:12:07)
कुरान की थी उसको यह का रहे हैं की ये
(00:12:12)
पागलपन है और तुम तो पागल हो यानी के के
(00:12:16)
उनको
(00:12:17)
शक ना करने की बात करें सब खुदाओं को
(00:12:20)
छोड़कर हम सिर्फ एक खुदा की इबादत करें
(00:12:24)
हमारे जो भूतों की इबादत की खिलाफ तुम
(00:12:29)
बात हो दुनिया ही फायदे को छोड़कर आखिरत
(00:12:32)
ओरिएंटेड जिंदगी जो है गुजरते के लिए जो
(00:12:36)
का रहे हो
(00:12:37)
वह जो है कुरान को फॉलो करने के लिए का
(00:12:40)
रहे हो तो फिर उनको यह पागलपन वाली बात
(00:12:44)
लगती थी तो वो लोग का रहे हैं की नॉस्बिला
(00:12:47)
आप सल्लल्लाहु अलेही वल्लम को की बेशक आप
(00:12:50)
तो क्या है अलबत्ता मजनू है फिर आगे उन
(00:12:52)
लोगों ने कहा लव मां क्यों नहीं टीना लेट
(00:12:56)
तुम हमारे पास बिल्ला थी फरिश्तों को यानी
(00:13:00)
हम जो है अहले मक्का से खाने लगे हम आपको
(00:13:03)
नदी जो है तब मानेंगे अगर आप हमारे पास जो
(00:13:07)
है फरिश्ते लेकर आए यानी तुम तो आप इंसान
(00:13:10)
हो हम अगर मैन हमें लवाना है या फिर हमको
(00:13:13)
यह यकीन होना है की आप अल्लाह के रसूल है
(00:13:16)
या अल्लाह के भेजें हुए जो है नबी है तो
(00:13:19)
फिर हमारे पास फरिश्ते लेकर आओ इनको तमिल
(00:13:22)
अगर है तो सच में से यानी तुम अगर अल्लाह
(00:13:25)
ताला के वाकई भेजें हुए रसूल हो कुरान है
(00:13:28)
अगर तुम्हारी बात है सच्ची है तो तुम क्या
(00:13:30)
करो फरिश्तों को जो है लेकर आओ तो अब यहां
(00:13:33)
पर उसका जवाब क्या दिया जाए
(00:13:51)
कुरान की जो वही है तो वो लेकर आते हैं या
(00:13:55)
फिर अजब लेकर आते हैं अजब जो है
(00:13:57)
इंडिविजुअल लेवल पर भी ला सकते हैं
(00:13:59)
कलेक्टिव लेवल पर भी ला सकते हैं बदर में
(00:14:02)
भी अजब लेकर आए वो लोग तो फिर जो है यहां
(00:14:06)
पर कहा जा रहा है की फरिश्ते ऐसे तुम्हारे
(00:14:08)
डिमांड पर तुम जब चाहे बुला लो तुम्हें जो
(00:14:11)
है सामने कर देंगे नहीं फरिश्ते जब आते
(00:14:14)
हैं तो फिर एक मकसद के साथ आते हैं वामा
(00:14:18)
का मऊ वेरियन और नहीं हुआ करते वो तब
(00:14:22)
मोहलत दिए जान वाले यानी जब अल्लाह तालाब
(00:14:25)
फरिश्ते लेकर आते हैं तो फिर वह मोहलत
(00:14:28)
नहीं दिए जाएंगे उनको फिर कोई चेस तो
(00:14:31)
रिटर्न बैक नहीं मिलेगा और यह जो इजामत आप
(00:14:36)
सल्लल्लाहु अलेही वल्लम के ऊपर वो लोग
(00:14:37)
लगाएं वह खुद बहुत वक्त के साथ गलत साबित
(00:14:40)
हुए और फिर कुरान हाफ साबित होने के बाद
(00:14:43)
आप सल्लल्लाहु अलेही वल्लम के सचिन रसूल
(00:14:46)
साबित होने के बाद जो सोशल रिलिजियस
(00:14:50)
कल्चरल रिवॉल्यूशन अरबस में आया उसकी पुरी
(00:14:53)
दुनिया गवाह है अब के अंदर क्या-क्या चीज
(00:14:57)
थी क्या क्या बुराई या थीं औरतें का क्या
(00:15:00)
स्टेटस था वो साड़ी चीज जो है पुरी
(00:15:04)
हिस्ट्री इस चीज की गवाह है और आप
(00:15:06)
सल्लल्लाहु अलेही वल्लम का नाम अगर हम
(00:15:08)
इन्फ्लेशन पर्सनेलिटीज ऑफ जो है पास में
(00:15:11)
देखेंगे तो उनका टॉप नाम में आता है तो
(00:15:15)
फिर ये कलाम कल कहे इसको जो है जो सारे
(00:15:21)
मक्का अब यहां पर पागलपन का कलाम का रहे
