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001 Juz 14 Part 1 Surah Al Hijr 1-22 (YouTube Video Transcript)

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Title: 001 Juz 14 Part 1 Surah Al Hijr 1-22
Duration: 00:36:28
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(00:00:00) Your YouTube transcript will appear here (00:00:00) ओ बनाया (00:00:23) [संगीत] (00:01:00) पनाह मांगते हैं अल्लाह वजन की खुद की (00:01:02) बुराइयों से तमाम बुरे केमोन से इसे भी (00:01:05) अल्लाह की हिदायत मिले उसे कोई गुमराह (00:01:06) नहीं कर सकता और जिसे अल्लाह ने गुमराह (00:01:08) किया उसे कोई हिदायत नहीं दे सकता हम (00:01:11) गवाही देते हैं की इबादत कदर सिर्फ अल्लाह (00:01:12) है और कोई उसका शरीक नहीं और गवाही देते (00:01:15) हैं की मोहम्मद सल्लल्लाहु अलेही वल्लम (00:01:17) अल्लाह ताला के बंदे और रसूल है अल्लाह (00:01:20) अपनी सलामती दीजिए अपने आखिरी नबी पर उनके (00:01:22) हिल पर उनके साहब पर अस्सलाम वालेकुम वी (00:01:25) रहमतुल्लाही वी बरकातहू जो भी हक में आप (00:01:28) लोगों के सामने पेस करूं हाल की तरफ से और (00:01:30) अगर मुझे कोई गलती हो जाए तो मेरी तरफ से (00:01:33) और शैतान की तरफ से (00:01:36) आज हम करेंगे (00:01:43) 15th सूरत है यह मक्के के दरमियां (00:02:03) के इलाके में रहने वालों का जिक्र है जो (00:02:06) कौन थी (00:02:08) इन लोगों ने रसूलू को झुठलाया तो अल्लाह (00:02:11) ताला ने इनके ऊपर अजब नाजिल किया और इनको (00:02:14) तबाह कर दिया का इलाका मदीने और (00:02:17) ताबूत के बीच में है (00:02:19) बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम शुरू करते हैं (00:02:21) अल्लाह के नाम से जो बहुत मेहरबान और (00:02:23) बार-बार रम करने वाला है अलिफ लम हा अलिफ (00:02:26) लम रा ये हस मुकद्दर है तिल का आईटीएल (00:02:29) किताब ये आयत है किताब की क और अन्य मोबीन (00:02:34) और रोशन खुराना की तो अब अल्लाह ताला ये (00:02:37) का रहे हैं की इस सूरत की जो आयत है या जो (00:02:40) आया तो पढ़ रहे हो वो जो है किसकी है (00:02:44) कुरान की है कुरान कौन सी किताब है (00:02:47) किताबें इलाही है और यह फिर सब चीजों को (00:02:51) खूल कर बयान करती है यानी ये एक कंप्लीट (00:02:54) किताब है अल्लाह ताला की तरफ से है हर चीज (00:02:59) अलग-अलग नहीं इसके अंदर खोल-खोल कर बयान (00:03:02) कर दी है (00:03:10) वह लोग जिन्होंने कुफ्र क्या लव कानून (00:03:15) केवी होते मुसलमान (00:03:19) पर कहा जा रहा है की अक्सर औकात या फिर (00:03:22) बाज औकात यानी बाजू या कभी-कभी (00:03:28) मुसलमान हो अब ये कौन सा वक्त है या कौन (00:03:31) सा टाइम है जब काफी लोग ये ख्वाहिश करते (00:03:36) या काश करते की हम मुसलमान हो अब ये (00:03:39) दुनिया में भी हो सकता है या आखिरत में भी (00:03:41) हो सकता है यूजुअली जब मुसलमान चैन से हो (00:03:45) अमन से हो कोई परेशानी नहीं हो और स्पेशली (00:03:49) वो सक्सेसफुल हो उर्स पर हो दुनिया में (00:03:53) उसे वक्त काफी जो है चाहते हैं काश हम भी (00:03:57) मुसलमान होते हैं जैसे वो सक्सेसफुल है हम (00:03:59) भी इन्हें बहुत सर ऐसा टाइम ऐसे इरास (00:04:03) गुजरे जिसमें मुसलमान बहुत सक्सेसफुल रहे (00:04:05) बहुत उरूज पर रहे बहुत कामयाब रहे बहुत (00:04:09) पावरफुल रहे (00:04:10) तो उसे वक्त जो है यह काफिर यह चाहते हैं (00:04:14) की हम भी जो है काश मुसलमान होते अगर इसको (00:04:18) हम दुनिया में जब वह चाहते हैं ये देखेंगे (00:04:22) आ उसके अलावा आप और मौत के वक्त जब वो जो (00:04:25) है काफिरों को जो रूखाप्स करने वाले और रू (00:04:28) को ले जान वाले फरिश्तों को देखेंगे तब भी (00:04:30) जो है वो चाहेंगे की काश हम मुसलमान होते (00:04:33) उसके अलावा पर कब्र में जब जहन्नम की जगह (00:04:36) उनको दिखाई जाएगी और जन्नत की जो है वो (00:04:40) नहीं होगी उनको कोई टेस्ट नहीं होगा तो (00:04:43) फिर वो क्या करेंगे जब भी ख्वाहिश करेंगे (00:04:45) की काश के हम दुनिया में मुसलमान होते और (00:04:48) हमारा ये हाल ना होता फिर कयामत के दिन (00:04:51) जैसे सूरत (00:05:08) के दिन तब भी जो है वह कहेंगे की काश हम (00:05:12) मुसलमान होते फिर जब पहले इनाम जन्नत में (00:05:15) दाखिल होंगे तब भी जो है वो कहेंगे की काश (00:05:18) हम दुनिया में मुसलमान के साथ होते और हम (00:05:21) इनाम लेकर (00:05:22) फिर जहन्नुम में जान के बाद जब आप (00:05:25) सल्लल्लाहु अलेही वल्लम की शिफात से जो (00:05:28) कुछ इनाम वाले उनका जो है ट्रांसफर से (00:05:32) जहन्नुम से जन्नत में हो जाएगा तब भी वो (00:05:35) हजरत करेगी की काश हम मुसलमान होते तो अब (00:05:39) ये इंसान क्या है अगर दुनिया में इनाम (00:05:43) लेकर आता और मुसलमान होता तो उसका जो है (00:05:46) मखारत का उसका जन्नत में जान का उसका (00:05:49) अल्लाह ताला के अजब से बचाने का कोई ना (00:05:51) कोई तो चेस था लेकिन जब इंसान ये सिर्फ के (00:05:56) चक्कर से नहीं निकलेगा तो फिर कभी भी (00:05:59) कामयाब नहीं हो सकता है (00:06:02) छोड़ दो उनको यानी (00:06:06) हक और सच और खली और बजे किताब को पेस करने (00:06:12) के बाद भी वो लोग इनाम नहीं लेकर आते हैं (00:06:17) सच्चाई को नहीं एक्सेप्ट करते हैं और फिर (00:06:21) वह जहन्नुम की कर रहे हैं जन्नत के तरफ (00:06:24) नहीं ए रहे हैं तो फिर अलग-अलग का रहे हैं (00:06:27) की छोड़ दो उनको या कुल्लू खाएं वह (00:06:32) और फायदे उठा यानी वो दुनिया के फायदे उठा (00:06:36) रहे हैं का रहे हैं पी रहे हैं दुनिया के (00:06:39) पीछे पड़े हुए हैं दुनिया में खाना पीना (00:06:42) ने गाना म्यूजिक डांस शराब और पुरी जो है (00:06:48) बटन की जिंदगी और क्या-क्या नहीं कर रहे (00:06:52) हैं तो फिर अलग-अलग का रहे हैं तुम उनको (00:06:55) छोड़ दो उनको जो है वो तुम्हारी बात नहीं (00:06:58) मानते वैसे भी छोड़ दो और तुम उनकी तरह मत (00:07:02) बानो क्योंकि मन की असर जिंदगी तो जन्नत (00:07:06) की जिंदगी है (00:07:15) उनकी जो है उम्मीदें उनको बहुत राफेल बना (00:07:20) दी है क्योंकि वो दुनिया में इतना फिर भी (00:07:23) हो गए हैं की वह अपनी जिंदगी का अल मकसद (00:07:26) भूल गए हैं अपनी जिंदगी का अल मकसद जो (00:07:30) जन्नत तक जाना है जहन्नुम से बचाना है (00:07:34) अल्लाह को राजी करना है तो फिर वो भूल गए (00:07:37) हैं उससे रफिल हो गए हैं और दुनिया की (00:07:41) उम्मीदें ये साड़ी चीज उनके लिए (00:07:45) प्रायोरिटी बन गई है और फिर ऐसी उम्मीदें (00:07:49) हैं की आखिरत में हमको फुल बच्चा लेंगे (00:07:52) आखिरत में जो है इस तरह बैक जाएंगे ये (00:07:56) ग्रुप में मिलकर हम निकाल जाएंगे यह तमाम (00:07:59) आरजूएं और उम्मीद ने जो है ना उनको अपने (00:08:02) मेल मोटो मेल मकसद में ऑफ जिंदगी में गोला (00:08:07) जिंदगी से जो है हटा दिया है और वो कफील (00:08:10) हो गए हैं (00:08:13) यहां पे धमकी दी जा रही है क्या धमकी दी (00:08:17) जा रही है की कल उनको पता चल जाएगा की इस (00:08:21) दुनिया के की जो तुम हासिल हो गए हो तुम (00:08:25) को कल पता चल जाए (00:08:29) अन्हू से रिवायत है आप सल्लल्लाहु अलेही (00:08:32) वल्लम ने कहा अल्लाह ताला उसे शख्स से (00:08:34) नफरत करता है जो सख्त मिजाज हो ज्यादा (00:08:37) खाने वाला हो बाजरो में चखने वाला हूं (00:08:40) रास्ते में मुर्दे की तरफ पड़ा सता रहे (00:08:43) यानी जगह जहां पर जगह मिल जाए सो जाता है (00:08:45) दिन में गधे की तरह हो यानी अपने जो फर्ज (00:08:49) है अपने जो एप्लीकेशंस है उससे बेफिक्रा (00:08:52) हो और दुनिया के मामलात को जन वाला और (00:08:55) आखिरत के बिल्कुल जल हो तो अलग-अलग जो है (00:09:00) ऐसे लोगों से नफरत करते हैं तो इसमें कौन (00:09:03) है जो आखरत के मामलों से राफेल होता है (00:09:06) आखिरत से कफील होता है तो अलग-अलग ऐसे (00:09:08) इंसान से नफरत करते हैं अल्लाह ताला हमको (00:09:11) बच्चा कर रखें और अल्लाह तरह की नफरत से (00:09:13) भी बच्चा कर रखिए ऐसे अमाल से भी बच्चा कर (00:09:16) रखें अल्लाह ताला हमसे हमेशा मोहब्बत करें (00:09:22) हालात किया हमने मीनार यकीन किसी बस्ती को (00:09:25) इला मगर अलाह और उसके लिए किताबें मालूम (00:09:31) किताब थी लिखी हुई यानी प्लांट थी रिकॉर्ड (00:09:35) थी मालूम मालूम है यानी अल्लाह ताला को यह (00:09:39) बात बता थी की इस बस्ती को किस वक्त तक (00:09:43) मोहलत दी जाएगी यानी अब अल्लाह ताला यहां (00:09:46) पर का रहे हैं अल्लाह ताला ने हालात नहीं (00:09:49) किया किसी बस्ती को मगर उसका जो एक फिक्स (00:09:53) टाइम था मालूम अल्लाह ताला के पास प्लांट (00:09:56) अलग अलग के पास रिकॉर्ड