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Title: Fetal Development: Development of Embryo or fetus Step by step
Duration: 00:20:03
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अस्सलाम वालेकुम आज की इस वीडियो के अंदर
(00:00:04)
हम फीटल डेवलपमेंट के टॉपिक को डिटेल से
(00:00:07)
कवर करेंगे यानी कि जो थ्री ट्राइमर आ
(00:00:09)
जाते हैं फर्स्ट सेकंड एंड थर्ड ट्राइमेकर
(00:00:11)
उनमें देखेंगे कि फीट्स की डेवलपमेंट कैसे
(00:00:13)
हो रही होती है इसके अलावा तीन और स्टेजेस
(00:00:16)
भी आ जाती है जिसमें जर्मिनल एंब्रियो एंड
(00:00:19)
फीटल स्टेज आ जाती है उसे भी डिटेल से कवर
(00:00:21)
करेंगे इसके अलावा जो अ इंडिविजुअली
(00:00:24)
स्टेजेस होती है उन्हें हम डिटेल से कवर
(00:00:26)
कर चुके हैं जैसा कि क्लीवेज ब्लेस्ट एशन
(00:00:28)
गैस्ट्रूलेशन और जो थ्री जर्म लेयर्स बनती
(00:00:31)
है एक्टम एंडोडर्म मेसोडर्म फिर उनकी आगे
(00:00:33)
डेवलपमेंट कौन-कौन से ऑर्गन में हो रही
(00:00:35)
होती है ये सारी चीजें हम डिटेल से कवर कर
(00:00:37)
चुके हैं सो इस वीडियो के अंदर हम एक
(00:00:39)
किस्म का ओवरव्यू कर रहे होंगे टोटल जो
(00:00:42)
फिटस की डेवलपमेंट हो रही होगी उसका तो चल
(00:00:45)
स्टार्ट करते हैं फीटल डेवलपमेंट को सो
(00:00:48)
जैसे कि आपको पता है सबसे पहले क्या होता
(00:00:51)
है के फीमेल के ओवरी में एग रिलीज होता है
(00:00:54)
राइट सो ये आ गया फीमेल का ओवरी ठीक है
(00:00:57)
इसने एक एग रिलीज किया ये ठीक है एग रिलीज
(00:01:01)
हुआ यह क्या आ गया हमारे पास एग आ गया
(00:01:06)
राइट ओके ये एग जैसे ही रिलीज हुआ तो यह
(00:01:11)
फिलोपिया ट्यूब और फिर आगे फिरी लाइक
(00:01:13)
स्ट्रक्चर्स होती है ये क्या करती हैं ये
(00:01:15)
इस एग को कैप्चर कर लेती है जैसे ही ये एग
(00:01:18)
यहां पर कैप्चर हो जाता है तो यह एग अंदर
(00:01:21)
फिलोपिया ट्यूब में चला जाता है ठीक है
(00:01:23)
यहां पर एंट्री कर जाता है यहां से ओके
(00:01:26)
फिलोपिया ट्यूब में जब ये जाता है तो यह
(00:01:29)
सारा सिना हो रहा होता है तकरीबन 14th डे
(00:01:33)
आफ्टर में मेंस्ट्रुअल साइकल ठीक है यानी
(00:01:36)
जब से फीमेल के अंदर मेंस्ट्रुअल साइकल
(00:01:39)
स्टार्ट होता है उसके 14 दिन बाद एग रिलीज
(00:01:43)
होता है ठीक
(00:01:45)
है मैं लिख देता
(00:01:47)
हूं
(00:01:50)
आफ्टर फर्स्ट
(00:01:53)
डे
(00:01:56)
ऑफ
(00:01:57)
लास्ट मेंस्ट्रुअल साइकल ठीक
(00:02:05)
है मेंस्ट्रुअल
(00:02:08)
साइकिल यानी
(00:02:10)
फीमेल को मेंस्ट्रुअल साइकिल जैसे ही
(00:02:13)
स्टार्ट होता है तो वह पहला जो दिन होता
(00:02:16)
है वहां से लेकर 14 दिन बाद यहां ओवरी में
(00:02:20)
एग की प्रिपरेशन होती है और 14वें दिन एग
(00:02:23)
रिलीज हो जाता है एग रिलीज होने के बाद
(00:02:25)
फेलोपियन ट्यूब में चला जाता है और इस
(00:02:27)
दौरान अगर कैपुले का प्रोसेस होता है तो
(00:02:30)
के स्पर्म्स क्या करते हैं वो एंटर कर
(00:02:33)
जाते हैं इनसाइड द यूटरस ठीक है सो
(00:02:37)
स्पर्म्स इस तरीके से ट्रेवल कर देते हैं
(00:02:40)
यूटरस के अंदर ठीक है सो बहुत सारे स्पर्म
(00:02:43)
ऐसे जाएंगे और क्या करेंगे एग के साथ एक
(00:02:48)
स्पम
(00:02:50)
जाकर मैच कर लेगा और यहां पर ये स्पम एंटर
(00:02:55)
कर जाएगा एग के अंदर स्पर्म का न्यूक्लियस
(00:02:57)
डेफिनेटली और फर्टिलाइजेशन का प्रोसेस हो
(00:02:59)
जाएगा ठीक है क्या हो जाएगा फर्टिलाइजेशन
(00:03:03)
का
(00:03:05)
प्रोसेस
(00:03:08)
फर्टिलाइजेशन क्लियर हो गया ओके जैसे ही
(00:03:11)
फर्टिलाइजेशन होगी उसके बाद यह वाला जो
(00:03:14)
सेल है यह अंदर इसके अंदर जो सेल्स की
(00:03:17)
नंबरिंग है वो इंक्रीज होती जाएगी ठीक है
(00:03:20)
सबसे पहले तो फर्टिलाइजेशन के बाद क्या
(00:03:21)
होता है जाइगर बन जाता है उसके बाद
(00:03:23)
क्लीवेज लगेगा एक सेल दो में डिवाइड हो
(00:03:25)
जाएगा टू सेल्स टैच आ जाएगी फिर क्लीवेज
(00:03:27)
लगेगा दो सेल चार में डिवाइड हो जाएंगे
(00:03:29)
फोर सेल स्टेज आ जाएगी फिर उसके बाद
(00:03:31)
क्लीवेज लगेगा चार से आठ सेल्स बन जाएंगे
(00:03:34)
फिर उसके बाद क्लीवेज लगेगा आठ से 16
(00:03:36)
सेल्स बन जाएंगे 16 सेल्स स्टेज आ जाएगी
(00:03:39)
और इस स्टेज को मोरला भी कहा जाता है ठीक
(00:03:41)
