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Title: Theories Of Emotions | Psychology Nursing Unit-6 |Motivation & Emotional Processes Part-5 in Hindi
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हेलो नर्सिंग स्टूडेंट्स टुडे आई एम
(00:00:02)
टेकिंग द फिफ्थ लेक्चर ऑफ मोटिवेशनल एंड
(00:00:04)
इमोशनल प्रोसेसेस चैप्टर्स ऑफ साइकोलॉजी
(00:00:06)
तो हम लोगों ने पिछले क्लास में देखा था
(00:00:08)
इमोशन के बारे में इमोशन क्या होते हैं
(00:00:11)
उसका मीनिंग क्या होता है उसके कैरेक्टर्स
(00:00:13)
क्या होते हैं कंपोनेंट्स क्या होते हैं
(00:00:15)
और उसके क्या-क्या रोल्स होते हैं ओके तो
(00:00:17)
आज जिस टॉपिक के बारे में हम लोग जानने
(00:00:19)
वाले हैं पढ़ने वाले हैं उस टॉपिक का नाम
(00:00:22)
है थ्योरी ऑफ इमोशन क्या है थ्योरी ऑफ
(00:00:25)
इमोशन यहां पे अलग-अलग तरीके के साइंटिस्ट
(00:00:28)
आते हैं और वो अपने-अपने पॉइंट ऑफ व्यू से
(00:00:31)
जो है बताते हैं कि किस तरीके से इमोशन
(00:00:34)
वर्क करता है हमारे बॉडी में और किस तरीके
(00:00:36)
से इमोशन जो है हमको इन्फ्लुएंस करता है
(00:00:40)
ओके तो अलग-अलग साइकोलॉजिस्ट आएंगे और
(00:00:42)
उन्होंने जो है अपना अपना पॉइंट ऑफ व्यू
(00:00:44)
रखा कुछ का गलत भी था कुछ का सही भी था
(00:00:46)
कुछ का कुछ कुछ सही होता था और कुछ उसमें
(00:00:49)
जो है डिफेक्ट भी आते थे ओके तो उसी को जो
(00:00:52)
है हम लोगों को आगे देखना है तो हम लोग
(00:00:54)
डिफरेंट टाइप्स ऑफ थ्योरी जो है जो जो हम
(00:00:56)
लोग आज देखने वाले हैं सबसे पहले उसको एक
(00:00:58)
देख लेते हैं तो सबसे प पहला थ्योरी जो हम
(00:01:01)
लोग देखेंगे वह है जेम्स लेंज थ्योरी ओके
(00:01:04)
सेकंड थ्योरी जो हमारे पास आएगा वह है
(00:01:06)
कैनन बार्ड थ्योरी थर्ड है स्केटर सिंगर
(00:01:09)
थ्योरी फोर्थ है लेजर्स थ्योरी फिफ्थ है
(00:01:13)
एक्टिवेशन थ्योरी ऑफ इमोशन एंड सिक्सथ है
(00:01:15)
अर्नोल्ड थ्योरी ऑफ इमोशन इस सिक्स थ्योरी
(00:01:18)
को जो है हम लोग आज देखने वाले हैं जिसमें
(00:01:21)
जो है यह चार थ्योरी जो है ऊपर वाले ये
(00:01:23)
ज्यादा इंपोर्टेंट तो हम लोग जो है
(00:01:25)
नेक्स्ट स्लाइड पर चलते हैं और सबसे पहला
(00:01:27)
थ्योरी को देखते हैं जिस थ्योरी का नाम है
(00:01:29)
जेम्स लेंज थ्योरी आखिर यह थ्योरी है क्या
(00:01:32)
इसको जानने का प्रयास करते हैं तो सबसे
(00:01:35)
पहले हमें यह पता होना चाहिए जो जेम्स
(00:01:36)
लेंज थ्योरी है वो सबसे पुराना
(00:01:39)
साइकोलॉजिकल थ्योरी ऑफ इमोशन है ओके सबसे
(00:01:43)
पुराना इसको किसने दिया था दो नाम है
(00:01:46)
जेम्स एंड लेंज तो जेम्स साहब ने सबसे
(00:01:49)
पहले इस थ्योरी को दिया था उसके बाद इसको
(00:01:52)
सपोर्ट किया था लेंज साहब ने ठीक है पहला
(00:01:54)
एक्सपेरिमेंट किसका था वो था जेम्स साहब
(00:01:57)
का उसके बाद जो है लेंज साहब जो है
(00:01:59)
एक्सपेरिमेंट करके बताया नहीं यह थ्योरी
(00:02:01)
काम कर रहा है ओके तो इसलिए जो है इस
(00:02:04)
थ्योरी को जेम्स लेंज थ्योरी जो है बोला
(00:02:06)
जाने लगा क्योंकि दोनों ने सपोर्ट किया था
(00:02:08)
सेकंड लाइन यहां पे आ रहा है कि दिस
(00:02:10)
थ्योरी सगेट स्टिम रिजल्ट फ्रॉम द
(00:02:13)
फिजियोलॉजिकल रिस्पांस टू स्टिम ओके तो यह
(00:02:16)
थ्योरी क्या सजेस्ट करता है यह थ्योरी
(00:02:19)
सजेस्ट करता है कि जो इमोशन है हमारा वो
(00:02:22)