एक टाइम था तब तक (00:09:59) उसे बस्ती को जो है मोहलत दी गई उनके पास (00:10:02) रसूल को भेजो गया उनको जो है क्या कहते (00:10:06) हैं अपने उनके पास अल्लाह ताला की बात आई (00:10:09) तो हिट की बात आई लेकिन वो फिक्स टाइम तक (00:10:12) नहीं सुधरे तो फिर अलग तरह ने उनको पकड़ (00:10:15) लिया यानी यहां पर एकदम की दी जा रही है (00:10:18) अलग-अलग तरह देखिए जैसे हर बस्ती का एक (00:10:21) मालूम वक्त है या वक्त था उसे तरह हर भी (00:10:25) एक मालूम वक्त है तो जब तक तुम सुधार जो (00:10:29) वरना फिर जी तरह पिछले कौमों के ऊपर (00:10:32) अल्लाह का अजब आया उसे तरह अल्लाह का अजब (00:10:35) किसी के उभर ऊपर भी ए सकता है मानस याहू (00:10:39) नहीं आगे जा शक्ति या संपत कर शक्ति मीन (00:10:43) उम्मतिन कोई उम्मत या कोई कॉम एन जलाहा (00:10:47) अपने मुकाहार वक्त से यानी अल्लाह ताला जब (00:10:51) फैसला करते हैं अल्लाह ताला जब किसी की (00:10:53) हालाकात का वक्त लिखने हैं तो फिर इसके (00:10:56) नोट भी पोस्टपोन वामा और नहीं यह (00:11:00) रूलाताफिर कर सकते हैं यानी ना जो है वक्त (00:11:04) से पहले अजब ए सकता है ना वक्त के बाद अजब (00:11:08) आएगा यहां पर (00:11:10) नहीं आगे जा शक्ति सबक कर शक्ति और यहां (00:11:14) पर (00:11:16) वो नहीं हो सकता वक्त से पहले भी नहीं हो (00:11:20) सकता अगर (00:11:23) आलू और उन्होंने कहा (00:11:27) और इनकी जो ज़िद थी इनकी जहालत थी इनके (00:11:31) अल्फाज से पता चला है या यूं ही वो शख्स (00:11:35) निजजिला उतारा गया अलेही जी पर एजिक रूप (00:11:40) जिक्र यानी यहां पर विक्रय से मुराद पूरा (00:11:42) आज है क्योंकि जिक्र का मतलब जो है अरबी (00:11:46) में नसीहत होता है ये एक नसीहत वाली किताब (00:11:49) है याद दिहानी के मेन भी जो है होते हैं (00:11:52) तो उन लोगों ने कहा एवर यानी आप देखिए (00:11:56) उनकी अल्फाज कैसे हैं की उतारा गया जी पर (00:12:00) जिक्र यानी कुरान इन का यकीनन तू लामा (00:12:04) जुनून अलबत्ता मजदूरी यानी अब ये वही जो (00:12:07) कुरान की थी उसको यह का रहे हैं की ये (00:12:12) पागलपन है और तुम तो पागल हो यानी के के (00:12:16) उनको (00:12:17) शक ना करने की बात करें सब खुदाओं को (00:12:20) छोड़कर हम सिर्फ एक खुदा की इबादत करें (00:12:24) हमारे जो भूतों की इबादत की खिलाफ तुम (00:12:29) बात हो दुनिया ही फायदे को छोड़कर आखिरत (00:12:32) ओरिएंटेड जिंदगी जो है गुजरते के लिए जो (00:12:36) का रहे हो (00:12:37) वह जो है कुरान को फॉलो करने के लिए का (00:12:40) रहे हो तो फिर उनको यह पागलपन वाली बात (00:12:44) लगती थी तो वो लोग का रहे हैं की नॉस्बिला (00:12:47) आप सल्लल्लाहु अलेही वल्लम को की बेशक आप (00:12:50) तो क्या है अलबत्ता मजनू है फिर आगे उन (00:12:52) लोगों ने कहा लव मां क्यों नहीं टीना लेट (00:12:56) तुम हमारे पास बिल्ला थी फरिश्तों को यानी (00:13:00) हम जो है अहले मक्का से खाने लगे हम आपको (00:13:03) नदी जो है तब मानेंगे अगर आप हमारे पास जो (00:13:07) है फरिश्ते लेकर आए यानी तुम तो आप इंसान (00:13:10) हो हम अगर मैन हमें लवाना है या फिर हमको (00:13:13) यह यकीन होना है की आप अल्लाह के रसूल है (00:13:16) या अल्लाह के भेजें हुए जो है नबी है तो (00:13:19) फिर हमारे पास फरिश्ते लेकर आओ इनको तमिल (00:13:22) अगर है तो सच में से यानी तुम अगर अल्लाह (00:13:25) ताला के वाकई भेजें हुए रसूल हो कुरान है (00:13:28) अगर तुम्हारी बात है सच्ची है तो तुम क्या (00:13:30) करो फरिश्तों को जो है लेकर आओ तो अब यहां (00:13:33) पर उसका जवाब क्या दिया जाए (00:13:51) कुरान की जो वही है तो वो लेकर आते हैं या (00:13:55) फिर अजब लेकर आते हैं अजब जो है (00:13:57) इंडिविजुअल लेवल पर भी ला सकते हैं (00:13:59) कलेक्टिव लेवल पर भी ला सकते हैं बदर में (00:14:02) भी अजब लेकर आए वो लोग तो फिर जो है यहां (00:14:06) पर कहा जा रहा है की फरिश्ते ऐसे तुम्हारे (00:14:08) डिमांड पर तुम जब चाहे बुला लो तुम्हें जो (00:14:11) है सामने कर देंगे नहीं फरिश्ते जब आते (00:14:14) हैं तो फिर एक मकसद के साथ आते हैं वामा (00:14:18) का मऊ वेरियन और नहीं हुआ करते वो तब (00:14:22) मोहलत दिए जान वाले यानी जब अल्लाह तालाब (00:14:25) फरिश्ते लेकर आते हैं तो फिर वह मोहलत (00:14:28) नहीं दिए जाएंगे उनको फिर कोई चेस तो (00:14:31) रिटर्न