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Theories Of Emotions | Psychology Nursing Unit-6 |Motivation & Emotional Processes Part-5 in Hindi (YouTube Video Transcript)

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Title: Theories Of Emotions | Psychology Nursing Unit-6 |Motivation & Emotional Processes Part-5 in Hindi
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(00:00:00) Your YouTube transcript will appear here (00:00:00) हेलो नर्सिंग स्टूडेंट्स टुडे आई एम (00:00:02) टेकिंग द फिफ्थ लेक्चर ऑफ मोटिवेशनल एंड (00:00:04) इमोशनल प्रोसेसेस चैप्टर्स ऑफ साइकोलॉजी (00:00:06) तो हम लोगों ने पिछले क्लास में देखा था (00:00:08) इमोशन के बारे में इमोशन क्या होते हैं (00:00:11) उसका मीनिंग क्या होता है उसके कैरेक्टर्स (00:00:13) क्या होते हैं कंपोनेंट्स क्या होते हैं (00:00:15) और उसके क्या-क्या रोल्स होते हैं ओके तो (00:00:17) आज जिस टॉपिक के बारे में हम लोग जानने (00:00:19) वाले हैं पढ़ने वाले हैं उस टॉपिक का नाम (00:00:22) है थ्योरी ऑफ इमोशन क्या है थ्योरी ऑफ (00:00:25) इमोशन यहां पे अलग-अलग तरीके के साइंटिस्ट (00:00:28) आते हैं और वो अपने-अपने पॉइंट ऑफ व्यू से (00:00:31) जो है बताते हैं कि किस तरीके से इमोशन (00:00:34) वर्क करता है हमारे बॉडी में और किस तरीके (00:00:36) से इमोशन जो है हमको इन्फ्लुएंस करता है (00:00:40) ओके तो अलग-अलग साइकोलॉजिस्ट आएंगे और (00:00:42) उन्होंने जो है अपना अपना पॉइंट ऑफ व्यू (00:00:44) रखा कुछ का गलत भी था कुछ का सही भी था (00:00:46) कुछ का कुछ कुछ सही होता था और कुछ उसमें (00:00:49) जो है डिफेक्ट भी आते थे ओके तो उसी को जो (00:00:52) है हम लोगों को आगे देखना है तो हम लोग (00:00:54) डिफरेंट टाइप्स ऑफ थ्योरी जो है जो जो हम (00:00:56) लोग आज देखने वाले हैं सबसे पहले उसको एक (00:00:58) देख लेते हैं तो सबसे प पहला थ्योरी जो हम (00:01:01) लोग देखेंगे वह है जेम्स लेंज थ्योरी ओके (00:01:04) सेकंड थ्योरी जो हमारे पास आएगा वह है (00:01:06) कैनन बार्ड थ्योरी थर्ड है स्केटर सिंगर (00:01:09) थ्योरी फोर्थ है लेजर्स थ्योरी फिफ्थ है (00:01:13) एक्टिवेशन थ्योरी ऑफ इमोशन एंड सिक्सथ है (00:01:15) अर्नोल्ड थ्योरी ऑफ इमोशन इस सिक्स थ्योरी (00:01:18) को जो है हम लोग आज देखने वाले हैं जिसमें (00:01:21) जो है यह चार थ्योरी जो है ऊपर वाले ये (00:01:23) ज्यादा इंपोर्टेंट तो हम लोग जो है (00:01:25) नेक्स्ट स्लाइड पर चलते हैं और सबसे पहला (00:01:27) थ्योरी को देखते हैं जिस थ्योरी का नाम है (00:01:29) जेम्स लेंज थ्योरी आखिर यह थ्योरी है क्या (00:01:32) इसको जानने का प्रयास करते हैं तो सबसे (00:01:35) पहले हमें यह पता होना चाहिए जो जेम्स (00:01:36) लेंज थ्योरी है वो सबसे पुराना (00:01:39) साइकोलॉजिकल थ्योरी ऑफ इमोशन है ओके सबसे (00:01:43) पुराना इसको किसने दिया था दो नाम है (00:01:46) जेम्स एंड लेंज तो जेम्स साहब ने सबसे (00:01:49) पहले इस थ्योरी को दिया था उसके बाद इसको (00:01:52) सपोर्ट किया था लेंज साहब ने ठीक है पहला (00:01:54) एक्सपेरिमेंट किसका था वो था जेम्स साहब (00:01:57) का उसके बाद जो है लेंज साहब जो है (00:01:59) एक्सपेरिमेंट करके बताया नहीं यह थ्योरी (00:02:01) काम कर रहा है ओके तो इसलिए जो है इस (00:02:04) थ्योरी को जेम्स लेंज थ्योरी जो है बोला (00:02:06) जाने लगा क्योंकि दोनों ने सपोर्ट किया था (00:02:08) सेकंड लाइन यहां पे आ रहा है कि दिस (00:02:10) थ्योरी सगेट स्टिम रिजल्ट फ्रॉम द (00:02:13) फिजियोलॉजिकल रिस्पांस टू स्टिम ओके तो यह (00:02:16) थ्योरी क्या सजेस्ट करता है यह थ्योरी (00:02:19) सजेस्ट करता है कि जो इमोशन है हमारा वो (00:02:22) इमोशन क्या है रिजल्ट है किसका फ्रॉम द (00:02:25) फिजियोलॉजिकल रिस्पांसस टू स्टिम स्टिम के (00:02:29) वजह से जो हमारे अंदर फिजियोलॉजिकल (00:02:32) रिस्पांस हो रहे हैं उसके वजह से जो है जो (00:02:36) रिजल्ट होता है वही जो है क्या है हमारा (00:02:39) इमोशन है ओके समझ में आया नहीं समझ में (00:02:41) आया चलो समझाते हैं फिर से ये थ्योरी कहता (00:02:44) है क्या कहता है कि जो स्टिम है स्टीमुली (00:02:48) कुछ भी हो सकता है चाहे वो पेन हो सकता है (00:02:50) टेंशन हो सकता है एंजाइटी हो सकता है दर्द (00:02:53) हो सकता है लव हो सकता है कुछ भी स्टिम हो (00:02:56) सकता है ओके या फिर तुम जो है तुम डरा हुआ (00:02:59) कुत्ते को को देख लो बिल्ली को देख लो (00:03:01) सांड को देख लो भालू को देख लो तो अगर वो (00:03:04) तुमको झपट्टा मारना शुरू करता है तो ट्स ए (00:03:06) स्टिम आ ओके तो कोई भी स्टिम जब तुम पे (00:03:10) वर्क करता है तुमको (00:03:15) स्टिमुलेटिंग (00:03:18) फिजियोलॉजिकल चेंजेज का मतलब क्या होता है (00:03:21) बी बीपी बढ़ जाना सांस तेज हो जाना डर के (00:03:24) मारे भागना शुरू कर देना मींस भागना शुरू (00:03:26) कर देना तो ये सारे जो फिजियोलॉजिकल (00:03:28) चेंजेज हैं इसके वजह से जो रिजल्ट होता है (00:03:31) ट्स एन इमोशन ओके तुम डर गए है ना ट्स एन (00:03:35) इमोशन तुम्हारा चेहरा जो है डरा हुआ लगेगा (00:03:38) या फिर तुम खुश हो अगर खुश हो तो तुम्हारे (00:03:40) चेहरे पे स्माइल रहेगा ओके ट्स ऑल आर द (00:03:43) इमोशन तो यह जो थ्योरी है यही बताना चाहता (00:03:46) है कि फिजियोलॉजिकल रिस्पांसस के वजह से (00:03:49) जो है जो रिजल्ट आएंगे वही जो है इमोशन (00:03:52) होता है ओके यहां पर फिर कह रहा है कि (00:03:55) परसेप्शन ऑफ बडली चेंजेज परसेप्शन ऑफ बडली (00:03:58) चेंजेज जो बडली चेंजेज हो हो रहा है जिस (00:04:01) परसेप्शन के कारण जैसे कि एग्जांपल हो गया (00:04:03) रैपिड ब्रीदिंग हमें तेज से सांस ले रहे (00:04:05) हैं इंक्रीजड हार्ट रेट हार्ट रेट बढ़ गया (00:04:08) है लीड्स टू इमोशनल अराउजल जो जो है हमें (00:04:11) इमोशनल अराउजल का कारण बनता है ठीक है (00:04:14) इमोशन आता है जैसे यहां पे जो है एक (00:04:16) एग्जांपल दिया हुआ है बहुत मस्त सा एक (00:04:18) कुत्ता है ठीक है बहुत ही घबरा दब सा (00:04:20) कुत्ता है बहुत ही खतरनाक सा कुत्ता है अब (00:04:23) यह क्या है ये एक स्टीमुलस है इस स्टिमसन (00:04:30) देखा क्या किया इसको ये इसको देखा ठीक है (00:04:33) देखने के बाद क्या हुआ कुत्ता को देखा (00:04:36) कुत्ता को देखते के साथ ही जो है इसका (00:04:39) क्या होता है बीपी हाई हो जाता है डर लगना (00:04:41) शुरू हो जाता है इसको जो है क्या कहते हैं (00:04:44) वो सांसे तेज हो जाता है ब्रीदिंग तेज हो (00:04:46) जाता है वो भागने के लिए तैयार हो जाता है (00:04:48) दौड़ना शुरू कर देता है ठीक है तो ये होता (00:04:50) है सब्जेक्टिव एक्सपीरियंस सब्जेक्टिव (00:04:52) एक्सपीरियंस का मतलब होता है कि हर एक (00:04:54) पर्सन को अपना-अपना एक्सपीरियंस होगा (00:04:57) जरूरी नहीं है कि कुत्ते को देख के अगर एक (00:05:00) इंसान को सांसे तेज चल रही है या फिर वो (00:05:03) भागना शुरू कर देता है तो दूसरा इंसान भी (00:05:05) भागे जरूरी नहीं है ना तो डेट से (00:05:08) सब्जेक्टिव एक्सपीरियंस वो हर एक इंसान पर (00:05:11) डिपेंड करेगा अब जब सब्जेक्टिव (00:05:13) एक्सपीरियंस हो रहा है तो इसके कारण से जो (00:05:16) है बडी रिस्पांस करेगा राउजल होगा किसका (00:05:19) इमोशन का ओके तो ये यहां पे बच्चा जो है (00:05:22) डरा हुआ रहेगा ओके तो यही था ये थ्योरी (00:05:25) यहां पे क्या कह रहा है कि सबसे पहले (00:05:27) स्टीमुलस रहेगा स्टीमुलस के वजह से जो है (00:05:30) सब्जेक्टिव एक्सपीरियंस होगा मींस (00:05:32) फिजियोलॉजिकल रिस्पांसस होंगे और इसके वजह (00:05:34) से जो रिजल्ट आएगा ट्स इमोशन ये इमोशन (00:05:38) फियर हो सकता है जॉय हो सकता है कुछ भी हो (00:05:40) सकता है ओके तो ट इज द जेम्स लेंज थ्योरी (00:05:43) नेक्स्ट में हम लोग चलते हैं तो यहां पर (00:05:45) बोल रहा है यह बच्चा जो एग्जांपल में कह (00:05:48) रहा था कि आई फील अफ्रेड मैं डरा हुआ (00:05:51) महसूस कर रहा हूं क्योंकि माय हार्ट इज (00:05:54) पाउंडिंग मेरा जो दिल है वो धरक रहा है (00:05:57) इसलिए जो है मैं डरा हुआ फील कर रहा हूं (00:06:00) ओके ये जेम्स लेंस थ्योरी में बोल रहा है (00:06:03) नेक्स्ट हम लोग चलते हैं तो इस थ्योरी के (00:06:05) कुछ क्रिटिसिजम हुए ठीक है क्रिटिसिजम (00:06:07) क्या हुआ कि फिजियोलॉजिकल चेंजेज अलोन (00:06:10) डोंट लवेज प्रोड्यूस इमोशन एंड सम इमोशन (00:06:13) शेयर सिमिलर फिजियोलॉजिकल रिस्पांसस इसका (00:06:16) मतलब क्या हुआ यहां पे सीधा सा कहना है (00:06:19) कुछ क्रिटिसिजम किया अलग-अलग साइकोलॉजिस्ट (00:06:22) ने कि जो फिजियोलॉजिकल चेंज को हम (00:06:24) सीधा-सीधा नहीं बोल सकते कि ये इमोशन (00:06:26) प्रोड्यूस करता है ओके हम सीधा नहीं बोल (00:06:29) सकते कि फिजियोलॉजिकल चेंजेज के वजह से यह (00:06:31) पार्टिकुलर इमोशन होंगे क्योंकि सम इमोशन (00:06:36) शेयर सिमिलर फिजियोलॉजिकल रिस्पांसस (00:06:38) क्योंकि कुछ ऐसे इमोशंस हैं जिसका (00:06:41) फिजियोलॉजिकल रिस्पांस जो है वह सेम है (00:06:43) लाइक यहां पे एग्जांपल दिया एक्साइटमेंट (00:06:46) एंड एंजाइटी एक इंसान एक्साइट हो रहा है (00:06:49) और एक इंसान एंजाइटी में है दोनों में (00:06:52) हार्ट रेट तेज हो जाता है दोनों में पल्स (00:06:54) रेट तेज हो जाता है दोनों में ब्रीथिंग (00:06:56) तेज हो जाता है तो जब दोनों का (00:06:59) फिजियोलॉजिकल चेंजेज