है फिर इस स्टेज से सेल्स अपनी अरेंजमेंट
(00:03:44)
चेंज करेंगे कुछ सेल्स बाहर की तरफ चले
(00:03:46)
जाएंगे कुछ सेल अंदर एक साइड पर चले
(00:03:48)
जाएंगे और एक कैविटीज भी बन जाएगी सो ये
(00:03:50)
जो स्ट्रक्चर बनेगी इसे ब्लास्टो सिस्ट
(00:03:52)
कहा जाता है और इस स्ट्रक्चर के बनने के
(00:03:54)
प्रोसेस को ब्ले लेशन कहा जाता है ये सारी
(00:03:57)
चीजें डिटेल से हमने कवर की हुई है मैं
(00:03:59)
सरसरी सा आपको पढ ब रहा हू ओके ब्लास्टो
(00:04:01)
सिस्ट जैसे ही बन जाता है
(00:04:04)
तो ये ब्लास्टो सिस्ट के बनने तक तकरीबन
(00:04:07)
मैं आपको बता दूं तकरीबन एक वीक के अंदर
(00:04:11)
यानी एक वीक के अंदर-अंदर यह सारे
(00:04:13)
प्रोसेसेस हो रहे होते हैं ब्लास्टो सेस
(00:04:15)
तक जाने वाले फर्टिलाइजेशन के बाद जागोट
(00:04:18)
फिर टू सेल स्टेज फोर सेल स्टेज एट सेल
(00:04:21)
स्टेज 16 सेल स्टेज ब्लास्टो सिस्ट बनने
(00:04:23)
तक
(00:04:25)
अ ये जो प्रोसेस होते हैं ये एक वीक के
(00:04:28)
अंदर-अंदर हो रहे होते हैं ठीक है और इसी
(00:04:31)
दौरान क्या हो रहा होता है कि ये जो एग
(00:04:32)
होता है ठीक है यहां से स्पर्म मैं रिमूव
(00:04:35)
कर देता हूं ठीक है ये एग जो होता है ये
(00:04:38)
इस तरीके से अंदर यूटरस की तरफ मूव कर रहा
(00:04:41)
होता है ठीक है और ब्लास्टो सिस्ट बनने तक
(00:04:43)
ये सेल यूटरस में किसी साइड पर यूटरस की
(00:04:47)
लाइनिंग में अपने आप को इंप्लांट कर देता
(00:04:49)
है ठीक है इस तरीके से एंडोमेट्रियम की
(00:04:54)
लाइनिंग के अंदर एंटर कर जाता है ठीक है
(00:04:57)
तो ये हमारे पास यूटरस आ गई फीमेल की ठीक
(00:05:00)
है ये कंप्लीट स्ट्रक्चर यूटरस ये
(00:05:02)
फ्लोकिंग ट्यूब और ये अंदर की जो रेड वाली
(00:05:04)
लाइनिंग आपको नजर आ रही है इसे
(00:05:06)
एंडोमेट्रियम कहा जाता है इसके अंदर एग
(00:05:08)
जाकर इंबेड हो जाता है इंप्लांट हो जाता
(00:05:11)
है क्लियर हो गया अभी तक मैंने आपको बताया
(00:05:14)
कि हमने स्टडी किया मेंस्ट्रुअल साइकिल के
(00:05:17)
14 दिन बाद ओव्यूलेशन का प्रोसेस होता है
(00:05:21)
फीमेल एग रिलीज करती है तो अगर स्पर्म की
(00:05:24)
मौजूदगी वहां पर होती है तो फर्टिलाइजेशन
(00:05:27)
का प्रोसेस हो जाता है फर्टिलाइजेशन जैसे
(00:05:29)
ही होती है तो वो वाला सेल फर्टिलाइज्ड एग
(00:05:32)
जो होता है जिसे अब जागोट कहा जाता है
(00:05:35)
उसके अंदर क्लीवेजेस लगते हैं उसकी
(00:05:36)
नंबरिंग सेल नंबरिंग ऑफ सेल्स इंक्रीज हो
(00:05:39)
जाती है सो क्लीवेज के प्रोसेस के बाद
(00:05:40)
मोरला बनता है उसके बाद ब्लास्टो सिस्ट
(00:05:42)
बनता है ब्लास्टो सिस्ट में क्या होता है
(00:05:44)
कुछ सेल्स बाहर को रेंज होते हैं कुछ अंदर
(00:05:46)
को अरेंज होते हैं ये जो बाहर वाले सेल्स
(00:05:47)
होते हैं इन्हे ट्रोफोब्लास्ट कहा जाता है
(00:05:49)
ये वाले सेल्स प्लेसेंटा की डेवलपमेंट में
(00:05:51)
अपना रोल प्ले करते हैं ये हम डिटेल से
(00:05:53)
स्टडी कर चुके हैं और अंदर वाले सेल्स को
(00:05:55)
एंब्रियो ब्लास्ट कहा जाता है जो कि फिटस
(00:05:57)
यानी एंब्रियो बना रहे होते हैं क्लियर हो
(00:05:59)
गया ओके मैंने आपको बताया ब्लास्टो सिस्ट
(00:06:02)
की फॉर्मेशन तक इंप्लांटेशन भी हो जाती है
(00:06:06)
और जो एंब्रियो है वो अंदर यूटरस में भी
(00:06:09)
एंटर हो जाता है ठीक है सो इस स्टेज को
(00:06:13)
कहा जाता है जर्मिनल स्टेज क्या कहा जाता
(00:06:16)
है यह फर्स्ट स्टेज है जिसे जर्मिनल स्टेज
(00:06:18)
कहा जाता है जो स्टार्ट होती है टू टू
(00:06:20)
थ्री वीक ऑफ प्रेगनेंसी तो अब आपको मैं
(00:06:23)
समझाता हूं प्रेगनेंसी याद रखिए कहा जाता
(00:06:26)
है स्टार्टस फ्रॉम फर्स्ट डे ऑफ लास्ट में
(00:06:30)
साइकिल यानी मैंने आपको बताया
(00:06:32)
फर्टिलाइजेशन या ओवुलेशन जब फीमेल के अंदर
(00:06:35)
होती है ऑलरेडी दो वीक्स गुजर चुके होते
(00:06:37)
हैं तो जैसे ही दो वीक गुजरते हैं अगर
(00:06:39)
स्पर्म मौजूद होता है तो एक हफ्ते के
(00:06:42)
अंदर-अंदर ये सारा मैकेनिज्म होता है सो
(00:06:44)
दो से तीन हफ्ते के दरमियान का जो स्टेज
(00:06:46)
चलती है जिसमें जागोट से क्लीवेज लग के
(00:06:49)
बला ब्लास्टो सिस्ट की फॉर्मेशन होती है
(00:06:51)
और इंप्लांटेशन हो रही होती है ये एक
(00:06:54)
हफ्ते का जो टेनर होता है ये टाइम पीरियड