बैक नहीं मिलेगा और यह जो इजामत आप (00:14:36) सल्लल्लाहु अलेही वल्लम के ऊपर वो लोग (00:14:37) लगाएं वह खुद बहुत वक्त के साथ गलत साबित (00:14:40) हुए और फिर कुरान हाफ साबित होने के बाद (00:14:43) आप सल्लल्लाहु अलेही वल्लम के सचिन रसूल (00:14:46) साबित होने के बाद जो सोशल रिलिजियस (00:14:50) कल्चरल रिवॉल्यूशन अरबस में आया उसकी पुरी (00:14:53) दुनिया गवाह है अब के अंदर क्या-क्या चीज (00:14:57) थी क्या क्या बुराई या थीं औरतें का क्या (00:15:00) स्टेटस था वो साड़ी चीज जो है पुरी (00:15:04) हिस्ट्री इस चीज की गवाह है और आप (00:15:06) सल्लल्लाहु अलेही वल्लम का नाम अगर हम (00:15:08) इन्फ्लेशन पर्सनेलिटीज ऑफ जो है पास में (00:15:11) देखेंगे तो उनका टॉप नाम में आता है तो (00:15:15) फिर ये कलाम कल कहे इसको जो है जो सारे (00:15:21) मक्का अब यहां पर पागलपन का कलाम का रहे (00:15:25) हैं वो दुनिया का सबसे बेस्ट कलाम है (00:15:27) हमारे सामने है हम इसके गवाह है एवं नॉन- (00:15:33) मुस्लिम अरे अगर यूनिवर्सिटी में देखेंगे (00:15:37) या अरबी लैंग्वेज के लिए अगर हम दूसरे टॉप (00:15:40) क्लास के यूनिवर्सिटी में देखेंगे तो (00:15:42) कुरान अरबी लैंग्वेज पढ़ने के लिए यही एक (00:15:46) किताब है जो ली जाति है एवं यानी नॉन (00:15:50) मुस्लिम भी जो है अगर अरबी जुबान सीखने के (00:15:53) लिए कोई किताब लेते हैं तो फिर वो कुरान (00:15:55) ही है तो आप देखिए इतनी प्यारी किताब को (00:15:58) जो है ये कुफरे मक्का अपने गुरुर में अपने (00:16:02) इसको क्या का रहे हैं (00:16:06) तो फिर उसके बाद (00:16:09) हमने हम ही में यानी अलग-अलग (00:16:13) सेकंड टाइम अगेन हम ही ने (00:16:17) उतारा हमने जिक्र को यानी अल्लाह ताला ने (00:16:21) खुद अल्लाह ने इस जिक्र को यानी इस कुरान (00:16:25) को उतारा है तो इसको आम का तो मजा उड़ते (00:16:29) हो ये जिक्र है ये याद दिखानी है ये नसीहत (00:16:33) है और यह अल्लाह ने डबल टाइम वाला ताला (00:16:36) ताकि करें की अल्लाह ने यह ना आप (00:16:39) सल्लल्लाहु अलेही वल्लम का कलाम है ना (00:16:40) शैतान का कलाम है ना जिनका कलाम है ना (00:16:43) पागलपन का कलाम है बल्कि अल्लाह ने इसको (00:16:46) उतारा (00:16:49) फिजून और बेशक हम ही इसके लिए अलबत्ता (00:16:54) हिफाजत करने वाले हैं और अल्लाह ताला ने (00:16:57) इतनी प्यारी तरह से इसकी हिफाजत इतने (00:17:00) सालों से की की ना इसमें तब गली (00:17:05) इज़ाया हुआ ना इसकी कोई हिस में तहरीफ हुई (00:17:09) ना इसको कोई नुकसान पहुंच सके अल्लाह ताला (00:17:12) का रहे हैं यहां पर तुम इस जिक्र को इस (00:17:15) किताब को मामूली समझते हो इसका मजाक उड़ते (00:17:19) हो यह कौन सा जिक्र है कौन सी किताब है यह (00:17:22) अल्लाह की भेजी हुई किताब है इसकी हिफाजत (00:17:26) अल्लाह ताला का जम्मा है तो फिर अल्लाह (00:17:29) ताला (00:17:32) जब से लेकर आज कौन सा साल है 20-23 तक (00:17:36) यहां पर देखिए उसे जमाने में जब ये नाजिल (00:17:39) हुई जब नहा वो दूर में ना प्रेस था ना (00:17:42) रिकॉर्डिंग थी तो फिर अल्लाह ताला ने कैसे (00:17:45) उसको यू हैव टेकन एवरीथिंग इन डी बिगनिंग (00:17:47) ऑफ डी कोर्स ही कैसे अल्लाह ताला ने जो है (00:17:50) इस किताब की हिफाजत की इस किताब को (00:17:53) प्रिजर्व किया और जो है अब आप अगर हम (00:17:56) देखेंगे तो कोई ना इसके अंदर प्लस हुआ ना (00:17:59) कोई इसमें जो है माइंस वाला कोई एडिशन ना (00:18:03) कोई सब्सट्रैक्शन उसे जमाने में जब ना (00:18:06) फोटोकॉपी से ना रिकॉर्डिंग से ना कोई ऐसी (00:18:10) टूल्स थे एन कोई ऐसे सोर्सेस थे तब से (00:18:13) लेकर अब तक अल्लाह ताला ने ना के इसको (00:18:17) किताबें में ना की इसको वॉइस में बल्कि (00:18:21) इसको जो है इंसानों के सनों में भी जो है (00:18:25) प्रिजर्व क्या इंसानों की मेमोरी में भी (00:18:27) जो है (00:18:28) इसको प्रिजर्व (00:18:30) किया नहीं बड़ी बात है तो फिर ये (00:18:34) खुद का है की अगर कोई आम कलाम और आम किताब (00:18:38) नहीं है बल्कि यह हमारे रब हमारे खुदा (00:18:42) हमारे अल्लाह ताला की किताब अल्लाह ताला (00:18:45) का कलाम है और इसके अगर पूरे डिटेल आपको (00:18:49) लेना है ना तो फिर एक कर से इंट्रोडक्शन (00:18:52) उसके अंदर पूरे कुरान की वही किस तरह से (00:18:56) नाजिल भी किस तरह