(00:15:25)
हैं वो दुनिया का सबसे बेस्ट कलाम है
(00:15:27)
हमारे सामने है हम इसके गवाह है एवं नॉन-
(00:15:33)
मुस्लिम अरे अगर यूनिवर्सिटी में देखेंगे
(00:15:37)
या अरबी लैंग्वेज के लिए अगर हम दूसरे टॉप
(00:15:40)
क्लास के यूनिवर्सिटी में देखेंगे तो
(00:15:42)
कुरान अरबी लैंग्वेज पढ़ने के लिए यही एक
(00:15:46)
किताब है जो ली जाति है एवं यानी नॉन
(00:15:50)
मुस्लिम भी जो है अगर अरबी जुबान सीखने के
(00:15:53)
लिए कोई किताब लेते हैं तो फिर वो कुरान
(00:15:55)
ही है तो आप देखिए इतनी प्यारी किताब को
(00:15:58)
जो है ये कुफरे मक्का अपने गुरुर में अपने
(00:16:02)
इसको क्या का रहे हैं
(00:16:06)
तो फिर उसके बाद
(00:16:09)
हमने हम ही में यानी अलग-अलग
(00:16:13)
सेकंड टाइम अगेन हम ही ने
(00:16:17)
उतारा हमने जिक्र को यानी अल्लाह ताला ने
(00:16:21)
खुद अल्लाह ने इस जिक्र को यानी इस कुरान
(00:16:25)
को उतारा है तो इसको आम का तो मजा उड़ते
(00:16:29)
हो ये जिक्र है ये याद दिखानी है ये नसीहत
(00:16:33)
है और यह अल्लाह ने डबल टाइम वाला ताला
(00:16:36)
ताकि करें की अल्लाह ने यह ना आप
(00:16:39)
सल्लल्लाहु अलेही वल्लम का कलाम है ना
(00:16:40)
शैतान का कलाम है ना जिनका कलाम है ना
(00:16:43)
पागलपन का कलाम है बल्कि अल्लाह ने इसको
(00:16:46)
उतारा
(00:16:49)
फिजून और बेशक हम ही इसके लिए अलबत्ता
(00:16:54)
हिफाजत करने वाले हैं और अल्लाह ताला ने
(00:16:57)
इतनी प्यारी तरह से इसकी हिफाजत इतने
(00:17:00)
सालों से की की ना इसमें तब गली
(00:17:05)
इज़ाया हुआ ना इसकी कोई हिस में तहरीफ हुई
(00:17:09)
ना इसको कोई नुकसान पहुंच सके अल्लाह ताला
(00:17:12)
का रहे हैं यहां पर तुम इस जिक्र को इस
(00:17:15)
किताब को मामूली समझते हो इसका मजाक उड़ते
(00:17:19)
हो यह कौन सा जिक्र है कौन सी किताब है यह
(00:17:22)
अल्लाह की भेजी हुई किताब है इसकी हिफाजत
(00:17:26)
अल्लाह ताला का जम्मा है तो फिर अल्लाह
(00:17:29)
ताला
(00:17:32)
जब से लेकर आज कौन सा साल है 20-23 तक
(00:17:36)
यहां पर देखिए उसे जमाने में जब ये नाजिल
(00:17:39)
हुई जब नहा वो दूर में ना प्रेस था ना
(00:17:42)
रिकॉर्डिंग थी तो फिर अल्लाह ताला ने कैसे
(00:17:45)
उसको यू हैव टेकन एवरीथिंग इन डी बिगनिंग
(00:17:47)
ऑफ डी कोर्स ही कैसे अल्लाह ताला ने जो है
(00:17:50)
इस किताब की हिफाजत की इस किताब को
(00:17:53)
प्रिजर्व किया और जो है अब आप अगर हम
(00:17:56)
देखेंगे तो कोई ना इसके अंदर प्लस हुआ ना
(00:17:59)
कोई इसमें जो है माइंस वाला कोई एडिशन ना
(00:18:03)
कोई सब्सट्रैक्शन उसे जमाने में जब ना
(00:18:06)
फोटोकॉपी से ना रिकॉर्डिंग से ना कोई ऐसी
(00:18:10)
टूल्स थे एन कोई ऐसे सोर्सेस थे तब से
(00:18:13)
लेकर अब तक अल्लाह ताला ने ना के इसको
(00:18:17)
किताबें में ना की इसको वॉइस में बल्कि
(00:18:21)
इसको जो है इंसानों के सनों में भी जो है
(00:18:25)
प्रिजर्व क्या इंसानों की मेमोरी में भी
(00:18:27)
जो है
(00:18:28)
इसको प्रिजर्व
(00:18:30)
किया नहीं बड़ी बात है तो फिर ये
(00:18:34)
खुद का है की अगर कोई आम कलाम और आम किताब
(00:18:38)
नहीं है बल्कि यह हमारे रब हमारे खुदा
(00:18:42)