इमोशन क्या है रिजल्ट है किसका फ्रॉम द
(00:02:25)
फिजियोलॉजिकल रिस्पांसस टू स्टिम स्टिम के
(00:02:29)
वजह से जो हमारे अंदर फिजियोलॉजिकल
(00:02:32)
रिस्पांस हो रहे हैं उसके वजह से जो है जो
(00:02:36)
रिजल्ट होता है वही जो है क्या है हमारा
(00:02:39)
इमोशन है ओके समझ में आया नहीं समझ में
(00:02:41)
आया चलो समझाते हैं फिर से ये थ्योरी कहता
(00:02:44)
है क्या कहता है कि जो स्टिम है स्टीमुली
(00:02:48)
कुछ भी हो सकता है चाहे वो पेन हो सकता है
(00:02:50)
टेंशन हो सकता है एंजाइटी हो सकता है दर्द
(00:02:53)
हो सकता है लव हो सकता है कुछ भी स्टिम हो
(00:02:56)
सकता है ओके या फिर तुम जो है तुम डरा हुआ
(00:02:59)
कुत्ते को को देख लो बिल्ली को देख लो
(00:03:01)
सांड को देख लो भालू को देख लो तो अगर वो
(00:03:04)
तुमको झपट्टा मारना शुरू करता है तो ट्स ए
(00:03:06)
स्टिम आ ओके तो कोई भी स्टिम जब तुम पे
(00:03:10)
वर्क करता है तुमको
(00:03:15)
स्टिमुलेटिंग
(00:03:18)
फिजियोलॉजिकल चेंजेज का मतलब क्या होता है
(00:03:21)
बी बीपी बढ़ जाना सांस तेज हो जाना डर के
(00:03:24)
मारे भागना शुरू कर देना मींस भागना शुरू
(00:03:26)
कर देना तो ये सारे जो फिजियोलॉजिकल
(00:03:28)
चेंजेज हैं इसके वजह से जो रिजल्ट होता है
(00:03:31)
ट्स एन इमोशन ओके तुम डर गए है ना ट्स एन
(00:03:35)
इमोशन तुम्हारा चेहरा जो है डरा हुआ लगेगा
(00:03:38)
या फिर तुम खुश हो अगर खुश हो तो तुम्हारे
(00:03:40)
चेहरे पे स्माइल रहेगा ओके ट्स ऑल आर द
(00:03:43)
इमोशन तो यह जो थ्योरी है यही बताना चाहता
(00:03:46)
है कि फिजियोलॉजिकल रिस्पांसस के वजह से
(00:03:49)
जो है जो रिजल्ट आएंगे वही जो है इमोशन
(00:03:52)
होता है ओके यहां पर फिर कह रहा है कि
(00:03:55)
परसेप्शन ऑफ बडली चेंजेज परसेप्शन ऑफ बडली
(00:03:58)
चेंजेज जो बडली चेंजेज हो हो रहा है जिस
(00:04:01)
परसेप्शन के कारण जैसे कि एग्जांपल हो गया
(00:04:03)
रैपिड ब्रीदिंग हमें तेज से सांस ले रहे
(00:04:05)
हैं इंक्रीजड हार्ट रेट हार्ट रेट बढ़ गया
(00:04:08)
है लीड्स टू इमोशनल अराउजल जो जो है हमें
(00:04:11)
इमोशनल अराउजल का कारण बनता है ठीक है
(00:04:14)
इमोशन आता है जैसे यहां पे जो है एक
(00:04:16)
एग्जांपल दिया हुआ है बहुत मस्त सा एक
(00:04:18)
कुत्ता है ठीक है बहुत ही घबरा दब सा
(00:04:20)
कुत्ता है बहुत ही खतरनाक सा कुत्ता है अब
(00:04:23)
यह क्या है ये एक स्टीमुलस है इस स्टिमसन
(00:04:30)
देखा क्या किया इसको ये इसको देखा ठीक है
(00:04:33)
देखने के बाद क्या हुआ कुत्ता को देखा
(00:04:36)
कुत्ता को देखते के साथ ही जो है इसका
(00:04:39)
क्या होता है बीपी हाई हो जाता है डर लगना
(00:04:41)
शुरू हो जाता है इसको जो है क्या कहते हैं
(00:04:44)
वो सांसे तेज हो जाता है ब्रीदिंग तेज हो
(00:04:46)
जाता है वो भागने के लिए तैयार हो जाता है
(00:04:48)
दौड़ना शुरू कर देता है ठीक है तो ये होता
(00:04:50)
है सब्जेक्टिव एक्सपीरियंस सब्जेक्टिव
(00:04:52)
एक्सपीरियंस का मतलब होता है कि हर एक
(00:04:54)
पर्सन को अपना-अपना एक्सपीरियंस होगा
(00:04:57)
जरूरी नहीं है कि कुत्ते को देख के अगर एक
(00:05:00)
इंसान को सांसे तेज चल रही है या फिर वो
(00:05:03)
भागना शुरू कर देता है तो दूसरा इंसान भी
(00:05:05)
भागे जरूरी नहीं है ना तो डेट से
(00:05:08)
सब्जेक्टिव एक्सपीरियंस वो हर एक इंसान पर
(00:05:11)
डिपेंड करेगा अब जब सब्जेक्टिव
(00:05:13)
एक्सपीरियंस हो रहा है तो इसके कारण से जो
(00:05:16)