जो है सेम है तो जो (00:07:02) उसके रिजल्ट आ रहे हैं इमोशन आ रहे हैं (00:07:05) इसमें (00:07:07) डिफरेंशियल या तो गुस्सा आ रहा है या फिर (00:07:10) डर लग रहा है गुस्सा आता है तो भी चेहरा (00:07:12) लाल हो जाता है और डर के मारे भी चेहरा (00:07:14) लाल हो जाता है पीला हो जाता है भागना (00:07:16) शुरू कर देता है ठीक है तो दोनों के (00:07:18) फिजियोलॉजिकल जो कंडीशन है वो सेम सेम से (00:07:22) है तो यही क्रिटिसिजम जो है यहां पर (00:07:23) अलग-अलग साइकोलॉजिस्ट ने उठा दिया य ओके (00:07:26) ये था पहला थ्योरी एकदम ध्यान से पढ़ना है (00:07:29) बहुत अच्छे से नोट्स यहां पर दिया हुआ है (00:07:31) इसको लिखना भी है ओके लिखो और समझो सेकंड (00:07:35) थ्योरी में हम लोग चलते हैं और सेकंड (00:07:36) थ्योरी था केनन बार्ड थ्योरी ओके तो यह (00:07:40) थ्योरी क्या कहता है तो सबसे पहले हम लोग (00:07:43) जानते हैं इस थ्योरी को दिया था केनन साहब (00:07:46) ने 1927 में कब दिया था 1927 में और उसके (00:07:51) बाद में जो है बाड साहब ने कंफर्म किया था (00:07:54) इस थ्योरी को उसने बोला (00:07:57) गुड दिस इज वेरी गुड य थ्योरी को जो है हम (00:08:00) भी कंफर्म करते हैं ओके उसके बाद जो है (00:08:04) यहां पे कहता है कि यह थ्योरी कहता क्या (00:08:06) है ये थ्योरी सजेस्ट क्या करता है ये (00:08:09) थ्योरी सजेस्ट करता है कि ट इज द गिवेन (00:08:12) स्टीमुलस इवोक बोथ ए फिजियोलॉजिकल एंड देन (00:08:15) इमोशनल (00:08:16) रिस्पांसस वहां पे अलग था जेम्स लेंज में (00:08:19) वहां कह रहा था कि पहले फिजियोलॉजिकल (00:08:21) चेंजेज होते हैं फिर उसके रिजल्ट में आता (00:08:23) है हमारा इमोशन लेकिन यहां पे कह रहा है (00:08:27) कि जो स्टिमुलेटिंग (00:08:30) है वो साथ में वोक करता है बोथ (00:08:32) फिजियोलॉजिकल एंड इमोशनल रिस्पांसस (00:08:34) फिजियोलॉजिकल और इमोशनल रिस्पांसस को साथ (00:08:38) में इवोक करता है ओके सिमुल्टेनियसली एंड (00:08:41) ट नेदर वन काज द अदर और इसमें जो है एक भी (00:08:46) एक दूसरे का रीजन नहीं बन सकता कि इसके (00:08:48) वजह से यह हुआ या फिर इसके वजह से यह हुआ (00:08:51) यह मैं नहीं कह रहा हूं यह कौन कह रहा है (00:08:53) कैनन बारड थ्योरी केनन साहब कर रहे हैं और (00:08:56) बाड साहब कह रहे हैं तो यहां पर जो (00:08:58) एग्जांपल इस तरीके से आया कि जो यहां पे (00:09:00) खतरनाक कुत्ता था जो (00:09:05) स्टिमसन भी ओके सब्जेक्टिव एक्सपीरियंस भी (00:09:08) हुआ और यहां पे इसके इमोशंस भी आए डरे हुए (00:09:12) ओके अब ये किस तरीके से हुआ ये हम लोग आगे (00:09:15) देखते हैं ओके तो यही था इस थ्योरी का (00:09:18) सबसे मेन फंडा कि एक ही साथ में जो है (00:09:21) सब्जेक्टिव एक्सपीरियंस होगा मींस (00:09:24) फिजियोलॉजिकल रिस्पांस होगा और जो है (00:09:26) इमोशनल रिस्पांस भी जो एक साथ होगा ओके तो (00:09:29) यहां पे हम लोग नेक्स्ट देखते हैं कि यह (00:09:31) बच्चा यहां पे क्या कह रहा है वहां पे (00:09:33) क्या बोल रहा था मेरा हार्ट जो है वह बीट (00:09:36) कर रहा है इस कारण से मैं डर रहा हूं ओके (00:09:39) यहां पे कह रहा है कि द डॉग मेक मी फील (00:09:42) अफ्रेड एंड माय हर्ट पाउंड कुत्ता जो है (00:09:45) मुझे डरा भी दिया और जो है मेरा हार्ट (00:09:48) पाउंड भी कर रहा है ओके नेक्स्ट में हम (00:09:50) लोग देखते हैं कि यहां पे कुछ इस तरीके से (00:09:53) दिया हुआ है कि परसेप्शन ऑफ एन इमोशन (00:09:55) प्रोड्यूस स्टिम सबसे पहले क्या होता है (00:09:58) इंसान परसेप्शन करता है किस चीज का (00:10:01) परसेप्शन करता है जो स्टिम है जो इमोशन जो (00:10:05) चेंज करने वाला है उस चीज के बारे में (00:10:06) परसेप्शन करता है कि हां भाई वो सांप है (00:10:09) वो बहुत जहरीला होगा या फिर जो भालू है (00:10:12) उसको देख के डर जाएंगे कुत्ता इतना खतरनाक (00:10:14) कुत्ता ठीक है वो परसेप्शन कर लिया बहुत (00:10:17) सारा चीज कि काट ही लेगा मेरे को है ना (00:10:19) इसके वजह से क्या होगा कि स्टीमुलस (00:10:22) प्रोड्यूस्ड बाय द थलम यह स्टीमुलस जो है (00:10:25) किसके द्वारा प्रोड्यूस होता है थलम के (00:10:27) द्वारा प्रोड्यूस होता है थलम कहां होते (00:10:29) हैं हमारे ब्रेन में होते हैं तो थलम क्या (00:10:32) करता है मैसेज सेंड करता है किसको कोटेक्स (00:10:35) को और अदर पार्ट्स ऑफ द बॉडी को ठीक है (00:10:38) थलम जो है वो कोटेक्स कोटेक्स भी हमारे (00:10:40) दिमाग में ही होते हैं कोटेक्स में और अदर (00:10:43) पार्ट्स ऑफ बॉडी में जो है क्या करेगा ये (00:10:45) मैसेज को जो है सेंड करेगा सिग्नल को सेंड (00:10:48) करेगा और जो मैसेज कोटेक्स में जाएगा उसके (00:10:51) वजह से क्या होगा हमें