से प्रिजर्व हुई सब कुछ (00:18:59) जो है डिटेल में है प्लीज को थ्रू दत ओके (00:19:02) वाला साल ना और बताते हैं भेजो हमने (00:19:07) पहले यानी की से पहले आप सल्लल्लाहु अलेही (00:19:10) वल्लम से पहले (00:19:13) ग्रहों में यानी बहुत सारे सारे ग्रहण में (00:19:17) बहुत सारे ग्रुप में बहुत सारे इलाकों में (00:19:19) अल्लाह ताला के भेजें हुए रसूल (00:19:25) कोई रसूल इला कानू मगर थे वह भी साथ इसके (00:19:30) किसके रसूल के ज तहजीब उन वो मजाक उड़ते (00:19:34) मैंने आपसे (00:19:38) ही हुआ और वह लोग जो है उनके रसूल का मजाक (00:19:42) उड़ते मजाक का मतलब क्या है (00:19:45) इनकार करते हैं उनका अल्लाह का भेजो हुआ (00:19:48) रसूल नहीं मानते हैं फिर रसूल को छोड़कर (00:19:50) अल्लाह की बात को छोड़कर अपने मनमर्जी के (00:19:53) मुताबिक अमल करते जिंदगी गुजरते तो कुरान (00:19:56) भी उनके यानी कफर के मुशरिकीन के मर्जी के (00:20:01) ख्वाहिश के खिलाफ बात करती है क्योंकि वो (00:20:05) जो है तौहीद की बात करती है तो फिर वो (00:20:07) आपसे लगाले असलम का भी मजाक उदा रहे हैं (00:20:09) तो डोंट वारी पहले के खाम के साथ भी ऐसा (00:20:11) ही हुआ कजरी करना इसी तरह हम गुजरते हैं (00:20:16) इसको या फिर दाखिल करते हैं इसको किसको (00:20:20) मजाक को फिर कुल्लू बिल मुजरिमिन मुजरिमों (00:20:24) के दिलों में यानी जब हिदायत को वो (00:20:27) एक्सेप्ट नहीं करते गुमराही की वो बात (00:20:30) करते हैं तो फिर अल्लाह ताला शक उनके (00:20:34) दिलों में दाल देते हैं और मुजरिम क्या है (00:20:37) जो जुर्म करता है और जुर्म करने वाला कौन (00:20:40) है जो कानून के खिलाफ जाता है तो फिर (00:20:43) अल्लाह ताला को जो कानून है उसकी खिलाफ (00:20:46) यानी बात करता है तो फिर यहां पर सबसे में (00:20:49) चीज सहित (00:21:01) मीनू नहीं वह इनाम लेंगे (00:21:07) गलत गुजर चुका (00:21:15) सुन्नाहों की वजह से पहले भी ऐसी हुआ अगर (00:21:18) अब नहीं मानेंगे तो हज पर नहीं आएंगे तो (00:21:20) फिर अल्लाह तालाब उनके ऊपर आएगा मतलब और (00:21:24) अगर खोल दें हम ऑल ही उन पर बबन एक दरवाजा (00:21:28) माइनस सम ही आसमान से यानी आसमान में अगर (00:21:31) अल्लाह ताला उनके लिए रास्ता खोल दे पर (00:21:34) लल्लू तो वो शुरू होते लगता सी ही इसमें (00:21:39) और जीवन चढ़ना लगता हैं चढ़ जाते हैं यानी (00:21:42) आसमान में अगर अलग-अलग दरवाजे खोलने हैं (00:21:45) तो फिर वो आसमान के दरवाजा में चढ़ना लगता (00:21:47) हैं (00:22:04) उनके लिए (00:22:10) कुरान अल्लाह की किताब है उनके लिए सबूत (00:22:13) में अगर आसमान में दरवाजे खोल दिए जैन वो (00:22:16) उसमें चढ़कर भी चले जैन तो फिर वो यही भून (00:22:19) लेंगे हमारी अकाल कम नहीं कर रही है हमारे (00:22:21) ऊपर जादू हो गया है हमको सही जो है गलत हम (00:22:25) नहीं पहचान का रहे हैं यानी (00:22:31) को एक ही दरवाजे अगर खुला भी गया आसमान पर (00:22:33) वो चढ़ भी गए तो वो कहेंगे हमारे ऊपर या (00:22:36) तो जादू हो गया है हमको जो है हिप्नोटाइज (00:22:39) कर दिया गया है यानी बेसिकली यहां पर ये (00:22:42) कहा जा रहा है किसी भी तरह कन्वेंस होने (00:22:44) वाले नहीं हैं उनके दिल माने वाले नहीं है (00:22:47) हर प्रूफ उनको उल्टी लगती है और फिर वो (00:22:52) हुजूरबाजी करते हैं तो (00:22:53) इंकाफिरों के लिए बड़ी से बड़ा मौजूदा अगर (00:22:57) लाया जाए दिखाए जाए तो भी यह माने वाले (00:23:01) नहीं हैं वाला पद और अलबत्ता तहसील दाल ना (00:23:04) बनाए हमने सिर्फ समय आसमान में गुरु (00:23:08) जन्मबस पी ले मजहिया नहा और खूबसूरत बना (00:23:12) दिया हमने इसको लेना ग्रीन देखने वालों की (00:23:15) लिए अब यहां पर अलग-अलग तरह के आसमान में (00:23:18) हमने महफूज पीले बनाए अब और उसके नहा और (00:23:24) खूबसूरत बना दिया हमने इसको देखने वालों (00:23:26) के लिए नाही ने देखने वालों के लिए यानी (00:23:28) अब यहां पर अल्लाह ताला देखो आसमान में भी (00:23:31) निशानियां है कितनी प्यारी प्यारी (00:23:34) निशानियां है अगर तुम इसी तरह आसमान में (00:23:36) देखो अपने आंखों से तो भी जो है तुमको (00:23:39) बहुत ब्यूटीफुल आसमान लगेगा और अगर तुम (00:23:42) कुछ टूल्स और उससे देखोगे जैसे तेल उसको (00:23:44) वगैरा से तो भी तुम्हें बहुत ही ब्यूटीफुल (00:23:47) आसमान लगेगा और आसमान