है बडी रिस्पांस करेगा राउजल होगा किसका
(00:05:19)
इमोशन का ओके तो ये यहां पे बच्चा जो है
(00:05:22)
डरा हुआ रहेगा ओके तो यही था ये थ्योरी
(00:05:25)
यहां पे क्या कह रहा है कि सबसे पहले
(00:05:27)
स्टीमुलस रहेगा स्टीमुलस के वजह से जो है
(00:05:30)
सब्जेक्टिव एक्सपीरियंस होगा मींस
(00:05:32)
फिजियोलॉजिकल रिस्पांसस होंगे और इसके वजह
(00:05:34)
से जो रिजल्ट आएगा ट्स इमोशन ये इमोशन
(00:05:38)
फियर हो सकता है जॉय हो सकता है कुछ भी हो
(00:05:40)
सकता है ओके तो ट इज द जेम्स लेंज थ्योरी
(00:05:43)
नेक्स्ट में हम लोग चलते हैं तो यहां पर
(00:05:45)
बोल रहा है यह बच्चा जो एग्जांपल में कह
(00:05:48)
रहा था कि आई फील अफ्रेड मैं डरा हुआ
(00:05:51)
महसूस कर रहा हूं क्योंकि माय हार्ट इज
(00:05:54)
पाउंडिंग मेरा जो दिल है वो धरक रहा है
(00:05:57)
इसलिए जो है मैं डरा हुआ फील कर रहा हूं
(00:06:00)
ओके ये जेम्स लेंस थ्योरी में बोल रहा है
(00:06:03)
नेक्स्ट हम लोग चलते हैं तो इस थ्योरी के
(00:06:05)
कुछ क्रिटिसिजम हुए ठीक है क्रिटिसिजम
(00:06:07)
क्या हुआ कि फिजियोलॉजिकल चेंजेज अलोन
(00:06:10)
डोंट लवेज प्रोड्यूस इमोशन एंड सम इमोशन
(00:06:13)
शेयर सिमिलर फिजियोलॉजिकल रिस्पांसस इसका
(00:06:16)
मतलब क्या हुआ यहां पे सीधा सा कहना है
(00:06:19)
कुछ क्रिटिसिजम किया अलग-अलग साइकोलॉजिस्ट
(00:06:22)
ने कि जो फिजियोलॉजिकल चेंज को हम
(00:06:24)
सीधा-सीधा नहीं बोल सकते कि ये इमोशन
(00:06:26)
प्रोड्यूस करता है ओके हम सीधा नहीं बोल
(00:06:29)
सकते कि फिजियोलॉजिकल चेंजेज के वजह से यह
(00:06:31)
पार्टिकुलर इमोशन होंगे क्योंकि सम इमोशन
(00:06:36)
शेयर सिमिलर फिजियोलॉजिकल रिस्पांसस
(00:06:38)
क्योंकि कुछ ऐसे इमोशंस हैं जिसका
(00:06:41)
फिजियोलॉजिकल रिस्पांस जो है वह सेम है
(00:06:43)
लाइक यहां पे एग्जांपल दिया एक्साइटमेंट
(00:06:46)
एंड एंजाइटी एक इंसान एक्साइट हो रहा है
(00:06:49)
और एक इंसान एंजाइटी में है दोनों में
(00:06:52)
हार्ट रेट तेज हो जाता है दोनों में पल्स
(00:06:54)
रेट तेज हो जाता है दोनों में ब्रीथिंग
(00:06:56)
तेज हो जाता है तो जब दोनों का
(00:06:59)
फिजियोलॉजिकल चेंजेज जो है सेम है तो जो
(00:07:02)
उसके रिजल्ट आ रहे हैं इमोशन आ रहे हैं
(00:07:05)
इसमें
(00:07:07)
डिफरेंशियल या तो गुस्सा आ रहा है या फिर
(00:07:10)
डर लग रहा है गुस्सा आता है तो भी चेहरा
(00:07:12)
लाल हो जाता है और डर के मारे भी चेहरा
(00:07:14)
लाल हो जाता है पीला हो जाता है भागना
(00:07:16)
शुरू कर देता है ठीक है तो दोनों के
(00:07:18)
फिजियोलॉजिकल जो कंडीशन है वो सेम सेम से
(00:07:22)
है तो यही क्रिटिसिजम जो है यहां पर
(00:07:23)
अलग-अलग साइकोलॉजिस्ट ने उठा दिया य ओके
(00:07:26)
ये था पहला थ्योरी एकदम ध्यान से पढ़ना है
(00:07:29)
बहुत अच्छे से नोट्स यहां पर दिया हुआ है
(00:07:31)
इसको लिखना भी है ओके लिखो और समझो सेकंड
(00:07:35)
थ्योरी में हम लोग चलते हैं और सेकंड
(00:07:36)
थ्योरी था केनन बार्ड थ्योरी ओके तो यह
(00:07:40)
थ्योरी क्या कहता है तो सबसे पहले हम लोग
(00:07:43)
जानते हैं इस थ्योरी को दिया था केनन साहब
(00:07:46)
ने 1927 में कब दिया था 1927 में और उसके
(00:07:51)
बाद में जो है बाड साहब ने कंफर्म किया था
(00:07:54)
इस थ्योरी को उसने बोला
(00:07:57)
गुड दिस इज वेरी गुड य थ्योरी को जो है हम
(00:08:00)
भी कंफर्म करते हैं ओके उसके बाद जो है
(00:08:04)
यहां पे कहता है कि यह थ्योरी कहता क्या
(00:08:06)