इमोशन एक्सपीरियंस (00:10:53) होंगे और जो मैसेज जो है थैलेमस में जाएगा (00:10:57) और उसके वजह से जो है वो क्या हो एक्टिवेट (00:11:00) होता है विसरल एंड स्केलेटल रिस्पांसस मी (00:11:03) हमारे फिजियोलॉजिकल रिस्पांसस जो होंगे वो (00:11:05) थलम के वजह से होंगे और जो है कोटेक्स में (00:11:08) जो मैसेज गया है उसके वजह से जो है हमें (00:11:10) इमोशन एक्सपीरियंस होंगे और ये क्या होता (00:11:13) है थलम से ही भेजा जाता है ओके थलम से ही (00:11:18) भेजा जाता है एक ही साथ में इसलिए इस (00:11:21) दोनों के बीच में जो है कोई कनेक्शन नहीं (00:11:23) इसके वजह से यह नहीं हो रहा इसके वजह से (00:11:25) यह नहीं नहीं हो रहा ओके यह प्रूव किए थे (00:11:29) थ्योरी ने ओके तो यह थ्योरी यही कहता है (00:11:33) नेक्स्ट यहां पे क्या कह रहा है तो इसके (00:11:35) कुछ लिमिटेशन थे इस थ्योरी के कुछ (00:11:37) लिमिटेशन थे क्या लिमिटेशन थे कि ओवर लुक (00:11:40) द रोल ऑफ अदर ब्रेन एरियाज लाइक ए प्री (00:11:43) फ्रंटल कोरटेक्स एंड डंट एक्सप्लेन लॉन्ग (00:11:45) लास्टिंग इमोशन ठीक है यहां पे कह रहा है (00:11:48) कुछ लिमिटेशन इस तरीके से किया कि ठीक है (00:11:51) आपने थलम उस को देखा आपने कोटेक्स को देखा (00:11:54) अलग-अलग पार्ट को देखा लेकिन और भी जो (00:11:57) पार्ट है जैसे प्री फ्रंटल कोर्ट्स है (00:11:59) उसको आप आपने नजरअंदाज कर दिया ओवर लुक्स (00:12:01) कर दिया ठीक है आपने पूरा ब्रेन को देखा (00:12:04) ही नहीं एंड डजन एक्सप्लेन लॉन्ग लास्टिंग (00:12:06) इमोशन और लॉन्ग लास्टिंग इमोशन को (00:12:08) एक्सप्लेन नहीं कर पाए मींस गुस्सा है (00:12:11) लगातार दो दिन से गुस्सा है तो दो दिन से (00:12:13) क्यों गुस्सा है (00:12:16) स्टिमसन जो है वो सिग्नल भेजा गुस्सा हुआ (00:12:20) ओके आई विल अंडरस्टैंड बट (00:12:22) व्हाई दो दिन से क्यों गुस्सा है तो लॉन्ग (00:12:26) लास्टिंग इमोशन को उन्होंने एक्सप्लेन (00:12:29) नहीं कर पाया ओके तो ये जो थ्योरी था ये (00:12:31) थ्योरी था केनन बार्ड थ्योरी अब हम लोग जो (00:12:34) है नेक्स्ट स्लाइड पर चलते हैं और नेक्स्ट (00:12:36) थ्योरी को देखते हैं जिस थ्योरी का नाम है (00:12:38) स्केटर सिंगर्स थ्योरी इसको टू फैक्टर्स (00:12:40) थ्योरी भी बोला जाता है ओके ये भी जो है (00:12:42) बहुत पॉपुलर नाम है इस थ्योरी का टू (00:12:45) फैक्टर्स थ्योरी ओके यह थ्योरी क्या कहता (00:12:48) है यह थ्योरी बहुत सिंपल सा बात कहता है (00:12:51) यह थ्योरी कहता है कि जो इमोशन है वो एक (00:12:54) रिजल्ट है किसका रिजल्ट है फिजियोलॉजिकल (00:12:57) अराउजल एंड कॉग्निटिव अप्रेजल ऑफ द (00:12:59) सिचुएशन (00:13:00) किसी भी सिचुएशन का फिजियोलॉजिकल अराउजल (00:13:03) एंड कॉग्निटिव (00:13:05) अप्रेजल का रिजल्ट है फिजियोलॉजिकल अराउजल (00:13:08) क्या होता है जो हमारे बॉडी में जिस तरीके (00:13:11) के अराउजल हो रहे हैं हमारा हार्ट बीट तेज (00:13:14) हो रहा है हमारा जो है पल्स तेज हो रहा है (00:13:17) हम दौड़ना चालू कर रहे हैं जो भी हमारा (00:13:18) फिजियोलॉजिकल अराउजल है ये करने का मन कर (00:13:21) रहा है वो फिजियोलॉजिकल अराउजल है और (00:13:23) कॉग्निटिव अप्रेजल का मतलब होता है हमें (00:13:26) किसी भी चीज को जो है अच्छे तरीके से देख (00:13:29) करना ठीक है ऑब्जर्व करना उसका मूल्यांकन (00:13:32) करना ठीक है अप्रेजल का मतलब ही होता है (00:13:35) मूल्यांकन करना पहले हम लोग उसको नाप तोल (00:13:38) के देखेंगे दिस इज डेंजरस और नॉट डेंजरस (00:13:41) डरना है या फिर नहीं डरना है कुत्ता है तो (00:13:44) भागेंगे बिल्ली है तो मार के भगा देंगे (00:13:47) ठीक है तो कॉग्निटिव अप्रेजल भी करेगा वो (00:13:49) पहले सोचेगा थिंकिंग करेगा उसके बारे में (00:13:52) ठीक है तो इसके रिजल्ट के बाद ही जो (00:13:54) इमोशंस आते हैं यह कौन कह रहा है मैं नहीं (00:13:57) कह रहा हूं यह बोल रहा है स्केटर सिंगर थ (00:14:00) ट्यू फैक्टस थ्योरी ओके तो यहां पर (00:14:03) नेक्स्ट लाइन कह रहा है कि रिक्वायर (00:14:05) अटेंशन टू स्टिमसन इंटरप्रिटेशन ऑफ अराउजल (00:14:08) टू एक्सपीरियंस स्पेसिफिक इमोशन यहां पर (00:14:11) कह रहा है कि इस थ्योरी में कहा जाता है (00:14:14) कि जो इंसान है वह सबसे पहले अटेंशन करता (00:14:17) है किस पर (00:14:20) स्टिमसन डरंगा पहले देखूंगा यह डरने वाला (00:14:23) चीज है या फिर नहीं है तब फिर डरंगा ना तो (00:14:27) यह अटेंशन करता है स्टीमुलस प आखिर (00:14:29) स्टीमुलस है क्या फिर इंटरप्रिटेशन ऑफ (00:14:31) अराउजल उसके बाद इंटरप्रिटेड कर करके जो (00:14:34) है अराउजल होता है फिर एक्सपीरियंस (00:14:36) स्पेसिफिक इमोशन और जो है जो इमोशन है (00:14:39) उसको हम लोग