हमारे अल्लाह ताला की किताब अल्लाह ताला
(00:18:45)
का कलाम है और इसके अगर पूरे डिटेल आपको
(00:18:49)
लेना है ना तो फिर एक कर से इंट्रोडक्शन
(00:18:52)
उसके अंदर पूरे कुरान की वही किस तरह से
(00:18:56)
नाजिल भी किस तरह से प्रिजर्व हुई सब कुछ
(00:18:59)
जो है डिटेल में है प्लीज को थ्रू दत ओके
(00:19:02)
वाला साल ना और बताते हैं भेजो हमने
(00:19:07)
पहले यानी की से पहले आप सल्लल्लाहु अलेही
(00:19:10)
वल्लम से पहले
(00:19:13)
ग्रहों में यानी बहुत सारे सारे ग्रहण में
(00:19:17)
बहुत सारे ग्रुप में बहुत सारे इलाकों में
(00:19:19)
अल्लाह ताला के भेजें हुए रसूल
(00:19:25)
कोई रसूल इला कानू मगर थे वह भी साथ इसके
(00:19:30)
किसके रसूल के ज तहजीब उन वो मजाक उड़ते
(00:19:34)
मैंने आपसे
(00:19:38)
ही हुआ और वह लोग जो है उनके रसूल का मजाक
(00:19:42)
उड़ते मजाक का मतलब क्या है
(00:19:45)
इनकार करते हैं उनका अल्लाह का भेजो हुआ
(00:19:48)
रसूल नहीं मानते हैं फिर रसूल को छोड़कर
(00:19:50)
अल्लाह की बात को छोड़कर अपने मनमर्जी के
(00:19:53)
मुताबिक अमल करते जिंदगी गुजरते तो कुरान
(00:19:56)
भी उनके यानी कफर के मुशरिकीन के मर्जी के
(00:20:01)
ख्वाहिश के खिलाफ बात करती है क्योंकि वो
(00:20:05)
जो है तौहीद की बात करती है तो फिर वो
(00:20:07)
आपसे लगाले असलम का भी मजाक उदा रहे हैं
(00:20:09)
तो डोंट वारी पहले के खाम के साथ भी ऐसा
(00:20:11)
ही हुआ कजरी करना इसी तरह हम गुजरते हैं
(00:20:16)
इसको या फिर दाखिल करते हैं इसको किसको
(00:20:20)
मजाक को फिर कुल्लू बिल मुजरिमिन मुजरिमों
(00:20:24)
के दिलों में यानी जब हिदायत को वो
(00:20:27)
एक्सेप्ट नहीं करते गुमराही की वो बात
(00:20:30)
करते हैं तो फिर अल्लाह ताला शक उनके
(00:20:34)
दिलों में दाल देते हैं और मुजरिम क्या है
(00:20:37)
जो जुर्म करता है और जुर्म करने वाला कौन
(00:20:40)
है जो कानून के खिलाफ जाता है तो फिर
(00:20:43)
अल्लाह ताला को जो कानून है उसकी खिलाफ
(00:20:46)
यानी बात करता है तो फिर यहां पर सबसे में
(00:20:49)
चीज सहित
(00:21:01)
मीनू नहीं वह इनाम लेंगे
(00:21:07)
गलत गुजर चुका
(00:21:15)
सुन्नाहों की वजह से पहले भी ऐसी हुआ अगर
(00:21:18)
अब नहीं मानेंगे तो हज पर नहीं आएंगे तो
(00:21:20)
फिर अल्लाह तालाब उनके ऊपर आएगा मतलब और
(00:21:24)
अगर खोल दें हम ऑल ही उन पर बबन एक दरवाजा
(00:21:28)
माइनस सम ही आसमान से यानी आसमान में अगर
(00:21:31)
अल्लाह ताला उनके लिए रास्ता खोल दे पर
(00:21:34)
लल्लू तो वो शुरू होते लगता सी ही इसमें
(00:21:39)
और जीवन चढ़ना लगता हैं चढ़ जाते हैं यानी
(00:21:42)
आसमान में अगर अलग-अलग दरवाजे खोलने हैं
(00:21:45)
तो फिर वो आसमान के दरवाजा में चढ़ना लगता
(00:21:47)
हैं
(00:22:04)
उनके लिए
(00:22:10)
कुरान अल्लाह की किताब है उनके लिए सबूत
(00:22:13)
में अगर आसमान में दरवाजे खोल दिए जैन वो
(00:22:16)
उसमें चढ़कर भी चले जैन तो फिर वो यही भून
(00:22:19)
लेंगे हमारी अकाल कम नहीं कर रही है हमारे
(00:22:21)
ऊपर जादू हो गया है हमको सही जो है गलत हम
(00:22:25)
नहीं पहचान का रहे हैं यानी
(00:22:31)
को एक ही दरवाजे अगर खुला भी गया आसमान पर
(00:22:33)