है ये थ्योरी सजेस्ट क्या करता है ये
(00:08:09)
थ्योरी सजेस्ट करता है कि ट इज द गिवेन
(00:08:12)
स्टीमुलस इवोक बोथ ए फिजियोलॉजिकल एंड देन
(00:08:15)
इमोशनल
(00:08:16)
रिस्पांसस वहां पे अलग था जेम्स लेंज में
(00:08:19)
वहां कह रहा था कि पहले फिजियोलॉजिकल
(00:08:21)
चेंजेज होते हैं फिर उसके रिजल्ट में आता
(00:08:23)
है हमारा इमोशन लेकिन यहां पे कह रहा है
(00:08:27)
कि जो स्टिमुलेटिंग
(00:08:30)
है वो साथ में वोक करता है बोथ
(00:08:32)
फिजियोलॉजिकल एंड इमोशनल रिस्पांसस
(00:08:34)
फिजियोलॉजिकल और इमोशनल रिस्पांसस को साथ
(00:08:38)
में इवोक करता है ओके सिमुल्टेनियसली एंड
(00:08:41)
ट नेदर वन काज द अदर और इसमें जो है एक भी
(00:08:46)
एक दूसरे का रीजन नहीं बन सकता कि इसके
(00:08:48)
वजह से यह हुआ या फिर इसके वजह से यह हुआ
(00:08:51)
यह मैं नहीं कह रहा हूं यह कौन कह रहा है
(00:08:53)
कैनन बारड थ्योरी केनन साहब कर रहे हैं और
(00:08:56)
बाड साहब कह रहे हैं तो यहां पर जो
(00:08:58)
एग्जांपल इस तरीके से आया कि जो यहां पे
(00:09:00)
खतरनाक कुत्ता था जो
(00:09:05)
स्टिमसन भी ओके सब्जेक्टिव एक्सपीरियंस भी
(00:09:08)
हुआ और यहां पे इसके इमोशंस भी आए डरे हुए
(00:09:12)
ओके अब ये किस तरीके से हुआ ये हम लोग आगे
(00:09:15)
देखते हैं ओके तो यही था इस थ्योरी का
(00:09:18)
सबसे मेन फंडा कि एक ही साथ में जो है
(00:09:21)
सब्जेक्टिव एक्सपीरियंस होगा मींस
(00:09:24)
फिजियोलॉजिकल रिस्पांस होगा और जो है
(00:09:26)
इमोशनल रिस्पांस भी जो एक साथ होगा ओके तो
(00:09:29)
यहां पे हम लोग नेक्स्ट देखते हैं कि यह
(00:09:31)
बच्चा यहां पे क्या कह रहा है वहां पे
(00:09:33)
क्या बोल रहा था मेरा हार्ट जो है वह बीट
(00:09:36)
कर रहा है इस कारण से मैं डर रहा हूं ओके
(00:09:39)
यहां पे कह रहा है कि द डॉग मेक मी फील
(00:09:42)
अफ्रेड एंड माय हर्ट पाउंड कुत्ता जो है
(00:09:45)
मुझे डरा भी दिया और जो है मेरा हार्ट
(00:09:48)
पाउंड भी कर रहा है ओके नेक्स्ट में हम
(00:09:50)
लोग देखते हैं कि यहां पे कुछ इस तरीके से
(00:09:53)
दिया हुआ है कि परसेप्शन ऑफ एन इमोशन
(00:09:55)
प्रोड्यूस स्टिम सबसे पहले क्या होता है
(00:09:58)
इंसान परसेप्शन करता है किस चीज का
(00:10:01)
परसेप्शन करता है जो स्टिम है जो इमोशन जो
(00:10:05)
चेंज करने वाला है उस चीज के बारे में
(00:10:06)
परसेप्शन करता है कि हां भाई वो सांप है
(00:10:09)
वो बहुत जहरीला होगा या फिर जो भालू है
(00:10:12)
उसको देख के डर जाएंगे कुत्ता इतना खतरनाक
(00:10:14)
कुत्ता ठीक है वो परसेप्शन कर लिया बहुत
(00:10:17)
सारा चीज कि काट ही लेगा मेरे को है ना
(00:10:19)
इसके वजह से क्या होगा कि स्टीमुलस
(00:10:22)
प्रोड्यूस्ड बाय द थलम यह स्टीमुलस जो है
(00:10:25)
किसके द्वारा प्रोड्यूस होता है थलम के
(00:10:27)
द्वारा प्रोड्यूस होता है थलम कहां होते
(00:10:29)
हैं हमारे ब्रेन में होते हैं तो थलम क्या
(00:10:32)
करता है मैसेज सेंड करता है किसको कोटेक्स
(00:10:35)
को और अदर पार्ट्स ऑफ द बॉडी को ठीक है
(00:10:38)
थलम जो है वो कोटेक्स कोटेक्स भी हमारे
(00:10:40)
दिमाग में ही होते हैं कोटेक्स में और अदर
(00:10:43)
पार्ट्स ऑफ बॉडी में जो है क्या करेगा ये
(00:10:45)
मैसेज को जो है सेंड करेगा सिग्नल को सेंड
(00:10:48)
करेगा और जो मैसेज कोटेक्स में जाएगा उसके
(00:10:51)
वजह से क्या होगा हमें इमोशन एक्सपीरियंस
(00:10:53)
होंगे और जो मैसेज जो है थैलेमस में जाएगा