एक्सपीरियंस करते हैं अगर (00:14:41) डरावना है तो डरेंगे अगर खूबसूरत है तो (00:14:44) प्यार आएगा है ना एक सुंदर लड़की या फिर (00:14:47) चुड़ैल ओके तो यहां पे कुछ इस तरीके से (00:14:50) एग्जांपल दिया हुआ है कि एक कुत्ता है यह (00:14:53) वही वाला कुत्ता है जो दोनों में हम लोग (00:14:54) देखे थे ये कुत्ता जो है बहुत कश करके (00:14:57) भोकना शुरू कर दिया अब इसको देख के क्या (00:14:59) होता है बडी रिस्पांस होना शुरू हो जाता (00:15:01) है ओके बड़ रिस्पांस होना शुरू होता है तो (00:15:05) फिर अभी हम यहां पर बड़ रिस्पांस दे रहा (00:15:07) है बट जो है हम पहले सोचेंगे इंटरप्रेट (00:15:11) करेंगे ठीक है हम जाकर देखेंगे कि ये है (00:15:14) कौन भाई यह कहीं वो कुत्ता तो नहीं है जो (00:15:17) मेरा पड़ोसी का था सिर्फ भोकने का आवाज (00:15:19) आके मैं डर रहा हूं ठीक है तो अगर यह देख (00:15:22) लेगा कि नहीं भाई यह तो दूसरा कुत्ता है (00:15:24) यह तो काटने के लिए दौड़ रहा है जब इसको (00:15:27) लगेगा कि ट्स अ डेंजर ठीक है हम डेंजर जोन (00:15:30) पर पहुंच गए हैं तब जो है वो सब्जेक्टिव (00:15:33) एक्सपीरियंस करेगा और डरना चालू कर देगा (00:15:35) इमोशन जो है डर वाला इमोशन जो है यहां पे (00:15:37) आना शुरू हो जाएगा सब्जेक्टिव एक्सपीरियंस (00:15:40) शुरू होगा उससे पहले सब्जेक्टिव (00:15:41) एक्सपीरियंस नहीं होगा समझ रहे हो मतलब (00:15:44) यहां पे क्या कह रहा है कि जब भी कोई (00:15:46) स्टिमसन (00:15:52) स्टिमुलेटिंग (00:15:55) कि हां जो डरने लायक वाला चीज है या फिर (00:15:59) नहीं है अगर डरने वाला चीज रहेगा तो यहां (00:16:01) पे इंटरप्रेट करेंगे और फिर डरना चालू (00:16:04) करेंगे और नहीं रहेगा तो हमें नहीं डरना (00:16:06) है समझ रहे हो तो यहां पे क्या कह रहा है (00:16:09) ये लड़का माय पाउंडिंग हर्ट मींस आई एम (00:16:12) अफ्रेड मेरा जो दिल धारक रहा है इसका मतलब (00:16:15) है कि मैं डरा हुआ हूं लेकिन आई (00:16:18) इंटरप्रिटेड द सिचुएशन एज डेंजरस लेकिन (00:16:21) मैंने इंटरप्रेट कर लिया जो सिचुएशन है वो (00:16:24) डेंजरस है ओके उसके बाद फिर से डरना (00:16:27) स्टार्ट हो जाएगा डर वाला इमोशन आना शुरू (00:16:29) हो जाएगा (00:16:29) अब हम लोग नेक्स्ट स्लाइड पर चलते हैं और (00:16:31) नेक्स्ट थ्योरी को देखते हैं जिस थ्योरी (00:16:33) का नाम है लेजर्स थ्योरी ओके तो यह थ्योरी (00:16:36) क्या कहता है यह थ्योरी कहता है कि दिस (00:16:38) थ्योरी प्रपोज दैट व्हेन एन इवेंट अकर ए (00:16:41) कॉग्निटिव अप्रेजल इज मेड ओके जब भी जो है (00:16:45) कोई इवेंट अकर होता है उस समय क्या होता (00:16:48) है एक कॉग्निटिव अप्रेजल जो है बनता है (00:16:51) कॉग्निटिव अप्रेजल का मतलब होता है (00:16:52) कॉग्निटिव मूल्यांकन अपने दिमाग में जो है (00:16:55) अच्छे तरीके से नाप तोल कर लेते हैं कि (00:16:57) ऐसा सिचुएशन आएगा यहां पर डरना है ऐसा (00:17:00) सिचुएशन आएगा तो यहां पर नहीं डरना है ओके (00:17:03) कॉन्शियसली और सबकॉन्शियसली का मतलब क्या (00:17:06) होता है कॉन्शियसली का मतलब होता है चेतन (00:17:08) मन ठीक है अपना अभी जो काम कर रहे हैं वो (00:17:11) चेतन मन में कर रहे हैं सबकॉन्शियसली का (00:17:13) मतलब होता है वो हमारा अवचेतन मन जो हमें (00:17:17) बोलने की जरूरत नहीं है अपने आप होता है (00:17:19) ओके अगर मान लो कि तुम्हारे सामने एक (00:17:21) कुत्ता आता है ठीक है तो तुम लोग जो है (00:17:24) कॉन्शियसली सोचोगे ये कुत्ता डेंजरस है (00:17:26) पागल है या फिर क्यूट सा कुत्ता है (00:17:29) है ना अब सबकॉन्शियसली में तुमको पहले से (00:17:32) पता है कि शेर डेंजरस होता है वहां पर (00:17:35) सोचना नहीं है सीधा भागना है तो वहां पे (00:17:38) इमोशन तुम्हारा जो है सीधे अटैक करेगा कि (00:17:40) भाई डरो और निकलो यहां से ओके एंड बेस्ड (00:17:43) ऑन द रिजल्ट ऑफ व्हिच द इमोशन एंड (00:17:45) फिजियोलॉजिकल रिस्पांसस और उसी रिजल्ट के (00:17:47) आधार पर जो है हमारा इमोशन और हमारा (00:17:50) फिजियोलॉजिकल रिस्पांसस जो है होता है (00:17:52) चाहे वो भविष्य में हो या फिर उस समय हो (00:17:55) ओके तो कोई भी इवेंट के कारण जो है (00:17:58) कॉग्निट अप्रेजल बनता है और उसी कॉग्निटिव (00:18:01) अप्रेजल के आधार पर जो है हमारा इमोशन और (00:18:04) हमारा फिजियोलॉजिकल रिस्पांसस जो है वर्क (00:18:06) करता है ओके नेक्स्ट लाइन यहां पे कह रहा (00:18:09) है कि दिस थ्योरी एमफसा इजस द रोल ऑफ (00:18:11) कॉग्निटिव अप्रेजल यह थ्योरी एमफसा इज (00:18:14) करता है बढ़ावा देता है किसका रोल ऑफ (00:18:17) कॉग्निटिव अप्रेजल का रोल ऑफ कॉग्निटिव (00:18:20) अप्रेजल क्या होता है हाउ वी इवेलुएट एंड (00:18:22) इंटरप्रेट