की जो यह है वह भी (00:23:52) देख कर तुम्हें (00:24:00) ठीक है अब ये स्ट्रांग रूम कंस्ट्रक्टेड (00:24:03) ऑन डी वाल्स पर सेफ्टी इसके मैंने आते हैं (00:24:06) या फिर प्लेस ऑफ सेफ्टी के मेन भी आते हैं (00:24:11) तो यहां पर आईटी कूद अलसो मीन ग्यालतेसी (00:24:14) तो इसके मेन भी इसके अंदर ए सकते हैं यानी (00:24:19) अगर हम आसमान को देखेंगे तो वहां पर (00:24:23) पूरे बिकॉज़ जो डी ग्रेविटेशनल फोर्स और (00:24:26) आर्बिट्स ये सब चीज जो इतनी स्ट्रांग है (00:24:30) एक पूरे सिले है अपने सिली अपने अपने हिले (00:24:33) में यानी अपने अपने जो उनका जो एरिया है (00:24:37) उसमें वो लोग सेफ अपने-अपने जो है उसमें (00:24:40) घूम रहे हैं तो दिस इस व्हाट आ जो है हम (00:24:43) शायद इसे कनक्लूड कर सकते हैं की पूरे (00:24:46) हेवनली बॉडीज अगर हम तारा प्लेन है (00:24:49) गैलेक्सी सबको देखेंगे तो सब अपने अपने (00:24:52) जगह अपने अपने जो है सेफ प्लेस पर है और (00:24:56) यह भी अलग-अलग ही बहुत बड़ी निशानियां में (00:24:59) से है अब ये भी एक इतनी बड़ी साइंस है (00:25:02) इनकी सितारों की मूवमेंट इसकी जो है स्टडी (00:25:06) यस सब चीज अगर हम देखेंगे तो ये सर निजाम (00:25:12) किसकी तरफ से है अल्लाह ताला की तरफ से है (00:25:14) फिर अलग-अलग का रहे हैं और हिफाजत की हमने (00:25:18) इसकी मीन कुंडली शैतान हर शैतानी मजबूत से (00:25:23) अब यहां पर अल्लाह ताला जो है का रहे हैं (00:25:27) की और हमने (00:25:30) हिफाजत की (00:25:32) हर शैतान मर्द से (00:25:35) अल्लाह ताला (00:25:36) [संगीत] (00:25:37) की कुरान की अल्लाह ताला हिफाजत की है (00:25:40) आफ्टर नजूल लेकिन बिफोर फिजूल भी अलग-अलग (00:25:42) की हिफाजत की है तो अब यहां (00:25:47) की जो है सितारों का जिक्र देखते हैं तो (00:25:50) सितारों को अलग-अलग जो है एक तीन मकसद जो (00:25:53) है उसे सितारों को अलग-अलग बना है या अपने (00:25:55) परपज ऑफ जो भी तारा है और जो (00:25:59) हमको इसमें आसमान में उसके तीन मकसद एलन (00:26:02) में बताएं एक तो जैसे जो है यहां पर (00:26:04) अलग-अलग बताए हैं वजाइना खूबसूरत बना दिया (00:26:07) हमने इसको देखने वालों के लिए यानी वन वे (00:26:10) लुक सब्सक्राइब लुक वेरी ब्यूटीफुल तू सी (00:26:13) जो दी तारा इन जो शाइनिंग जो हमको बॉडीज (00:26:16) दिखते हैं तो उसकी वजह से आसमान हमें बहुत (00:26:18) ही खूबसूरत दिखता है और भी दूसरा जो है (00:26:20) रास्तों के लिए तो अब तो जो है डायरेक्शंस (00:26:23) और ये देखने के लिए बहुत सारे टूल्स हो गए (00:26:25) हैं लेकिन जी जमाने में ये टूल्स नहीं थे (00:26:28) तो फिर सितारों को देखकर नोट ईस्ट वेस्ट (00:26:30) साउथ का जो है अंदाज़ लगाया जाता था तो (00:26:33) फिर डायरेक्शंस पता चलते थे और तीसरा जो (00:26:37) है तीन को करने के लिए यानी अब जी तरह (00:26:41) यहां पर भी बताया जा रहा है बहुत साड़ी (00:26:43) पुराण किया है तो उसे हमको यह पता चला है (00:26:44) की एक्चुअली था ये की कुरान की भूल से (00:26:48) पहले जो वही आसमान से अल्लाह ताला के पास (00:26:51) से नीचे उतार थी उससे पहले कुरान के नजूल (00:26:55) से पहले से आई जो है वो बहुत ऊपर ऊपर तक (00:26:57) आसमान में जाते लेकिन शायद ही देने जितना (00:27:00) भी है ना लेकिन में नो यू मस्त बी वेरी (00:27:02) क्लियर अबाउट दिस की जन्नत भी जो है (00:27:04) अल्लाह ताला के जिसमें से जो सर वाले जिन (00:27:08) होते हैं वह तीन होते हैं तो फिर वह तीन (00:27:10) जो संपद तक जाते लेकिन (00:27:15) स्टार्ट हुआ तो फिर वहां पर शायद इनकार (00:27:19) जाना बैंड कर दिया गया तार के ऊपर से नजूल (00:27:23) के टाइम पर भी वो कोई इनफॉरमेशन ना अचक ले (00:27:25) कोई जो है चीज ना पकड़ ले तो कुरान को जो (00:27:30) है अल्लाह ताला ने नजूल से पहले भी उसकी (00:27:33) जो है हिफाजत अलग-अलग ने कर दी और जैसे ही (00:27:37) वो जो है वहां पर कोई इनफॉरमेशन लेने के (00:27:39) लिए या फिर कोई चीज लेने के लिए आसमान पर (00:27:42) जाते तो फिर उनके ऊपर जो है एक जलता हुआ (00:27:45) जो है की आप फेंका जाता मैचराइज जो है (00:27:47) उनके ऊपर ठेका जाता है यानी जब ये बातें (00:27:50) सुनने जाते (00:27:52) तो जैसे आसमान पे यूजुअली तारीख गिरने (00:27:55) वाला जो कॉन्सेप्ट है एक्चुअली था एन आपने (00:27:57) साइंस में भी पढ़ा