(00:10:57)
और उसके वजह से जो है वो क्या हो एक्टिवेट
(00:11:00)
होता है विसरल एंड स्केलेटल रिस्पांसस मी
(00:11:03)
हमारे फिजियोलॉजिकल रिस्पांसस जो होंगे वो
(00:11:05)
थलम के वजह से होंगे और जो है कोटेक्स में
(00:11:08)
जो मैसेज गया है उसके वजह से जो है हमें
(00:11:10)
इमोशन एक्सपीरियंस होंगे और ये क्या होता
(00:11:13)
है थलम से ही भेजा जाता है ओके थलम से ही
(00:11:18)
भेजा जाता है एक ही साथ में इसलिए इस
(00:11:21)
दोनों के बीच में जो है कोई कनेक्शन नहीं
(00:11:23)
इसके वजह से यह नहीं हो रहा इसके वजह से
(00:11:25)
यह नहीं नहीं हो रहा ओके यह प्रूव किए थे
(00:11:29)
थ्योरी ने ओके तो यह थ्योरी यही कहता है
(00:11:33)
नेक्स्ट यहां पे क्या कह रहा है तो इसके
(00:11:35)
कुछ लिमिटेशन थे इस थ्योरी के कुछ
(00:11:37)
लिमिटेशन थे क्या लिमिटेशन थे कि ओवर लुक
(00:11:40)
द रोल ऑफ अदर ब्रेन एरियाज लाइक ए प्री
(00:11:43)
फ्रंटल कोरटेक्स एंड डंट एक्सप्लेन लॉन्ग
(00:11:45)
लास्टिंग इमोशन ठीक है यहां पे कह रहा है
(00:11:48)
कुछ लिमिटेशन इस तरीके से किया कि ठीक है
(00:11:51)
आपने थलम उस को देखा आपने कोटेक्स को देखा
(00:11:54)
अलग-अलग पार्ट को देखा लेकिन और भी जो
(00:11:57)
पार्ट है जैसे प्री फ्रंटल कोर्ट्स है
(00:11:59)
उसको आप आपने नजरअंदाज कर दिया ओवर लुक्स
(00:12:01)
कर दिया ठीक है आपने पूरा ब्रेन को देखा
(00:12:04)
ही नहीं एंड डजन एक्सप्लेन लॉन्ग लास्टिंग
(00:12:06)
इमोशन और लॉन्ग लास्टिंग इमोशन को
(00:12:08)
एक्सप्लेन नहीं कर पाए मींस गुस्सा है
(00:12:11)
लगातार दो दिन से गुस्सा है तो दो दिन से
(00:12:13)
क्यों गुस्सा है
(00:12:16)
स्टिमसन जो है वो सिग्नल भेजा गुस्सा हुआ
(00:12:20)
ओके आई विल अंडरस्टैंड बट
(00:12:22)
व्हाई दो दिन से क्यों गुस्सा है तो लॉन्ग
(00:12:26)
लास्टिंग इमोशन को उन्होंने एक्सप्लेन
(00:12:29)
नहीं कर पाया ओके तो ये जो थ्योरी था ये
(00:12:31)
थ्योरी था केनन बार्ड थ्योरी अब हम लोग जो
(00:12:34)
है नेक्स्ट स्लाइड पर चलते हैं और नेक्स्ट
(00:12:36)
थ्योरी को देखते हैं जिस थ्योरी का नाम है
(00:12:38)
स्केटर सिंगर्स थ्योरी इसको टू फैक्टर्स
(00:12:40)
थ्योरी भी बोला जाता है ओके ये भी जो है
(00:12:42)
बहुत पॉपुलर नाम है इस थ्योरी का टू
(00:12:45)
फैक्टर्स थ्योरी ओके यह थ्योरी क्या कहता
(00:12:48)
है यह थ्योरी बहुत सिंपल सा बात कहता है
(00:12:51)
यह थ्योरी कहता है कि जो इमोशन है वो एक
(00:12:54)
रिजल्ट है किसका रिजल्ट है फिजियोलॉजिकल
(00:12:57)
अराउजल एंड कॉग्निटिव अप्रेजल ऑफ द
(00:12:59)
सिचुएशन
(00:13:00)
किसी भी सिचुएशन का फिजियोलॉजिकल अराउजल
(00:13:03)
एंड कॉग्निटिव
(00:13:05)
अप्रेजल का रिजल्ट है फिजियोलॉजिकल अराउजल
(00:13:08)
क्या होता है जो हमारे बॉडी में जिस तरीके
(00:13:11)
के अराउजल हो रहे हैं हमारा हार्ट बीट तेज
(00:13:14)
हो रहा है हमारा जो है पल्स तेज हो रहा है
(00:13:17)
हम दौड़ना चालू कर रहे हैं जो भी हमारा
(00:13:18)
फिजियोलॉजिकल अराउजल है ये करने का मन कर
(00:13:21)
रहा है वो फिजियोलॉजिकल अराउजल है और
(00:13:23)
कॉग्निटिव अप्रेजल का मतलब होता है हमें
(00:13:26)
किसी भी चीज को जो है अच्छे तरीके से देख
(00:13:29)
करना ठीक है ऑब्जर्व करना उसका मूल्यांकन
(00:13:32)
करना ठीक है अप्रेजल का मतलब ही होता है
(00:13:35)
मूल्यांकन करना पहले हम लोग उसको नाप तोल
(00:13:38)
के देखेंगे दिस इज डेंजरस और नॉट डेंजरस
(00:13:41)
डरना है या फिर नहीं डरना है कुत्ता है तो