सिचुएशन किसी एक पार्टिकुलर (00:18:26) सिचुएशन को हम किस तरीके से इवेलुएट (00:18:29) करेंगे और किस तरीके से उसको जो है (00:18:31) इंटरप्रिटेड करेंगे ओके इन द एक्सपीरियंस (00:18:35) ऑफ इमोशन जो हमारा एक्सपीरियंस पहला इमोशन (00:18:37) में हो चुका है पहले इवेंट में जो इमोशन (00:18:40) हमको आ चुके हैं उसी के आधार पर जो है हम (00:18:43) इवेलुएट करेंगे और फिर जो है उसको (00:18:45) इंटरप्रेट करेंगे अब यहां पर जो है एक (00:18:48) ग्राफ दिया हुआ है ओके इस ग्राफ को जो है (00:18:50) एक एग्जांपल से समझते हैं रियल लाइफ (00:18:52) एग्जांपल से तो यहां पर सबसे पहला क्या है (00:18:55) स्टिमसन अस को कुछ इस तरीके से लेते हैं (00:18:58) कि तुम एक जंगल से गुजर रहे हो ठीक है और (00:19:01) वहां पर जो है कुछ झड़ी है और झाड़ी खरखरा (00:19:04) रहा है ठीक है आवाज कर रहा है अचानक से (00:19:06) आवाज हुआ (00:19:12) स्टिमुलेटिंग नंबर में तुम परसेप्शन करते (00:19:16) हो और इंटरप्रिटेशन करते हो ठीक है (00:19:18) परसेप्शन क्या करोगे हो सकता है यहां पर (00:19:21) जो है भालू होगा या फिर हवा चल रहा होगा (00:19:25) ओके हो सकता है यहां पर भालू होगा या फिर (00:19:28) हवा आप से भी झाड़ी खरखरा रहा होगा फिर (00:19:31) यहां पर कुछ कांटेक्ट आते हैं कांटेक्ट (00:19:34) आते हैं जब तुमको पता चलेगा ठीक है (00:19:37) कांटेक्ट में कुछ तुमको पता रहेगा कि ये (00:19:39) एरिया भालु का है यहां पर भालू ज्यादा (00:19:42) होता है ओके जब तुमको पता चल गया कि यहां (00:19:45) पर भालू ज्यादा होता है तो तुम क्या करोगे (00:19:49) और ज्यादा डरो ठीक है तो जब जो है कंटेस्ट (00:19:53) और परसेप्शन दोनों तुमको बिलीव दिला देगा (00:19:56) कि यहां पर डेंजर है दिस इज डेंजरस प्लेस (00:20:01) देन पार्टिकुलर इमोशन एक्सपीरियंस तो उस (00:20:03) तरीके का जो है एक्सपीरियंस तुमको होना (00:20:05) स्टार्ट हो जाएगा ओके समझा यहां पे तो हम (00:20:08) लोग एक बार फिर से देखते हैं स्टिमसन अस (00:20:12) तुमको (00:20:14) स्टिमुलेटिंग (00:20:19) चल रहा होता है ठीक है लेकिन जो है जब (00:20:23) कॉन्टेक्स्ट तुम्हारे दिमाग में पहले से (00:20:25) था कि एरिया जो है भालू का है ठीक है तो (00:20:28) तुमको जो है कॉन्टेक्स्ट भी बिलीव दिलाया (00:20:30) कि डेंजरस है तुमको परसेप्शन भी बिलीव (00:20:33) दिलाया कि डेंजरस है तो तुम यहां पे क्या (00:20:35) महसूस करोगे फियर महसूस करोगे पूरा कस के (00:20:39) है ना अब मान लो कंटेस्ट में तुमको लगा कि (00:20:41) नहीं नहीं इधर तो भालू वालू रहता नहीं है (00:20:43) हवा से ही हो रहा होगा ठीक है तो कंटेस्ट (00:20:46) तुमको जो है ये यकीन दिला दिया कि नहीं (00:20:48) नहीं हवा ही है तो तुमको फियर महसूस नहीं (00:20:51) होगा उसी तरीके से यहां पे परसेप्शन था और (00:20:54) मान लो कि तुम यहां पर कुछ थोड़ा बहुत जो (00:20:57) कुछ देख लिए स्टीमुलस के तौ पे जो है कुछ (00:20:59) देखे यहां पे ठीक है तो जब स्टीमुलस के (00:21:02) दौर प कुछ और तुमको दिख गया तो फिर यहां (00:21:05) पे परसेप्शन करना स्टार्ट कर दोगे ठीक है (00:21:07) इंटरप्रिटेड करोगे छोटा वाला जानवर था या (00:21:10) फिर बड़ा वाला जानवर था थोड़ा डरना है या (00:21:13) फिर बहुत कस के डरना है मान लो यहां पर जो (00:21:16) है तुम छोटा चूहा देख लेते हो अरे चूहा से (00:21:19) कौन डरेगा है ना यहां पर परसेप्शन करोगे (00:21:22) या फिर तुमको लगेगा अरे चूहा नहीं वहां पे (00:21:24) साप भी तो हो सकता है फिर यहां पे (00:21:25) परसेप्शन करना चालू करोगे ठीक है तो (00:21:28) नेक्स्ट यहां पे फीडबैक क्या है कि जो है (00:21:30) यहां पे एक्सपीरियंस तुमने इमोशन को किया (00:21:32) इमोशन को एक्सपीरियंस करने के बाद जो है (00:21:35) तुम जो है फिर से यहां पे फीडबैक दे दोगे (00:21:37) किसको परसेप्शन को कि नेक्स्ट टाइम अगर (00:21:40) कुछ ऐसा होता है तो हमको डरना है अगर मान (00:21:43) लो यहां पे सच में भालू हुआ तुम डरे हुए (00:21:45) हो भालू हुआ तो तुमको यहां पे फीडबैक दे (00:21:48) दोगे कि अगर नेक्स्ट बार ऐसा होता है (00:21:50) सिचुएशन तो वहां से निकलना है मेरे को (00:21:52) भागना है वहां से वहां बैठ के हम लोग (00:21:54) परसेप्शन नहीं करेंगे है ना अगर मान लो (00:21:57) वहां पे हवा रहता है तो नेक्स्ट अगर खरखरा (00:21:59) आता भी है अरे यहां पे हवा चलते रहता है (00:22:01) ऐसे झाड़ी खरखरा रहता है ठीक है तो इस (00:22:04) आधार पर जो है हमारा इमोशन वर्क करता है (00:22:07) यह लजर्सफेल्ड (00:22:17) स्ले साहब ने दिए थे तो लिंडस्ले साहब ने (00:22:21) सजेस्ट किए क्या सजेस्ट किए कि इमोशन इज ए (00:22:24) हाईली अराउजल स्टेट कंट्रोल्ड बाय द (00:22:26) रेटिकुलर (00:22:28) फॉर्मेशन लिसले साहब ने बोला कि जो इमोशन (00:22:31) है वो हाईली अराउजल स्टेट है जो कंट्रोल (00:22:34) होता है रेटिकुलर फॉर्मेशन से आरएफ से (00:22:37) रेटिकुलर फॉर्मेशन देखो यहां पे बना हुआ (00:22:40) है ये है रेटिकुलर फॉर्मेशन देखो यहां पे (00:22:42) रेड वाला जो कलर है ट्स ए रेटिकुलर (00:22:45) फॉर्मेशन रेटिकुलर फॉर्मेशन जो होता है वो (00:22:48) एक कंप्लेस जो है ना चीज होता है (00:22:50) न्यूरॉन्स का या फिर नर्वस सिस्टम का जो (00:22:53) है कंपलेक्स चीज होता है जिसके वजह से (00:22:54) क्या होता है ना वो इमोशंस जो है यहां पे (00:22:57) प्रोड्यूस होते हैं ओके तो वो जो है (00:22:59) एनाटोमी का बात है तो हम लोग थोड़ा सा (00:23:01) सिर्फ जो है यहां पे एक झलक देख लेते हैं (00:23:04) तो लिसले साहब ने यही सजेस्ट किया कि (00:23:06) इमोशन जो है वो हाई राउजल स्टेट है जिसको (00:23:09) कंट्रोल करता है रेटिकुलर फॉर्मेशन व्हिच (00:23:12) इन्फ्लुएंस बिहेवियर जो हमारे बिहेवियर को (00:23:15) इन्फ्लुएंस करता है मसल एक्टिविटी को (00:23:17) इन्फ्लुएंस करता है और सेंसरी इनपुट्स को (00:23:24) स्टिमुलेटिंग (00:23:27) इनपुट को क्या करता है वो इन्फ्लुएंस करता (00:23:30) है यह कौन कह रहा है यह लिसले साहब ने कह (00:23:33) रहे हैं लिसले साहब ने कह रहे हैं ओके (00:23:37) इसका लिमिटेशन क्या था लिमिटेशन यह था कि (00:23:41) डज नॉट (00:23:45) डिफरेंशिएबल (00:23:57) कैसे पता लगाएंगे कि जो फीलिंग्लेस हमारे (00:24:01) पास आ रहा है वो इमोशन ही है या फिर (00:24:04) मोटिवेशन है हम लोग किसी को मोटिवेट कर (00:24:06) दिए और वो अब जो है आग बबूला मारने के लिए (00:24:09) तैयार है ठीक है या फिर पढ़ने के लिए (00:24:11) तैयार है तो मोटिवेशन है या फिर इमोशन है (00:24:15) इसके बीच में जो है हम लोग (00:24:21) डिफरेंशिएबल (00:24:23) फॉर्मेशन के वजह से होता है ये सही चीज था (00:24:27) ओके तो इसके भी कुछ लिमिटेशन थे तो यह था (00:24:29) एक्टिवेशन थ्योरी ऑफ इमोशन बहुत सिंपल सा (00:24:31) था कि रेटिकुलर फॉर्मेशन के वजह से ही जो (00:24:34) है हमें हाई अराउजल होते हैं हाई राउजल (00:24:36) स्टेट होते हैं जो हमारे बिहेवियर को (00:24:39) इन्फ्लुएंस करते हैं मसल एक्टिविटी को (00:24:40) इन्फ्लुएंस करते हैं और सेंसरी इनपुट को (00:24:42) जो है इन्फ्लुएंस करते हैं ओके इसके बाद (00:24:45) जो है कुछ डिफरेंट अराउजल स्टेट्स हम लोग (00:24:47) देख लेते हैं जैसे लो अराउजल स्टेट लो (00:24:50) अराउजल स्टेट में क्या होता है हम लोग को (00:24:52) बोरिम फील होता है पूरा बोरियत सा फीलिंग (00:24:54) होगा रिलैक्सेशन मतलब रिलैक्स रिलैक्स सा (00:24:57) लगेगा सेडनेस रहे उदासी छाया हुआ रहेगा आर (00:25:00) एसोसिएटेड विद लो फिजियोलॉजिकल अराउजल जब (00:25:03) हम में लो फिजियोलॉजिकल अराउजल होते हैं (00:25:05) तो ऐसे-ऐसे फील होंगे बोरियत वाला फील (00:25:07) होंगे रिलैक्स फील होंगे सेडनेस फील होंगे (00:25:09) जब मॉडरेट अराउजल स्टेट में जब हम लोग आते (00:25:12) हैं तो वहां पे फिर खुश खुश रहेंगे (00:25:13) हैप्पीनेस है ना कंटेनमेंट सरप्राइज वाओ (00:25:18) ठीक है ये सारे चीज जो होते हैं वो मॉडरेट (00:25:20) अराउजल स्टेट में आते हैं कैन इमर्ज फ्रॉम (00:25:23) मॉडरेट लेवल ऑफ एक्टिवेशन जो मॉडरेट लेवल (00:25:26) ऑफ एक्टिवेशन के वजह से क्या होता है यह (00:25:28) हमें अराउजल आते हैं यह हमें इमोशन देते (00:25:31) हैं ओके नेक्स्ट होता है हाई अराउजल स्टेट (00:25:34) जब हाई अराउजल स्टेट होता है तो यहां पर (00:25:36) इमोशन होता है कौन-कौन एंगर गुस्सा फियर (00:25:40) डर लगना एक्साइटमेंट बहुत कष्ट के कोई (00:25:43) तुमको लाके फोर वलर दे दिया एक्साइटमेंट (00:25:46) हो गया वाओ व्हाट इज दिस एंजाइटी एंजाइटी (00:25:50) में टेंशन में बहुत ज्यादा कम फ्रॉम द हाई (00:25:52) लेवल ऑफ एक्टिवेशन यह जो है हाई लेवल ऑफ (00:25:54) एक्टिवेशन के वजह से आता है ओके बहुत (00:25:57) अच्छा से नोट्स बना हुआ है इसको बनाने में (00:25:59) बहुत मेहनत लगा है ओके हर एक को टाइप करना (00:26:02) पड़ता है हर एक को लिखना पड़ता है ताकि (00:26:04) तुमको अच्छा से दिख सके अच्छा से नोट कर (00:26:08) सको ओके नेक्स्ट थ्योरी को हम लोग देखते (00:26:11) हैं और नेक्स्ट और लास्ट थ्योरी आता है (00:26:13) अर्नल्ड्स थ्योरी ऑफ इमोशन एरनोस थ्योरी (00:26:16) ऑफ इमोशन यह थ्योरी क्या कहता है ये (00:26:18) थ्योरी कहता है अकॉर्डिंग टू दिस थ्योरी (00:26:21) इमोशन आर ट्रिगर्ड बाय हाउ इंडिविजुअल (00:26:23) इवेलुएट और (00:26:26) अप्राइसिटस और (00:26:29) ठीक है यह भी पहले के जैसा ही है लेकिन (00:26:31) इसका सिंपल सा कहना है कि