वो चढ़ भी गए तो वो कहेंगे हमारे ऊपर या
(00:22:36)
तो जादू हो गया है हमको जो है हिप्नोटाइज
(00:22:39)
कर दिया गया है यानी बेसिकली यहां पर ये
(00:22:42)
कहा जा रहा है किसी भी तरह कन्वेंस होने
(00:22:44)
वाले नहीं हैं उनके दिल माने वाले नहीं है
(00:22:47)
हर प्रूफ उनको उल्टी लगती है और फिर वो
(00:22:52)
हुजूरबाजी करते हैं तो
(00:22:53)
इंकाफिरों के लिए बड़ी से बड़ा मौजूदा अगर
(00:22:57)
लाया जाए दिखाए जाए तो भी यह माने वाले
(00:23:01)
नहीं हैं वाला पद और अलबत्ता तहसील दाल ना
(00:23:04)
बनाए हमने सिर्फ समय आसमान में गुरु
(00:23:08)
जन्मबस पी ले मजहिया नहा और खूबसूरत बना
(00:23:12)
दिया हमने इसको लेना ग्रीन देखने वालों की
(00:23:15)
लिए अब यहां पर अलग-अलग तरह के आसमान में
(00:23:18)
हमने महफूज पीले बनाए अब और उसके नहा और
(00:23:24)
खूबसूरत बना दिया हमने इसको देखने वालों
(00:23:26)
के लिए नाही ने देखने वालों के लिए यानी
(00:23:28)
अब यहां पर अल्लाह ताला देखो आसमान में भी
(00:23:31)
निशानियां है कितनी प्यारी प्यारी
(00:23:34)
निशानियां है अगर तुम इसी तरह आसमान में
(00:23:36)
देखो अपने आंखों से तो भी जो है तुमको
(00:23:39)
बहुत ब्यूटीफुल आसमान लगेगा और अगर तुम
(00:23:42)
कुछ टूल्स और उससे देखोगे जैसे तेल उसको
(00:23:44)
वगैरा से तो भी तुम्हें बहुत ही ब्यूटीफुल
(00:23:47)
आसमान लगेगा और आसमान की जो यह है वह भी
(00:23:52)
देख कर तुम्हें
(00:24:00)
ठीक है अब ये स्ट्रांग रूम कंस्ट्रक्टेड
(00:24:03)
ऑन डी वाल्स पर सेफ्टी इसके मैंने आते हैं
(00:24:06)
या फिर प्लेस ऑफ सेफ्टी के मेन भी आते हैं
(00:24:11)
तो यहां पर आईटी कूद अलसो मीन ग्यालतेसी
(00:24:14)
तो इसके मेन भी इसके अंदर ए सकते हैं यानी
(00:24:19)
अगर हम आसमान को देखेंगे तो वहां पर
(00:24:23)
पूरे बिकॉज़ जो डी ग्रेविटेशनल फोर्स और
(00:24:26)
आर्बिट्स ये सब चीज जो इतनी स्ट्रांग है
(00:24:30)
एक पूरे सिले है अपने सिली अपने अपने हिले
(00:24:33)
में यानी अपने अपने जो उनका जो एरिया है
(00:24:37)
उसमें वो लोग सेफ अपने-अपने जो है उसमें
(00:24:40)
घूम रहे हैं तो दिस इस व्हाट आ जो है हम
(00:24:43)
शायद इसे कनक्लूड कर सकते हैं की पूरे
(00:24:46)
हेवनली बॉडीज अगर हम तारा प्लेन है
(00:24:49)
गैलेक्सी सबको देखेंगे तो सब अपने अपने
(00:24:52)
जगह अपने अपने जो है सेफ प्लेस पर है और
(00:24:56)
यह भी अलग-अलग ही बहुत बड़ी निशानियां में
(00:24:59)
से है अब ये भी एक इतनी बड़ी साइंस है
(00:25:02)
इनकी सितारों की मूवमेंट इसकी जो है स्टडी
(00:25:06)
यस सब चीज अगर हम देखेंगे तो ये सर निजाम
(00:25:12)
किसकी तरफ से है अल्लाह ताला की तरफ से है
(00:25:14)
फिर अलग-अलग का रहे हैं और हिफाजत की हमने
(00:25:18)
इसकी मीन कुंडली शैतान हर शैतानी मजबूत से
(00:25:23)
अब यहां पर अल्लाह ताला जो है का रहे हैं
(00:25:27)
की और हमने
(00:25:30)
हिफाजत की
(00:25:32)
हर शैतान मर्द से
(00:25:35)
अल्लाह ताला
(00:25:36)
[संगीत]
(00:25:37)
की कुरान की अल्लाह ताला हिफाजत की है
(00:25:40)
आफ्टर नजूल लेकिन बिफोर फिजूल भी अलग-अलग
(00:25:42)
की हिफाजत की है तो अब यहां
(00:25:47)
की जो है सितारों का जिक्र देखते हैं तो
(00:25:50)