(00:13:44)
भागेंगे बिल्ली है तो मार के भगा देंगे
(00:13:47)
ठीक है तो कॉग्निटिव अप्रेजल भी करेगा वो
(00:13:49)
पहले सोचेगा थिंकिंग करेगा उसके बारे में
(00:13:52)
ठीक है तो इसके रिजल्ट के बाद ही जो
(00:13:54)
इमोशंस आते हैं यह कौन कह रहा है मैं नहीं
(00:13:57)
कह रहा हूं यह बोल रहा है स्केटर सिंगर थ
(00:14:00)
ट्यू फैक्टस थ्योरी ओके तो यहां पर
(00:14:03)
नेक्स्ट लाइन कह रहा है कि रिक्वायर
(00:14:05)
अटेंशन टू स्टिमसन इंटरप्रिटेशन ऑफ अराउजल
(00:14:08)
टू एक्सपीरियंस स्पेसिफिक इमोशन यहां पर
(00:14:11)
कह रहा है कि इस थ्योरी में कहा जाता है
(00:14:14)
कि जो इंसान है वह सबसे पहले अटेंशन करता
(00:14:17)
है किस पर
(00:14:20)
स्टिमसन डरंगा पहले देखूंगा यह डरने वाला
(00:14:23)
चीज है या फिर नहीं है तब फिर डरंगा ना तो
(00:14:27)
यह अटेंशन करता है स्टीमुलस प आखिर
(00:14:29)
स्टीमुलस है क्या फिर इंटरप्रिटेशन ऑफ
(00:14:31)
अराउजल उसके बाद इंटरप्रिटेड कर करके जो
(00:14:34)
है अराउजल होता है फिर एक्सपीरियंस
(00:14:36)
स्पेसिफिक इमोशन और जो है जो इमोशन है
(00:14:39)
उसको हम लोग एक्सपीरियंस करते हैं अगर
(00:14:41)
डरावना है तो डरेंगे अगर खूबसूरत है तो
(00:14:44)
प्यार आएगा है ना एक सुंदर लड़की या फिर
(00:14:47)
चुड़ैल ओके तो यहां पे कुछ इस तरीके से
(00:14:50)
एग्जांपल दिया हुआ है कि एक कुत्ता है यह
(00:14:53)
वही वाला कुत्ता है जो दोनों में हम लोग
(00:14:54)
देखे थे ये कुत्ता जो है बहुत कश करके
(00:14:57)
भोकना शुरू कर दिया अब इसको देख के क्या
(00:14:59)
होता है बडी रिस्पांस होना शुरू हो जाता
(00:15:01)
है ओके बड़ रिस्पांस होना शुरू होता है तो
(00:15:05)
फिर अभी हम यहां पर बड़ रिस्पांस दे रहा
(00:15:07)
है बट जो है हम पहले सोचेंगे इंटरप्रेट
(00:15:11)
करेंगे ठीक है हम जाकर देखेंगे कि ये है
(00:15:14)
कौन भाई यह कहीं वो कुत्ता तो नहीं है जो
(00:15:17)
मेरा पड़ोसी का था सिर्फ भोकने का आवाज
(00:15:19)
आके मैं डर रहा हूं ठीक है तो अगर यह देख
(00:15:22)
लेगा कि नहीं भाई यह तो दूसरा कुत्ता है
(00:15:24)
यह तो काटने के लिए दौड़ रहा है जब इसको
(00:15:27)
लगेगा कि ट्स अ डेंजर ठीक है हम डेंजर जोन
(00:15:30)
पर पहुंच गए हैं तब जो है वो सब्जेक्टिव
(00:15:33)
एक्सपीरियंस करेगा और डरना चालू कर देगा
(00:15:35)
इमोशन जो है डर वाला इमोशन जो है यहां पे
(00:15:37)
आना शुरू हो जाएगा सब्जेक्टिव एक्सपीरियंस
(00:15:40)
शुरू होगा उससे पहले सब्जेक्टिव
(00:15:41)
एक्सपीरियंस नहीं होगा समझ रहे हो मतलब
(00:15:44)
यहां पे क्या कह रहा है कि जब भी कोई
(00:15:46)
स्टिमसन
(00:15:52)
स्टिमुलेटिंग
(00:15:55)
कि हां जो डरने लायक वाला चीज है या फिर
(00:15:59)
नहीं है अगर डरने वाला चीज रहेगा तो यहां
(00:16:01)
पे इंटरप्रेट करेंगे और फिर डरना चालू
(00:16:04)
करेंगे और नहीं रहेगा तो हमें नहीं डरना
(00:16:06)
है समझ रहे हो तो यहां पे क्या कह रहा है
(00:16:09)
ये लड़का माय पाउंडिंग हर्ट मींस आई एम
(00:16:12)
अफ्रेड मेरा जो दिल धारक रहा है इसका मतलब
(00:16:15)
है कि मैं डरा हुआ हूं लेकिन आई
(00:16:18)
इंटरप्रिटेड द सिचुएशन एज डेंजरस लेकिन
(00:16:21)
मैंने इंटरप्रेट कर लिया जो सिचुएशन है वो
(00:16:24)
डेंजरस है ओके उसके बाद फिर से डरना
(00:16:27)
स्टार्ट हो जाएगा डर वाला इमोशन आना शुरू
(00:16:29)
हो जाएगा
(00:16:29)
अब हम लोग नेक्स्ट स्लाइड पर चलते हैं और
(00:16:31)
नेक्स्ट थ्योरी को देखते हैं जिस थ्योरी