अकॉर्डिंग टू (00:26:33) दिस थ्योरी इमोशन ट्रिगर्ड ही होता है कि (00:26:37) कैसे एक इंडिविजुअल जो है किसी भी सिचुएशन (00:26:40) को किसी भी स्टिम को किसी भी सराउंडिंग को (00:26:44) जो है इवेलुएट कर रहा है और अप्रेज कर रहा (00:26:47) है इवेलुएट का मतलब होता है उसको नाप तोल (00:26:49) रहा है और अप्रेज का मतलब होता है (00:26:51) मूल्यांकन कर रहा है दोनों का एक ही (00:26:53) मीनिंग होता है ठीक है हम लोग उसका (00:26:55) मूल्यांकन करेंगे दिस इज डेंजरस और नॉट (00:26:58) डजरस उसके बाद ही हम लोग का जो है इमोशन (00:27:01) आएगा यह लवेबल है या फिर लवेबल नहीं है (00:27:05) फिर हमें लव आएगा लव वाला इमोशन आएगा ओके (00:27:08) तो एनोस थोरी सिंपल सा कहता है कि हमें जो (00:27:12) है सबसे पहले कोई भी इंडिविजुअल जो है वो (00:27:15) इवेलुएट करेगा अप्रेस करेगा अपने (00:27:17) सराउंडिंग को सिचुएशन को स्टिम को तभी उस (00:27:20) तरीके के मोशन उसके पास आएंगे नेक्स्ट (00:27:22) यहां पर कह रहा है कि परसेप्शन ऑफ द (00:27:24) सिचुएशन डिटरमाइंड द इमोशनल रिस्पांसस (00:27:27) किसी भी सिचुएशन का परसेप्शन करने से वो (00:27:30) डिटरमाइंड करता है इमोशनल रिस्पांस को किस (00:27:32) तरीके से इमोशनल रिस्पांस होगा ओके (00:27:35) कंसीडरिंग मेमोरी पास्ट एक्सपीरियंस एंड (00:27:37) सोशल कंटेस्ट और इसमें जो है कंसीडरिंग (00:27:40) मेमोरी जो पहले हो चुका है जो मेमोरी (00:27:42) तुम्हारे पास है वो भी उस परे आधारित होता (00:27:44) है पास्ट एक्सपीरियंस भी आधारित होता है (00:27:46) और सोशल कंटेस्ट से भी जो है आधारित होता (00:27:49) है मतलब हम लोग अपने सोसाइटी में (00:27:50) क्या-क्या सुन के आए हैं अब अभी तक हमने (00:27:53) शेर नहीं देखा रियल में बट सोसाइटी से सुन (00:27:56) क्या आ है कि शेर आता है तो मार के खा (00:27:59) जाता है तो भाई शेर से डरना है जब शेर (00:28:02) सामने आएगा तो फेयर ही आएगा ना चुड़ैल जब (00:28:05) सामने आएगी तो प्यार तो नहीं आएगा चरे का (00:28:07) नाम सुनके ही डर लगेगा है ना तो इसी तरीके (00:28:10) के चीज जो होते हैं वह सोशल कांटेस्ट में (00:28:13) आते हैं अब नेक्स्ट स्लाइड में हम लोग (00:28:15) चलते हैं और कुछ की पॉइंट्स को देखते हैं (00:28:17) कुछ की पॉइंट्स क्या है कि अप्रेजल क्या (00:28:19) होता है एक्शन टेंडेंसी क्या होता है और (00:28:21) इमोशन क्या होता है ठीक है जरा सा एक बार (00:28:23) इसको देखते हैं अप्रेजल का मतलब होता है (00:28:26) इमोशन स्टार्ट विथ हाउ वी एक्सेस सिचुएशन (00:28:28) एज पॉजिटिव और नेगेटिव हमारा इमोशन (00:28:32) स्टार्ट होता है विथ किसके साथ हाउ वी (00:28:35) एक्सेस सिचुएशन हम एक सिचुएशन को किस (00:28:37) तरीके से एक्सेस किए एज ए पॉजिटिव और (00:28:40) नेगेटिव पॉजिटिवली और नेगेटिवली हमें उससे (00:28:44) डरना है या फिर नहीं डरना है प्यार करना (00:28:46) है या फिर नहीं करना है दुख में जाना है (00:28:49) या फिर नहीं जाना है ओके नेक्स्ट है एक्शन (00:28:52) टेंडेंसी एक्शन टेंडेंसी क्या होता है दिस (00:28:54) अप्रेजल लीड्स टू रेडिनेक टू एक्ट जो ये (00:28:57) अप्रेजल होगा ओके अप्रेजल मींस हम लोग जब (00:29:00) मूल्यांकन कर लेंगे कि दिस इज पॉजिटिव और (00:29:04) नेगेटिव उसके हिसाब से हम लोग रेडीस (00:29:07) रहेंगे एक्ट के लिए ठीक है हमें क्या एक्ट (00:29:10) लेना है उसके लिए तैयार रहेंगे अप्रोच और (00:29:13) अवॉइड हमें अप्रोच करना है उस चीज को या (00:29:16) फिर बच के निकलना है किसक लेना है ओके (00:29:19) उसके बाद होता है इमोशन उसके बाद क्या (00:29:22) होता है इमोशन द एक्शन टेंडेंसी रिजल्ट इन (00:29:25) द इमोशन एक्सपीरियंस और उसी तरीके के (00:29:28) एक्शन टेंडेंसी के हिसाब से जो रिजल्ट (00:29:31) होगा वह इमोशनल एक्सपीरियंस होगा अगर (00:29:33) डरावना होगा तो डरेंगे और मस्त होगा तो (00:29:36) जॉय फुल हो जाएंगे ओके तो यहां तक जो है (00:29:40) हम लोगों ने सभी तरीके के थ्योरी जो इमोशन (00:29:43) के थे उसको कंप्लीट किया सभी तरीके का तो (00:29:45) नहीं कर सकते जो हमारे सिलेबस में है (00:29:47) जितना हमको पढ़ना है उस सभी को कंप्लीट (00:29:50) किया समझा जाना ठीक है तुमको कितना समझ (00:29:54) में आया क्या समझ में नहीं आया उसको नीचे (00:29:56) कमेंट करना है कमेंट जरूर करना है इससे (00:29:59) हमको मोटिवेशन मिलता है क्योंकि पीपीटी (00:30:01) बनाने में बहुत सारा मेहनत लगता है ओके (00:30:04) वीडियो को लाइक जरूर करो शेयर करो अपने (00:30:06) वैसे दोस्तों को जिसको साइकोलॉजी समझ में (00:30:08) नहीं आता है ओके और सब्सक्राइब करो चैनल (00:30:11) को थैंक यू (00:30:13) [संगीत]

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