होगा की 2000 जो (00:28:00) मातूराज तारों का गिरने वाला जो वो है (00:28:02) लेकिन अफसोस की बात ये जब तारे गिरते हैं (00:28:05) एक्चुअली वो शायद तीन को जो है आसमान से (00:28:08) मार कर भगाया जाता है और इसकी दलील हमको (00:28:12) कुरान में और हदीस में मिलती है और अफसोस (00:28:15) की बात ये है की ये तारों का गिरना देख कर (00:28:18) लोग जो है क्या करते हैं दुआ करते हैं (00:28:20) जबकि इनको मारा जाता है तो जो है मार्कर (00:28:26) आसमान से भगाया जाता है तो फिर यहां से (00:28:29) क्या पता चला है की पहुंच आसमानों तक नहीं (00:28:32) है ना वो वहां फैला सकते हैं ना वहां की (00:28:35) खबरें ला सकते (00:28:36) हैं (00:28:39) मखलूक है इन्हें यह थोड़े से पावरफुल इस (00:28:44) जो है उसमें है की ट्रैवल वेरी फास्ट और (00:28:47) आसमानों तक जाते हैं और जा सकते हैं लेकिन (00:28:51) कुरान के नजूल से पहले वो बहुत ऊपर-ऊपर तक (00:28:56) जाते थे लेकिन अब और आज के रसूल के बाद (00:28:59) वहां पर जाना जो है उनका बैंड कर दिया गया (00:29:03) है और फिर उसको आज के जल से पहले कहलत जो (00:29:06) कहा ना जो है अगर आपकी खबरें लाना इसका ये (00:29:09) जो है कम बहुत ही टॉप पर था और ये जो कहीं (00:29:13) जो है जो है बताते हैं या बताते थे अभी भी (00:29:17) बताते हैं तो वह तीन की मदद से जो है क्या (00:29:20) करते हैं और इन्हें शायद इनको यहां वहां (00:29:23) भेजकर खबरें लेट हैं और आप सल्लल्लाहु (00:29:26) अलेही वल्लम के टाइम पर आपसे पहले भी ये (00:29:28) जो है की खबरें लाने वाले जो कहें होते (00:29:31) हैं वो खुद खूब अपना कम करते थे तो जो (00:29:34) कुरान में यह बताया गया है की हिस्ट्री के (00:29:37) बड़े में बताया गया है रसूल के बड़े में (00:29:39) बताया गया है अलग-अलग बहुत साड़ी राहत की (00:29:41) चीज जहां एन मां करात बहुत साड़ी बातें (00:29:44) बताई है तो आप सल्लल्लाहु अलेही वल्लम के (00:29:45) ऊपर भी कहानी का इल्जाम जो है लगाया गया (00:29:49) की नोस बिलही इस्लाम कहे ने और इस तरह की (00:29:52) खबरें बताते हैं लेकिन यहां पर ये भी (00:29:54) क्लियर किया जा रहा है की आप सल्लल्लाहु (00:29:56) अलेही वल्लम का हिंदी नहीं है आप (00:29:58) सल्लल्लाहु अलेही वल्लम इस तरह से तीन की (00:30:00) मदद से नहीं लेट हैं बल्कि ये जो खबरें दी (00:30:03) जा रही है अलग-अलग की तरफ से है और ये जो (00:30:06) कलाम है वो अल्लाह का कलाम है कोई जिनका (00:30:09) लाया हुआ कलाम नहीं है कोई जो है फिलासफी (00:30:13) नहीं है कोई झूठ नहीं है कोई जो है की खुद (00:30:18) की बात भी कहीं हुई नहीं है बल्कि ये (00:30:20) अल्लाह ताला की बात अलग अलग कलाम और (00:30:24) अल्लाह ताला की भेजी हुई किताब है अल्लाह (00:30:27) मनीष तारक मगर जी ने चूड़ा लिया कम और (00:30:30) सुना अठबाहु तो पीछा करना इसका शहाबुद्दीन (00:30:35) एक रोशन शोले ने यानी जो अभी मैं (00:30:38) एक्सप्लेन की थी आपको की जब अगर कोई चूड़ा (00:30:41) कर कोई बात अचक कर कोई बात आसमान से जो (00:30:44) रेप की खबर कोई जिम या कोई शैतान लेने की (00:30:47) कोशिश करता है तो फिर उसके ऊपर रोशनी शोला (00:30:50) जो है लगा दिया जाता है उसको करने के लिए (00:30:53) मैच्योर आए थे अब जी तरह आसमान में अल्लाह (00:30:57) ताला की निशानियां है उसे तरह जमीन में भी (00:31:00) अलग-अलग की निशानियां हैं वेल अरदा और (00:31:02) जमीन को मदद ना हां (00:31:08) पहले अब अल्लाह का रहे हैं की अल्लाह ताला (00:31:11) ने इस जमीन को फैला दिया है (00:31:17) इसमें हवा से आप पहाड़ ताकि ये साड़ी (00:31:21) फोर्सेस की वजह से जमीन में इंबैलेंस ना (00:31:23) हो इस वजह से अल्लाह ताला ने इसमें पहाड़ (00:31:26) जो है डेल हैं फिर बचाना (00:31:34) हर तरह की चीज मौजूद (00:31:43) की तुली जाचिर रिक्वायर्ड है मैंने इस जो (00:31:48) है जमीन में जो जो जरूर की चीज हैं साड़ी (00:31:52) जरूर के मुताबिक है यानी ऐसा नहीं है की (00:31:55) सिर्फ ग्रेस है ऐसा नहीं है की सिर्फ फल (00:31:57) है ऐसा नहीं है की सिर्फ जो है सब्जा है (00:32:00) ऐसा नहीं है अगर हम फ्रूट्स वेजिटेबल्स (00:32:03) सी सब चीज देखेंगे तो जितनी जितनी (00:32:07) रिक्वायर्ड हैं जितनी जितनी जरूर है उतनी (00:32:11) उतनी अल्लाह ताला ने जमीन में मुनाफिक (00:32:14) तरीके से मुनाज से तोर से मुन्ना