(00:16:33)
का नाम है लेजर्स थ्योरी ओके तो यह थ्योरी
(00:16:36)
क्या कहता है यह थ्योरी कहता है कि दिस
(00:16:38)
थ्योरी प्रपोज दैट व्हेन एन इवेंट अकर ए
(00:16:41)
कॉग्निटिव अप्रेजल इज मेड ओके जब भी जो है
(00:16:45)
कोई इवेंट अकर होता है उस समय क्या होता
(00:16:48)
है एक कॉग्निटिव अप्रेजल जो है बनता है
(00:16:51)
कॉग्निटिव अप्रेजल का मतलब होता है
(00:16:52)
कॉग्निटिव मूल्यांकन अपने दिमाग में जो है
(00:16:55)
अच्छे तरीके से नाप तोल कर लेते हैं कि
(00:16:57)
ऐसा सिचुएशन आएगा यहां पर डरना है ऐसा
(00:17:00)
सिचुएशन आएगा तो यहां पर नहीं डरना है ओके
(00:17:03)
कॉन्शियसली और सबकॉन्शियसली का मतलब क्या
(00:17:06)
होता है कॉन्शियसली का मतलब होता है चेतन
(00:17:08)
मन ठीक है अपना अभी जो काम कर रहे हैं वो
(00:17:11)
चेतन मन में कर रहे हैं सबकॉन्शियसली का
(00:17:13)
मतलब होता है वो हमारा अवचेतन मन जो हमें
(00:17:17)
बोलने की जरूरत नहीं है अपने आप होता है
(00:17:19)
ओके अगर मान लो कि तुम्हारे सामने एक
(00:17:21)
कुत्ता आता है ठीक है तो तुम लोग जो है
(00:17:24)
कॉन्शियसली सोचोगे ये कुत्ता डेंजरस है
(00:17:26)
पागल है या फिर क्यूट सा कुत्ता है
(00:17:29)
है ना अब सबकॉन्शियसली में तुमको पहले से
(00:17:32)
पता है कि शेर डेंजरस होता है वहां पर
(00:17:35)
सोचना नहीं है सीधा भागना है तो वहां पे
(00:17:38)
इमोशन तुम्हारा जो है सीधे अटैक करेगा कि
(00:17:40)
भाई डरो और निकलो यहां से ओके एंड बेस्ड
(00:17:43)
ऑन द रिजल्ट ऑफ व्हिच द इमोशन एंड
(00:17:45)
फिजियोलॉजिकल रिस्पांसस और उसी रिजल्ट के
(00:17:47)
आधार पर जो है हमारा इमोशन और हमारा
(00:17:50)
फिजियोलॉजिकल रिस्पांसस जो है होता है
(00:17:52)
चाहे वो भविष्य में हो या फिर उस समय हो
(00:17:55)
ओके तो कोई भी इवेंट के कारण जो है
(00:17:58)
कॉग्निट अप्रेजल बनता है और उसी कॉग्निटिव
(00:18:01)
अप्रेजल के आधार पर जो है हमारा इमोशन और
(00:18:04)
हमारा फिजियोलॉजिकल रिस्पांसस जो है वर्क
(00:18:06)
करता है ओके नेक्स्ट लाइन यहां पे कह रहा
(00:18:09)
है कि दिस थ्योरी एमफसा इजस द रोल ऑफ
(00:18:11)
कॉग्निटिव अप्रेजल यह थ्योरी एमफसा इज
(00:18:14)
करता है बढ़ावा देता है किसका रोल ऑफ
(00:18:17)
कॉग्निटिव अप्रेजल का रोल ऑफ कॉग्निटिव
(00:18:20)
अप्रेजल क्या होता है हाउ वी इवेलुएट एंड
(00:18:22)
इंटरप्रेट सिचुएशन किसी एक पार्टिकुलर
(00:18:26)
सिचुएशन को हम किस तरीके से इवेलुएट
(00:18:29)
करेंगे और किस तरीके से उसको जो है
(00:18:31)
इंटरप्रिटेड करेंगे ओके इन द एक्सपीरियंस
(00:18:35)
ऑफ इमोशन जो हमारा एक्सपीरियंस पहला इमोशन
(00:18:37)
में हो चुका है पहले इवेंट में जो इमोशन
(00:18:40)
हमको आ चुके हैं उसी के आधार पर जो है हम
(00:18:43)
इवेलुएट करेंगे और फिर जो है उसको
(00:18:45)
इंटरप्रेट करेंगे अब यहां पर जो है एक
(00:18:48)
ग्राफ दिया हुआ है ओके इस ग्राफ को जो है
(00:18:50)
एक एग्जांपल से समझते हैं रियल लाइफ
(00:18:52)
एग्जांपल से तो यहां पर सबसे पहला क्या है
(00:18:55)
स्टिमसन अस को कुछ इस तरीके से लेते हैं
(00:18:58)
कि तुम एक जंगल से गुजर रहे हो ठीक है और
(00:19:01)
वहां पर जो है कुछ झड़ी है और झाड़ी खरखरा
(00:19:04)
रहा है ठीक है आवाज कर रहा है अचानक से
(00:19:06)
आवाज हुआ
(00:19:12)
स्टिमुलेटिंग नंबर में तुम परसेप्शन करते
(00:19:16)
हो और इंटरप्रिटेशन करते हो ठीक है
(00:19:18)
परसेप्शन क्या करोगे हो सकता है यहां पर
(00:19:21)