(00:06:56)
होता है इसे जर्मिनल स्टेज कहा जाता है
(00:06:58)
जिसके अंदर जो
(00:07:00)
हम कह सकते हैं के सेल होता है वह क्लीवेज
(00:07:03)
कर रहा होता है और अपनी आप की इंप्लांटेशन
(00:07:05)
करता है तो जर्मिनल स्टेज को हम बोलेंगे
(00:07:07)
कंसेप्ट से इंप्लांटेशन तक का जो स्टेज
(00:07:10)
होता है जो प्रोसेस होता है उसे जर्मिनल
(00:07:12)
स्टेज कहा जाता है यानी यहां पर
(00:07:14)
फर्टिलाइजेशन हुई कंसेप्ट हुई ठीक है उसके
(00:07:17)
बाद यहां अंदर यूटरस में इंप्लांटेशन तक
(00:07:19)
के सफर को जर्मिनल स्टेज कहा जाता है और
(00:07:22)
इस सफर के अंदर मैंने आपको बता दिया जागोट
(00:07:24)
के बाद क्लीवेजेस लगते हैं और ब्लास्टो
(00:07:26)
सिस्ट की फॉर्मेशन होती है ठीक है अब
(00:07:28)
सेकंड स्टेज चल है जिसे एंब्रियो स्टेज
(00:07:31)
कहा जाता है यानी जब इंप्लांटेशन हो चुकी
(00:07:34)
है अब एंब्रियो स्टेज चलेगी ठीक है अब
(00:07:37)
इंप्लांटेशन के बाद की स्टेज को एंब्रियो
(00:07:39)
स्टेज कहा जाएगा सो एंब्रियो स्टेज में
(00:07:42)
क्या होगा सबसे पहले टाइम पीरियड इसका देख
(00:07:44)
लेते हैं क्योंकि थर्ड वीक में जाकर
(00:07:47)
जर्मिनल स्टेज खत्म हुई तो थर्ड से एट वीक
(00:07:50)
वीक तक का जो मैकेनिज्म या टाइम पीरियड
(00:07:53)
होगा उसमें जो ये वाला सेल होगा ये
(00:07:56)
स्ट्रक्चर जो होगी इसे एंब्रियो कहा जाएगा
(00:07:58)
सो इस स्टेज एंब्रियो स्टेज कहा जाएगा
(00:08:01)
जिसमें इंप्लांटेशन टू ह्यूमन फीचर
(00:08:04)
इंप्लांटेशन से लेकर ह्यूमन फीचर डिवेलप
(00:08:07)
हो रहे होंगे उस एंब्रियो के अंदर ठीक है
(00:08:10)
सो एंब्रियो कहां पर जा जाकर खत्म होगा
(00:08:13)
एंब्रियो निक स्टेज जब ह्यूमन लाइक फीचर्स
(00:08:16)
कंप्लीट नजर आने लग जाएंगे तो एंब्रियो
(00:08:18)
स्टेज खत्म हो जाएगी और फीटल स्टेज
(00:08:20)
स्टार्ट स्टार्ट हो जाएगी सो फीटल स्टेज
(00:08:22)
क्या होती है जब ह्यूमन लाइक फीचर्स वाज
(00:08:25)
तौर पर नजर आने लग जाए बेबी के तो चलिए
(00:08:28)
देखते हैं ब्रियो स्टेज में क्या हो रहा
(00:08:30)
सो मैंने आपको बताया जब इंप्लांटेशन हो
(00:08:32)
जाती है ब्लास्टो सिस तक गया होता है सो
(00:08:34)
अंदर के ये जो एमियो ब्लास्ट सेल्स होते
(00:08:36)
हैं अब इनको देखेंगे ये दो जम लेयर्स में
(00:08:38)
डिवाइड हो जाते हैं एक हाइपोब्लास्ट नीचे
(00:08:41)
वाली अ ऊपर वाली एपी ब्लास्ट नीचे वाली
(00:08:44)
हाइपोब्लास्ट दो लेयर्स फिर इससे तीन
(00:08:46)
लेयर्स बन जाती हैं जिसमें ऊपर वाली लेयर
(00:08:48)
को एक्टम सबसे नीचे वाली को एंडोडर्म और
(00:08:51)
दरमियान वाली लेयर को मजम कहा जाता है तो
(00:08:54)
ट्राई लेमिनार डिस्क या थ्री जर्म लेयर्स
(00:08:56)
हम इन्हें बोलते हैं और इस इन लेयर्स के
(00:08:58)
बनने के प्रोसेस को गैस्ट कहा जाता है ये
(00:09:00)
सारी चीजें डिटेल से हमने कवर की हुई है
(00:09:02)
अब ये जो तीन लेयर्स हैं इनसे कंप्लीट
(00:09:05)
बेबी की डेवलपमेंट होती है फिटस की
(00:09:07)
डेवलपमेंट होती है यानी के एक्टम मिर्म और
(00:09:10)
एंडोडर्म जो तीन लेयर्स बनते हैं इनसे
(00:09:12)
कंप्लीट वेवी बनता है जिसमें एक्टम बहुत
(00:09:15)
सारी स्ट्रक्चर्स की डेवलपमेंट में
(00:09:16)
हेल्पफुल होता है जैसे कि आपकी जो स्किन
(00:09:19)
होती है आपका जो सेंट्रल नर्वस सिस्टम है
(00:09:22)
पेरिफेरल नर्वस सिस्टम है ब्रेन स्पाइनल
(00:09:24)
कॉर्ड और इसके अलावा किडनी का कुछ पार्ट
(00:09:26)
हो गया बहुत सारी स्ट्रक्चर आपके नेल्स हो
(00:09:28)
गए हेयर्स हो गए ये सारी स्ट्रक्चर एक्टम
(00:09:31)
से बन रही होती हैं इसके अलावा आपकी जो
(00:09:33)
बोनस होती हैं मसल्स होते हैं और बहुत
(00:09:35)
सारे ऑर्गन होते हैं वो कहां से आ रहे
(00:09:37)
होते हैं मजम से बन रहे होते हैं और
(00:09:39)
एंडोडर्म आपके इंटरनल ऑर्गन यानी कि जीआई
(00:09:42)
ट्रैक जिसमें आपका सोफैक आ जाता है स्मल
(00:09:45)
इंटेस्टाइन लार्ज इंटेस्टाइन ये सारी
(00:09:46)
स्ट्रक्चर इसके अलावा लिवर आ गया
(00:09:48)
पैंक्रियास आ गया आपके लंग्स आ गए ये सारी
(00:09:51)
स्ट्रक्चर्स आपके एंडोडर्म लेयर से
(00:09:53)
ओरिजनेट हो रही होती है सो ये तीन लेयर्स
(00:09:56)
क्या होती हैं आप पूरे बेबी की डेवलपमेंट
(00:09:58)
में अपना रोल प्ले करती है इन पर डिटेल
(00:10:00)