सितारों को अलग-अलग जो है एक तीन मकसद जो
(00:25:53)
है उसे सितारों को अलग-अलग बना है या अपने
(00:25:55)
परपज ऑफ जो भी तारा है और जो
(00:25:59)
हमको इसमें आसमान में उसके तीन मकसद एलन
(00:26:02)
में बताएं एक तो जैसे जो है यहां पर
(00:26:04)
अलग-अलग बताए हैं वजाइना खूबसूरत बना दिया
(00:26:07)
हमने इसको देखने वालों के लिए यानी वन वे
(00:26:10)
लुक सब्सक्राइब लुक वेरी ब्यूटीफुल तू सी
(00:26:13)
जो दी तारा इन जो शाइनिंग जो हमको बॉडीज
(00:26:16)
दिखते हैं तो उसकी वजह से आसमान हमें बहुत
(00:26:18)
ही खूबसूरत दिखता है और भी दूसरा जो है
(00:26:20)
रास्तों के लिए तो अब तो जो है डायरेक्शंस
(00:26:23)
और ये देखने के लिए बहुत सारे टूल्स हो गए
(00:26:25)
हैं लेकिन जी जमाने में ये टूल्स नहीं थे
(00:26:28)
तो फिर सितारों को देखकर नोट ईस्ट वेस्ट
(00:26:30)
साउथ का जो है अंदाज़ लगाया जाता था तो
(00:26:33)
फिर डायरेक्शंस पता चलते थे और तीसरा जो
(00:26:37)
है तीन को करने के लिए यानी अब जी तरह
(00:26:41)
यहां पर भी बताया जा रहा है बहुत साड़ी
(00:26:43)
पुराण किया है तो उसे हमको यह पता चला है
(00:26:44)
की एक्चुअली था ये की कुरान की भूल से
(00:26:48)
पहले जो वही आसमान से अल्लाह ताला के पास
(00:26:51)
से नीचे उतार थी उससे पहले कुरान के नजूल
(00:26:55)
से पहले से आई जो है वो बहुत ऊपर ऊपर तक
(00:26:57)
आसमान में जाते लेकिन शायद ही देने जितना
(00:27:00)
भी है ना लेकिन में नो यू मस्त बी वेरी
(00:27:02)
क्लियर अबाउट दिस की जन्नत भी जो है
(00:27:04)
अल्लाह ताला के जिसमें से जो सर वाले जिन
(00:27:08)
होते हैं वह तीन होते हैं तो फिर वह तीन
(00:27:10)
जो संपद तक जाते लेकिन
(00:27:15)
स्टार्ट हुआ तो फिर वहां पर शायद इनकार
(00:27:19)
जाना बैंड कर दिया गया तार के ऊपर से नजूल
(00:27:23)
के टाइम पर भी वो कोई इनफॉरमेशन ना अचक ले
(00:27:25)
कोई जो है चीज ना पकड़ ले तो कुरान को जो
(00:27:30)
है अल्लाह ताला ने नजूल से पहले भी उसकी
(00:27:33)
जो है हिफाजत अलग-अलग ने कर दी और जैसे ही
(00:27:37)
वो जो है वहां पर कोई इनफॉरमेशन लेने के
(00:27:39)
लिए या फिर कोई चीज लेने के लिए आसमान पर
(00:27:42)
जाते तो फिर उनके ऊपर जो है एक जलता हुआ
(00:27:45)
जो है की आप फेंका जाता मैचराइज जो है
(00:27:47)
उनके ऊपर ठेका जाता है यानी जब ये बातें
(00:27:50)
सुनने जाते
(00:27:52)
तो जैसे आसमान पे यूजुअली तारीख गिरने
(00:27:55)
वाला जो कॉन्सेप्ट है एक्चुअली था एन आपने
(00:27:57)
साइंस में भी पढ़ा होगा की 2000 जो
(00:28:00)
मातूराज तारों का गिरने वाला जो वो है
(00:28:02)
लेकिन अफसोस की बात ये जब तारे गिरते हैं
(00:28:05)
एक्चुअली वो शायद तीन को जो है आसमान से
(00:28:08)
मार कर भगाया जाता है और इसकी दलील हमको
(00:28:12)
कुरान में और हदीस में मिलती है और अफसोस
(00:28:15)
की बात ये है की ये तारों का गिरना देख कर
(00:28:18)
लोग जो है क्या करते हैं दुआ करते हैं
(00:28:20)
जबकि इनको मारा जाता है तो जो है मार्कर
(00:28:26)
आसमान से भगाया जाता है तो फिर यहां से
(00:28:29)
क्या पता चला है की पहुंच आसमानों तक नहीं
(00:28:32)
है ना वो वहां फैला सकते हैं ना वहां की
(00:28:35)