से (00:32:16) रिक्वायर्ड क्वांटिटी में साड़ी चीज उगाई (00:32:19) है वजह और ना अलग और बनाए हमने तुम्हारे (00:32:23) लिए सी है उसमें मैंने इस जमीन में (00:32:26) आयशा के असबाब यानी सामान्य जिंदगी ने (00:32:29) सामान्य जिंदगी इंसान को क्या-क्या चाहिए (00:32:31) खाना पीना कपड़ा मेटल स्कूल पेट्रोल गोल्ड (00:32:35) जो भी पत्थर हर चीज इंसान की जो जरूर की (00:32:40) है वह इंसान के लिए जमीन में ही है हमको (00:32:42) कहानी स्पेस जाना नहीं है जमीन छोड़कर (00:32:44) जाना नहीं है लेकिन जो भी हमें जिंदगी (00:32:46) गुजरते के लिए समाज चाहिए एवरीथिंग (00:32:48) अलग-अलग जमीन में रख दी है वो अमल ग (00:32:54) तो भी और भी क्लीन रजिया यानी तुम जिनको (00:32:57) नहीं खिलाने हो उनका भी रस हमने इस जमीन (00:33:01) में रख दिया है जैसे एनिमल से बर्ड्स से (00:33:04) इवेंट परजीवी छोटे-छोटे कीड़े मकोड़े (00:33:07) समुद्री जानवर ऊपर उड़ने वाले जो है (00:33:10) बड़े-बड़े परिंदों से लेकर छोटे-छोटे (00:33:12) परिंदे सब सब सब का रस भी जो है अल्लाह (00:33:16) ताला ने जमीन में रख दिया है अगर हम (00:33:18) देखेंगे की कुछ प्लांट से उनका रिस्क कैसे (00:33:21) फोटोस से होता है जो है उनका रिस्क बंता (00:33:24) है कुछ यूनिसेल्यूलर ऑर्गेनाइज जो होते (00:33:27) हैं उनकी बिल्कुल सेल वॉल से किस तरह (00:33:31) ऑस्मोसिस होता है किस तरह उनका फूड जो है (00:33:34) उन तक पहुंचता है या फिर बंता है हर चीज (00:33:37) का निजाम अल्लाह ताला ने बहुत ही (00:33:41) परफेक्टली किया है (00:33:48) मगर हमारे पास इन हो उसके ख़ज़ाने हैं (00:33:53) इतने साल से इतनी चीज जमीन में उसे हो रही (00:33:57) है क्या खत्म हुए आप देखेंगे मेटल भी उसे (00:34:00) हो रहा है गोल्ड भी उसे हो रहा है उसके (00:34:03) अलावा एक गैसेस ले ले उसके अलावा जो है (00:34:06) फ्यूल ले ले खाने-पीने सब चीज क्या इतने (00:34:09) सालों से खत्म हुआ है ये अल्लाह ताला की (00:34:12) कितनी बड़ी प्लानिंग है और कितना बड़ा (00:34:15) खजाना है दिल हो और नहीं हम उतारने इसको (00:34:18) इला मगर भी फादर (00:34:21) एक अंदाज देख के जो मालूम है अलग-अलग (00:34:28) को देखेंगे ना आप साइंस का एक-एक (00:34:30) कॉन्सेप्ट देखिए फूड चैस देखिए कैसे (00:34:33) अलग-अलग है साड़ी चीजों को कंट्रोल किया (00:34:35) है थ्रू फूड चैस सिर्फ कीड़े नहीं है (00:34:38) सिर्फ शेरनी है सिर्फ चावल नहीं है सिर्फ (00:34:39) आम नहीं है हर चीज जितनी जितनी रिवायत (00:34:43) जहां जहां जैसे-जैसे जी जी चीज की जरूर है (00:34:47) वहां वहां उतनी उतनी अलग है परफेक्टली (00:34:50) फैला दी भी है परफेक्टली जो है इंसान और (00:34:53) जानवर और जानवर और सबके लिए जो है अवेलेबल (00:34:56) भी कर दी है और इसका इंतजाम अल्लाह ताला (00:35:00) ने कैसे किया है वो और सल्लाला और भेजें (00:35:03) हैं हमने और रिया हवाओं को अलावा (00:35:06) बोझेल बनाकर यानी इतने लाइट की इतने हैवी (00:35:11) बादलों को भी उदा कर ले जाते हैं और (00:35:12) छोटे-छोटे पॉलिन से जो है पॉलिनेशन भी (00:35:16) होता है और हवा जो है हमारी तबीयत भी कैसी (00:35:18) ठंडी कर देती है और कैसी जो है एक खुशी (00:35:22) फैला देती है फिर जो है कितना उससे अल्लाह (00:35:24) ताला ने हमारे लिए क्या-क्या नहीं किया इन (00:35:27) हवाओं को देखें तबीयत ताजा करने से लेकर (00:35:30) बादलों को ले जान से लेकर एक प्लांट्स के (00:35:33) पॉलिनेशन से लेकर अलग-अलग (00:35:43) [संगीत] (00:35:44) पिलाया हमने तुमको इसे यानी किसको पानी को (00:35:48) अगर हम देखेंगे समंदर का अगर पानी अगर आप (00:35:51) कभी टेस्ट किया होंगे तो इतना कड़वा और खर (00:35:54) होता है लेकिन ये बारिश का पानी यह (00:35:56) कंज्यूमेबल होता है बिल्कुल फ्रेश और (00:35:59) स्वीट होता है तो अल्लाह ताला एन जो है (00:36:01) सबको पायलट हैं हमें भी जमीन को भी दबाटड़ (00:36:05) को भी जानवर को भी इस बारिश का पानी (00:36:08) नींद और नहीं तुम इसके लिए जखीरा करने (00:36:12) वाली ये यानी कितना (00:36:15) पानी पहाड़ों में जो अल्लाह ताला ने बर्फ (00:36:17) की शक्ल में स्टोर किया है और ये बारिश का (00:36:20) जो सिस्टम बनाया है अगर ये सिस्टम ना होता (00:36:23) तो इंसान कैसे पानी जो है स्टोर कर पता

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