वीडियो ऑलरेडी अवेलेबल है ओके सो थ्री जम
(00:10:06)
लेयस जैसे ही बनती है यहां पर तो बेबी की
(00:10:09)
ग्रोथ स्टार्ट होती जाती है ठीक है बेबी
(00:10:11)
अपनी ग्रोथ इंक्रीज करता जाता है और आठ
(00:10:14)
वीक के अंदर-अंदर क्या होता है बहुत सारे
(00:10:17)
मेजर ऑर्गन्स बन जाते हैं बल्कि हम कह
(00:10:19)
सकते हैं तकरीबन सारे ही मेजर ऑर्गन्स की
(00:10:21)
डेवलपमेंट स्टार्ट हो जाती है ठीक है फिर
(00:10:23)
वो डेवलपमेंट मैच्योर स्टेज में डेफिनेटली
(00:10:25)
आगे जाकर होती रहती है लेकिन स्टार्ट आपको
(00:10:27)
देखने को मिलता है यानी उस बेबी की आंखें
(00:10:29)
भी होंगी कान भी
(00:10:31)
होंगे हार्ट की डेवलपमेंट भी हार्ट बीटिंग
(00:10:34)
भी स्टार्ट हो जाएगी ठीक है फिफ्थ वीक
(00:10:36)
सिक्स्थ वीक के करीब जाकर हार्ट भी बीट
(00:10:38)
करना शुरू शुरू कर देता है इसके अलावा जो
(00:10:41)
ब्रेन स्पाइनल कॉर्ड है उसकी डेवलपमेंट भी
(00:10:44)
स्टार्ट हो जाती है और एक ह्यूमन लाइक
(00:10:46)
फीचर भी यानी कि बाजू और टांगे और ये सारी
(00:10:49)
चीजें भी बनना स्टार्ट हो जाती हैं सो एट
(00:10:51)
वीक जैसे ही कंप्लीट हो जाता है तो हमें
(00:10:54)
वो छोटी सी स्ट्रक्चर जिसे एंब्रियो हमने
(00:10:57)
कहा था वो अब ह्यूमन लाइक लगना शुरू कर
(00:11:00)
देता है इसलिए अब इसे एंब्रियो स्टेज से
(00:11:03)
निकालकर फीटल स्टेज में डाल दिया जाता है
(00:11:05)
यानी ह्यूमन लाइक करैक्टर हमें बेबी लाइक
(00:11:08)
करैक्टर देखने को मिलता है सो नाइन वीक से
(00:11:10)
लेकर टिल बर्थ जो बेबी की डेवलपमेंट होती
(00:11:13)
है उसे हम फीटल स्टेज ही बोलते हैं तो ये
(00:11:15)
आ गई स्ट्रक्चरल स्टेजेस यानी कि
(00:11:18)
स्ट्रक्चर के लिहाज से कौन क्या क्या
(00:11:20)
चीजें हो रही होती हैं इसके अलावा जो फीटल
(00:11:23)
डेवलपमेंट है उन्हें ट्रामेट्स में भी
(00:11:25)
डिवाइड किया जाता है जिसमें फर्स्ट सेकंड
(00:11:27)
एंड थर्ड ट्राइमेकर आ जाता है जिसमें
(00:11:29)
फर्स्ट ट्राइमेकर अप टू 12 वीक होता है
(00:11:31)
यानी कि ऑलरेडी फर्स्ट ट्राइमेकर में ही
(00:11:34)
आपको फीटल स्टेज भी देखने को मिलेगी उसके
(00:11:37)
अलावा सेकंड ट्राइमर आ जाता है जो 13 से
(00:11:40)
26 वीक त चलता है एंड थर्ड ट्राइमर 27 से
(00:11:47)
अंट्स चलता है ये स्टेज चलती है जिसमें 37
(00:11:51)
से 40 वीक तक का टाइम लग जाता है सो नाइंथ
(00:11:55)
मंथ का ये टाइम ड्यूरेशन होता है जिसमें
(00:11:57)
पहले तीन मंथ को फर्स्ट ट्राइमर कहा जाता
(00:12:00)
है उसके बाद जो तीन मंथ होते हैं उन्हें
(00:12:02)
सेकंड ट्राइमेकर यानी छ मंथ तक का पीरियड
(00:12:05)
फिर नाइन मंथ तक का जो पीरियड होता है छ
(00:12:07)
से नाइन मंथ तक का उसे थर्ड ट्राइमर कहा
(00:12:09)
जाता है सो वीक वा वीक भी मैंने लिखा हुआ
(00:12:11)
है तो और मंथ वाइज भी मैंने आपको बता दिया
(00:12:15)
सो चले फर्स्ट ट्राइमर को देखते हैं और
(00:12:17)
देखते हैं इसके अंदर कौन-कौन सी डेवलपमेंट
(00:12:19)
होती है वीक वाइज फर्स्ट ट्रा ट्राइमर को
(00:12:22)
देख लेते हैं बाकी के ट्राइमर को हम वीक
(00:12:24)
वाइज नहीं देखेंगे जस्ट जनरली देखेंगे कि
(00:12:26)
कौन-कौन सी डेवलपमेंट हो रही होती है
(00:12:27)
फर्स्ट ट्राइमर में पहले वीक से चौथे वीक
(00:12:30)
तक आपको पता ही होगा क्याक होता है फीमेल
(00:12:33)
में ओवुलेशन होती है फिर फर्टिलाइजेशन
(00:12:35)
होती है ठीक है फर्टिलाइजेशन के बाद
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ब्लास्टो सिस्ट की फॉर्मेशन होती है राइट
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फिर इंप्लांटेशन का मैकेनिज्म होता है सो
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इंप्लांटेशन तक जो जर्मिनल टज चल रही होती
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है राइट उसके बाद क्या होता है
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गैस्ट्रूलेशन का मैकेनिज्म चलता है
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गैस्ट्रूलेशन के बाद क्या होता है
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डेफिनेटली बेबी के अंदर ब्रेन और स्पाइनल
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कॉर्ड की सिंथेसिस हो रही होती है यानी कि
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न्यूरल ट्यूब बनती है उससे ब्रेन एंड