खबरें ला सकते
(00:28:36)
हैं
(00:28:39)
मखलूक है इन्हें यह थोड़े से पावरफुल इस
(00:28:44)
जो है उसमें है की ट्रैवल वेरी फास्ट और
(00:28:47)
आसमानों तक जाते हैं और जा सकते हैं लेकिन
(00:28:51)
कुरान के नजूल से पहले वो बहुत ऊपर-ऊपर तक
(00:28:56)
जाते थे लेकिन अब और आज के रसूल के बाद
(00:28:59)
वहां पर जाना जो है उनका बैंड कर दिया गया
(00:29:03)
है और फिर उसको आज के जल से पहले कहलत जो
(00:29:06)
कहा ना जो है अगर आपकी खबरें लाना इसका ये
(00:29:09)
जो है कम बहुत ही टॉप पर था और ये जो कहीं
(00:29:13)
जो है जो है बताते हैं या बताते थे अभी भी
(00:29:17)
बताते हैं तो वह तीन की मदद से जो है क्या
(00:29:20)
करते हैं और इन्हें शायद इनको यहां वहां
(00:29:23)
भेजकर खबरें लेट हैं और आप सल्लल्लाहु
(00:29:26)
अलेही वल्लम के टाइम पर आपसे पहले भी ये
(00:29:28)
जो है की खबरें लाने वाले जो कहें होते
(00:29:31)
हैं वो खुद खूब अपना कम करते थे तो जो
(00:29:34)
कुरान में यह बताया गया है की हिस्ट्री के
(00:29:37)
बड़े में बताया गया है रसूल के बड़े में
(00:29:39)
बताया गया है अलग-अलग बहुत साड़ी राहत की
(00:29:41)
चीज जहां एन मां करात बहुत साड़ी बातें
(00:29:44)
बताई है तो आप सल्लल्लाहु अलेही वल्लम के
(00:29:45)
ऊपर भी कहानी का इल्जाम जो है लगाया गया
(00:29:49)
की नोस बिलही इस्लाम कहे ने और इस तरह की
(00:29:52)
खबरें बताते हैं लेकिन यहां पर ये भी
(00:29:54)
क्लियर किया जा रहा है की आप सल्लल्लाहु
(00:29:56)
अलेही वल्लम का हिंदी नहीं है आप
(00:29:58)
सल्लल्लाहु अलेही वल्लम इस तरह से तीन की
(00:30:00)
मदद से नहीं लेट हैं बल्कि ये जो खबरें दी
(00:30:03)
जा रही है अलग-अलग की तरफ से है और ये जो
(00:30:06)
कलाम है वो अल्लाह का कलाम है कोई जिनका
(00:30:09)
लाया हुआ कलाम नहीं है कोई जो है फिलासफी
(00:30:13)
नहीं है कोई झूठ नहीं है कोई जो है की खुद
(00:30:18)
की बात भी कहीं हुई नहीं है बल्कि ये
(00:30:20)
अल्लाह ताला की बात अलग अलग कलाम और
(00:30:24)
अल्लाह ताला की भेजी हुई किताब है अल्लाह
(00:30:27)
मनीष तारक मगर जी ने चूड़ा लिया कम और
(00:30:30)
सुना अठबाहु तो पीछा करना इसका शहाबुद्दीन
(00:30:35)
एक रोशन शोले ने यानी जो अभी मैं
(00:30:38)
एक्सप्लेन की थी आपको की जब अगर कोई चूड़ा
(00:30:41)
कर कोई बात अचक कर कोई बात आसमान से जो
(00:30:44)
रेप की खबर कोई जिम या कोई शैतान लेने की
(00:30:47)
कोशिश करता है तो फिर उसके ऊपर रोशनी शोला
(00:30:50)
जो है लगा दिया जाता है उसको करने के लिए
(00:30:53)
मैच्योर आए थे अब जी तरह आसमान में अल्लाह
(00:30:57)
ताला की निशानियां है उसे तरह जमीन में भी
(00:31:00)
अलग-अलग की निशानियां हैं वेल अरदा और
(00:31:02)
जमीन को मदद ना हां
(00:31:08)
पहले अब अल्लाह का रहे हैं की अल्लाह ताला
(00:31:11)
ने इस जमीन को फैला दिया है
(00:31:17)
इसमें हवा से आप पहाड़ ताकि ये साड़ी
(00:31:21)
फोर्सेस की वजह से जमीन में इंबैलेंस ना
(00:31:23)
हो इस वजह से अल्लाह ताला ने इसमें पहाड़
(00:31:26)
जो है डेल हैं फिर बचाना
(00:31:34)
हर तरह की चीज मौजूद
(00:31:43)
की तुली जाचिर रिक्वायर्ड है मैंने इस जो
(00:31:48)
है जमीन में जो जो जरूर की चीज हैं साड़ी