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स्पाइनल कॉर्ड बनना स्टार्ट हो जाता है और
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हार्ट बिगिंस टू फॉर्म दिल बनना स्टार्ट
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हो जाता है और जो फीमेल है उसके जो
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पीरियड्स होते हैं यानी मेंस्ट्रुअल साइकल
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होता है वो स्टॉप हो जाता है डेफिनेटली
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क्योंकि 28 दिनों के बाद यूजुअली स्टार्ट
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होना होता है बट फोर वीक जैसे ही हो जाते
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हैं वो पीरियड मिस हो जाता है सो यह पहला
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इंडिकेटर होता है प्रेगनेंसी का क्लियर हो
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गया ओके यह तो आ गए एक वीक से चार वीक तक
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के मैकेनिज्म प्रोसेसेस जो फिटस के साथ या
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मदर के पेट के अंदर चल रहे होते हैं फिर
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पांच से आठ वीक के अंदर क्या होता है जो
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तो हार्ट बन रहा होता है उसके अंदर अब
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बीटिंग भी स्टार्ट हो जाती है यानी हार्ट
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अपना काम स्टार्ट कर देता है उसके बाद
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आर्म्स लेग्स आइज स्टार्टस टू ग्रो यानी
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कि छोटी-छोटी बर्ड्स ही निकलना शुरू हो
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जाती है आर्म्स की लेग्स की ठीक है आइज
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बनना स्टार्ट हो जाती हैं और एंड ऑफ एट
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वीक तकरीबन सारे के सारे मेजर ऑर्गन्स
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स्टार्ट हो जाते हैं बनना तो एट वीक के
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बाद क्या होता है आपको पता ही है एंब्रियो
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स्टेज खत्म हो जाती है यानी कि सारे मेजर
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ऑर्गन बनना स्टार्ट हो चुके हैं और ह्यूमन
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लाइक अपीयरेंस आना स्टार्ट हो चुकी है सो
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फिर क्या होता है फीटल स्टेज स्टार्ट हो
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जाती है सो एंड ऑफ इसके अलावा फाइव टू एट
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वीक में एंड ऑफ एंब्रियो स्टेज का
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मैकेनिज्म आपको देखने को मिलता है फिर वीक
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एट से 12 वीक तक के मैकेनिज्म में क्या
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होता है एंब्रियो को अब हम फिटस कह रहे
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होते हैं जो हाथ होते हैं पांव होते हैं
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वो आप थोड़े बहुत मूवमेंट करना शुरू करते
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हैं अब क्योंकि ये फिटस बहुत छोटा होता है
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इसलिए वो मूवमेंट मदर को फील नहीं होती
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ठीक है लेकिन मूवमेंट स्टार्ट हो जाती है
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फिंगर्स टोज नेस नेल्स वगैरह टोज फिंगर्स
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ये ल होना शुरू हो जाती है यानी शुरू में
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क्या होता है फिंगर वेब लाइक होती हैं फिर
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उसके बाद फिंगर सेपरेट होना शुरू हो जाती
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हैं और फिटस लुक लाइक टाइनी ह्यूमन फिटस
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एक टाइनी ह्यूमन की तरह दिखाई देना शुरू
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कर देता है और अगर हम साइज की बात करें तो
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इस स्टेज में यानी तीन मंथ के बाद बेबी का
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जो साइज होता है बहुत छोटा होता है दो से
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3 इंच का साइज होता है यानी इतना सा साइज
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होता है क्लियर हो गया अब हम सेकंड
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ट्राइमर में चलते हैं सेकंड ट्राइमर के
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अंदर अगर हम देखें तो ये टाइम ड्यूरेशन
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क्या है 13 से 26 वीक का टाइम ड्यूरेशन है
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और इसमें जो बेबी की ग्रोथ है वो बहुत
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फास्ट होना शुरू हो जाती है तो इसका मतलब
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यह है कि मदर को ज्यादा न्यूट्रिशन की भी
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जरूरत पड़ती है और इस स्टेज के अंदर जो
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मदर है उसे नाजिया और जी मतलाना वाली सारी
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फीलिंग खत्म हो जाती है और बहुत ज्यादा
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उसे भूख लग रही होती है और इसे हम गोल्डन
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पीरियड फॉर प्रेगनेंट वुमेन कह सकते हैं
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यानी बहुत ज्यादा खाना पीना ये सारी चीजें
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और कोई फाल्स इंडिकेटर नहीं आ रहा होता सो
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बच्चे की जो बोनस है वो हार्ड होना शुरू
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हो जाती हैं आपको पता है बोन की डेवलपमेंट
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में क्या होता है कार्टिलेज बनता है फिर
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वो आहिस्ता आहिस्ता रिप्लेस होता जाता है
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बोन में तो कार्टिलेज रिप्लेस होना शुरू
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हो जाता है हार्ड होना शुरू हो जाती है
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इतनी हार्ड नहीं होती बट थोड़ी बहुत हार्ड
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होना शुरू हो जाती है और बाल ग्रो करना
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शुरू कर देते हैं ठीक है और बेबी को वार्म
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करना शुरू कर देते हैं वो बाल जो ग्रो
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करते हैं और जो मूवमेंट होती है वो अब फील
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होती है मां को यानी बेबी अब जो मूवमेंट
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करता है वो फील कर सकती है मां ठीक है
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बेबी कैन हेयर साउंड बेबी के जो इयर्स है
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वो फंक्शनल हो चुके हैं
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साउंड सुन सकते हैं टेस्ट बर्ड उसके
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डिवेलप हो रहे होते हैं रिप्रोडक्टिव
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ऑर्गन डेवलप हो रहे होते हैं इसी स्टेज
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में यानी फर्स्ट ट्रेस्टर में ही
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रिप्रोडक्टिव ऑर्गेनिक डेवलपमेंट स्टार्ट