(00:31:52)
जरूर के मुताबिक है यानी ऐसा नहीं है की
(00:31:55)
सिर्फ ग्रेस है ऐसा नहीं है की सिर्फ फल
(00:31:57)
है ऐसा नहीं है की सिर्फ जो है सब्जा है
(00:32:00)
ऐसा नहीं है अगर हम फ्रूट्स वेजिटेबल्स
(00:32:03)
सी सब चीज देखेंगे तो जितनी जितनी
(00:32:07)
रिक्वायर्ड हैं जितनी जितनी जरूर है उतनी
(00:32:11)
उतनी अल्लाह ताला ने जमीन में मुनाफिक
(00:32:14)
तरीके से मुनाज से तोर से मुन्ना से
(00:32:16)
रिक्वायर्ड क्वांटिटी में साड़ी चीज उगाई
(00:32:19)
है वजह और ना अलग और बनाए हमने तुम्हारे
(00:32:23)
लिए सी है उसमें मैंने इस जमीन में
(00:32:26)
आयशा के असबाब यानी सामान्य जिंदगी ने
(00:32:29)
सामान्य जिंदगी इंसान को क्या-क्या चाहिए
(00:32:31)
खाना पीना कपड़ा मेटल स्कूल पेट्रोल गोल्ड
(00:32:35)
जो भी पत्थर हर चीज इंसान की जो जरूर की
(00:32:40)
है वह इंसान के लिए जमीन में ही है हमको
(00:32:42)
कहानी स्पेस जाना नहीं है जमीन छोड़कर
(00:32:44)
जाना नहीं है लेकिन जो भी हमें जिंदगी
(00:32:46)
गुजरते के लिए समाज चाहिए एवरीथिंग
(00:32:48)
अलग-अलग जमीन में रख दी है वो अमल ग
(00:32:54)
तो भी और भी क्लीन रजिया यानी तुम जिनको
(00:32:57)
नहीं खिलाने हो उनका भी रस हमने इस जमीन
(00:33:01)
में रख दिया है जैसे एनिमल से बर्ड्स से
(00:33:04)
इवेंट परजीवी छोटे-छोटे कीड़े मकोड़े
(00:33:07)
समुद्री जानवर ऊपर उड़ने वाले जो है
(00:33:10)
बड़े-बड़े परिंदों से लेकर छोटे-छोटे
(00:33:12)
परिंदे सब सब सब का रस भी जो है अल्लाह
(00:33:16)
ताला ने जमीन में रख दिया है अगर हम
(00:33:18)
देखेंगे की कुछ प्लांट से उनका रिस्क कैसे
(00:33:21)
फोटोस से होता है जो है उनका रिस्क बंता
(00:33:24)
है कुछ यूनिसेल्यूलर ऑर्गेनाइज जो होते
(00:33:27)
हैं उनकी बिल्कुल सेल वॉल से किस तरह
(00:33:31)
ऑस्मोसिस होता है किस तरह उनका फूड जो है
(00:33:34)
उन तक पहुंचता है या फिर बंता है हर चीज
(00:33:37)
का निजाम अल्लाह ताला ने बहुत ही
(00:33:41)
परफेक्टली किया है
(00:33:48)
मगर हमारे पास इन हो उसके ख़ज़ाने हैं
(00:33:53)
इतने साल से इतनी चीज जमीन में उसे हो रही
(00:33:57)
है क्या खत्म हुए आप देखेंगे मेटल भी उसे
(00:34:00)
हो रहा है गोल्ड भी उसे हो रहा है उसके
(00:34:03)
अलावा एक गैसेस ले ले उसके अलावा जो है
(00:34:06)
फ्यूल ले ले खाने-पीने सब चीज क्या इतने
(00:34:09)
सालों से खत्म हुआ है ये अल्लाह ताला की
(00:34:12)
कितनी बड़ी प्लानिंग है और कितना बड़ा
(00:34:15)
खजाना है दिल हो और नहीं हम उतारने इसको
(00:34:18)
इला मगर भी फादर
(00:34:21)
एक अंदाज देख के जो मालूम है अलग-अलग
(00:34:28)
को देखेंगे ना आप साइंस का एक-एक
(00:34:30)
कॉन्सेप्ट देखिए फूड चैस देखिए कैसे
(00:34:33)
अलग-अलग है साड़ी चीजों को कंट्रोल किया
(00:34:35)
है थ्रू फूड चैस सिर्फ कीड़े नहीं है
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सिर्फ शेरनी है सिर्फ चावल नहीं है सिर्फ
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आम नहीं है हर चीज जितनी जितनी रिवायत
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जहां जहां जैसे-जैसे जी जी चीज की जरूर है