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हो जाती है लेकिन काफी ज्यादा मैचुरेशन जो
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है वो सेकंड ट्राइमर के अंदर देखने को
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मिलती है और यही वजह है कि जो फिथ टू
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सिक्सथ मंथ के दरमियान जो स्कैन किया जाता
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है उसके अंदर बेबी की जेंडर भी
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आइडेंटिफिकेशन
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रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स की डेवलपमेंट
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स्टार्ट हो चुकी होती है या हो चुकी होती
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है ठीक है फिर इसके अलावा जो लंग्स हैं
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उनकी फॉर्मेशन स्टार्ट हो जाती है ये आपने
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याद रखना है फर्स्ट ट्राइमर में लंग्स की
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डेवलपमेंट नहीं होती वो सेकंड ट्राइमर के
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अंदर जाकर स्टार्ट होती है और अगर हम साइज
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की बात करें बेबी का तो मैंने आपको बताया
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बहुत फास्ट ग्रोथ होती है सो तीन मंथ के
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अंदर बेबी का साइज 12 इंचे यानी 1 फीट
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लॉन्ग हो जाता है और वेट तकरीबन 2 पाउंड
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यानी कि 1 केजी जितना वजन हो जाता है फिर
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थर्ड ट्राइमर आ जाता है जो कि 27 वीक्स से
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अंट्स तक चलता है इसमें क्या होता है
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बच्चे की आइज जो है वो ओपन होना शुरू हो
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जाती हैं ठीक है अभी तक बंद थी बंद चुकी
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थी लेकिन बंद थी तो अब आइज वो खोल भी सकता
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है फिटस का जो स्लीप और वैक साइकिल है वो
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स्टार्ट हो जाता है यानी वो सोता भी है
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जागता भी है मूवमेंट बहुत ज्यादा कर रहा
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होता है वैसे तो क्योंकि यूटरस की स्पेस
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बंद हो जाती है क्लोज हो जाती है क्योंकि
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बेबी का साइज बड़ा हो जाता है तो मूवमेंट
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उस हिसाब से फ्लूएंट नहीं होती लेकिन जब
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होती है तो वो स्ट्रांग मदर को फी होती है
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लंग्स जो है वो मैच्योर हो रहे होते हैं
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क्योंकि जब बेबी ने पैदा होना है तो पहला
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सास उसने डेफिनेटली बॉडी से बाहर ही लेना
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है तो लंग्स की मैचुरेशन का प्रोसेस चल
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रहा होता है और स्किन जो है वो थिक हो रही
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होती है अभी तक जो स्किन थी बेबी की वो
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पतली थी उसके नीचे फिर क्या होता है लास्ट
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ट्राइमर के अंदर आकर फेटी डिपॉजिट्स जमा
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होना शुरू हो जाते हैं सो थिक होना शुरू
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हो जाती है स्किन और बोनस की डेवलपमेंट
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मजीद बढ़ती जाती है लेकिन फिर भी बोनस
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होती साफ्ट है ताकि डिलीवरी के दौरान
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आसानी हो और बेबी तकरीबन 28 ग्राम पर डे
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के हिसाब से वेट गेन कर रहा होता है यानी
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बहुत ज्यादा वजन बढ़ रहा होता है और हेड
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जो होता है बेबी का अगर किसी और डायरेक्शन
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में था वो टिल्ट कर जाता है और नीचे
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सर्विस की तरफ मूव कर जाता है ताकि
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डिलीवरी नॉर्मल डिलीवरी के दौरान आसानी हो
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ठीक है सो हेड की डिसेंडिंग पोजीशन हो
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जाती है और तकरीबन वेट हो जाता है एट द
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एंड ऑफ थर्ड ट्राइमर बेबी का सक्स टू सेन
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पाउंड ये जनरल है डेफिनेटली ज्यादा कम हो
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सकता है और साइज तकरीबन 18 टू 20 इंचे
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बेबी का साइज हो जाता है और ये टाइम होता
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है बेबी की डिलीवरी का ठीक है होप फुली
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आपको लेक्चर समझ में आया होगा एक क्विकली
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रिव्यू कर लेते हैं आज हमने क्या स्टडी
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किया मैंने आपको बताया फीटल डेवलपमेंट को
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स्टडी किया जिसमें हमने तीन स्ट्रक्चरल
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स्टेजेस को स्टडी किया जिसमें जर्मिनल
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स्टेज थी जो कि फर्टिलाइजेशन से
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इंप्लांटेशन तक की स्टेज थी जिसमें हमने
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देखा जागोट फिर क्लीवेज लगा फिर ब्लास्टो
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सिस्ट की फॉर्मेशन ये सारे प्रोसेसेस हुए
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और ये जो सेल था ये इंप्लांट हो गया सो इस
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स्टेज को जर्मिनल स्टेज कहा जाता है इसके
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बाद एंब्रियो निक स्टेज स्टार्ट होती है
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जिसके अंदर जम लेयर्स बनती हैं फिर उनसे
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ऑर्गन्स की डेवलपमेंट होती है वो तकरीबन
(00:19:05)
ह्यूमन लाइक फीचर अपीयर होने लगता है तो
(00:19:06)
एंब्रियो स्टेज खत्म हो जाती है एट वीक के
(00:19:08)
बाद एट वीक के बाद जो स्टेज स्टार्ट होती
(00:19:11)
है अब वो ह्यूमन लाइक फीचर है तो वो फीटल
(00:19:13)
स्टेज कहलाती है ठीक है सो फीटल स्टेज टिल
(00:19:16)
बर्थ तक चलती है और अगर हम इसे तीन
(00:19:18)
ट्राइमेकर में डिवाइड करें तो उसे फिर
(00:19:20)
हमने स्टडी किया फर्स्ट टाइम ट्राइमर के
(00:19:23)
अंदर क्या होता है मैंने आपको बताया
(00:19:25)
फर्टिलाइजेशन ब्लास्टो सिस फॉर्मेशन
(00:19:26)
इंप्लांटेशन गैस्ट्रूलेशन
(00:19:28)
ब्रेन स्पाइनल कड तकरीबन सारे मेजर
(00:19:30)
ऑर्गन्स की डेवलपमेंट हमने देखी फर्स्ट
(00:19:32)
ट्राइमेकर के अंदर हो रही होती है और
(00:19:34)
सेकंड ट्राइमर के अंदर एडिशनल क्या है
(00:19:37)
लंग्स की फॉर्मेशन हेयर ग्रोथ हो रही होती
(00:19:39)
है बेबी आवाजों को सुन सकता है मूवमेंट कर
(00:19:42)
सकता है जेंडर आइडेंटिफिकेशन
(00:19:46)
[संगीत]
(00:19:59)
आपको लेक्चर समझ में आया होगा नेक्स्ट
(00:20:00)
लेक्चर तक के लिए मुझे इजत द शुक्रिया
(00:20:02)
अल्ला हाफिज