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वहां वहां उतनी उतनी अलग है परफेक्टली
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फैला दी भी है परफेक्टली जो है इंसान और
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जानवर और जानवर और सबके लिए जो है अवेलेबल
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भी कर दी है और इसका इंतजाम अल्लाह ताला
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ने कैसे किया है वो और सल्लाला और भेजें
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हैं हमने और रिया हवाओं को अलावा
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बोझेल बनाकर यानी इतने लाइट की इतने हैवी
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बादलों को भी उदा कर ले जाते हैं और
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छोटे-छोटे पॉलिन से जो है पॉलिनेशन भी
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होता है और हवा जो है हमारी तबीयत भी कैसी
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ठंडी कर देती है और कैसी जो है एक खुशी
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फैला देती है फिर जो है कितना उससे अल्लाह
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ताला ने हमारे लिए क्या-क्या नहीं किया इन
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हवाओं को देखें तबीयत ताजा करने से लेकर
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बादलों को ले जान से लेकर एक प्लांट्स के
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पॉलिनेशन से लेकर अलग-अलग
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[संगीत]
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पिलाया हमने तुमको इसे यानी किसको पानी को
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अगर हम देखेंगे समंदर का अगर पानी अगर आप
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कभी टेस्ट किया होंगे तो इतना कड़वा और खर
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होता है लेकिन ये बारिश का पानी यह
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कंज्यूमेबल होता है बिल्कुल फ्रेश और
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स्वीट होता है तो अल्लाह ताला एन जो है
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सबको पायलट हैं हमें भी जमीन को भी दबाटड़
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को भी जानवर को भी इस बारिश का पानी
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नींद और नहीं तुम इसके लिए जखीरा करने
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वाली ये यानी कितना
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पानी पहाड़ों में जो अल्लाह ताला ने बर्फ
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की शक्ल में स्टोर किया है और ये बारिश का
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जो सिस्टम बनाया है अगर ये सिस्टम ना होता
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तो इंसान कैसे पानी जो है स्टोर कर पता