जो है भालू होगा या फिर हवा चल रहा होगा
(00:19:25)
ओके हो सकता है यहां पर भालू होगा या फिर
(00:19:28)
हवा आप से भी झाड़ी खरखरा रहा होगा फिर
(00:19:31)
यहां पर कुछ कांटेक्ट आते हैं कांटेक्ट
(00:19:34)
आते हैं जब तुमको पता चलेगा ठीक है
(00:19:37)
कांटेक्ट में कुछ तुमको पता रहेगा कि ये
(00:19:39)
एरिया भालु का है यहां पर भालू ज्यादा
(00:19:42)
होता है ओके जब तुमको पता चल गया कि यहां
(00:19:45)
पर भालू ज्यादा होता है तो तुम क्या करोगे
(00:19:49)
और ज्यादा डरो ठीक है तो जब जो है कंटेस्ट
(00:19:53)
और परसेप्शन दोनों तुमको बिलीव दिला देगा
(00:19:56)
कि यहां पर डेंजर है दिस इज डेंजरस प्लेस
(00:20:01)
देन पार्टिकुलर इमोशन एक्सपीरियंस तो उस
(00:20:03)
तरीके का जो है एक्सपीरियंस तुमको होना
(00:20:05)
स्टार्ट हो जाएगा ओके समझा यहां पे तो हम
(00:20:08)
लोग एक बार फिर से देखते हैं स्टिमसन अस
(00:20:12)
तुमको
(00:20:14)
स्टिमुलेटिंग
(00:20:19)
चल रहा होता है ठीक है लेकिन जो है जब
(00:20:23)
कॉन्टेक्स्ट तुम्हारे दिमाग में पहले से
(00:20:25)
था कि एरिया जो है भालू का है ठीक है तो
(00:20:28)
तुमको जो है कॉन्टेक्स्ट भी बिलीव दिलाया
(00:20:30)
कि डेंजरस है तुमको परसेप्शन भी बिलीव
(00:20:33)
दिलाया कि डेंजरस है तो तुम यहां पे क्या
(00:20:35)
महसूस करोगे फियर महसूस करोगे पूरा कस के
(00:20:39)
है ना अब मान लो कंटेस्ट में तुमको लगा कि
(00:20:41)
नहीं नहीं इधर तो भालू वालू रहता नहीं है
(00:20:43)
हवा से ही हो रहा होगा ठीक है तो कंटेस्ट
(00:20:46)
तुमको जो है ये यकीन दिला दिया कि नहीं
(00:20:48)
नहीं हवा ही है तो तुमको फियर महसूस नहीं
(00:20:51)
होगा उसी तरीके से यहां पे परसेप्शन था और
(00:20:54)
मान लो कि तुम यहां पर कुछ थोड़ा बहुत जो
(00:20:57)
कुछ देख लिए स्टीमुलस के तौ पे जो है कुछ
(00:20:59)
देखे यहां पे ठीक है तो जब स्टीमुलस के
(00:21:02)
दौर प कुछ और तुमको दिख गया तो फिर यहां
(00:21:05)
पे परसेप्शन करना स्टार्ट कर दोगे ठीक है
(00:21:07)
इंटरप्रिटेड करोगे छोटा वाला जानवर था या
(00:21:10)
फिर बड़ा वाला जानवर था थोड़ा डरना है या
(00:21:13)
फिर बहुत कस के डरना है मान लो यहां पर जो
(00:21:16)
है तुम छोटा चूहा देख लेते हो अरे चूहा से
(00:21:19)
कौन डरेगा है ना यहां पर परसेप्शन करोगे
(00:21:22)
या फिर तुमको लगेगा अरे चूहा नहीं वहां पे
(00:21:24)
साप भी तो हो सकता है फिर यहां पे
(00:21:25)
परसेप्शन करना चालू करोगे ठीक है तो
(00:21:28)
नेक्स्ट यहां पे फीडबैक क्या है कि जो है
(00:21:30)
यहां पे एक्सपीरियंस तुमने इमोशन को किया
(00:21:32)
इमोशन को एक्सपीरियंस करने के बाद जो है
(00:21:35)
तुम जो है फिर से यहां पे फीडबैक दे दोगे
(00:21:37)
किसको परसेप्शन को कि नेक्स्ट टाइम अगर
(00:21:40)
कुछ ऐसा होता है तो हमको डरना है अगर मान
(00:21:43)
लो यहां पे सच में भालू हुआ तुम डरे हुए
(00:21:45)
हो भालू हुआ तो तुमको यहां पे फीडबैक दे
(00:21:48)
दोगे कि अगर नेक्स्ट बार ऐसा होता है
(00:21:50)
सिचुएशन तो वहां से निकलना है मेरे को
(00:21:52)
भागना है वहां से वहां बैठ के हम लोग
(00:21:54)
परसेप्शन नहीं करेंगे है ना अगर मान लो
(00:21:57)
वहां पे हवा रहता है तो नेक्स्ट अगर खरखरा
(00:21:59)
आता भी है अरे यहां पे हवा चलते रहता है
(00:22:01)
ऐसे झाड़ी खरखरा रहता है ठीक है तो इस
(00:22:04)
आधार पर जो है हमारा इमोशन वर्क करता है
(00:22:07)
यह लजर्सफेल्ड
(00:22:17)
स्ले साहब ने दिए थे तो लिंडस्ले साहब ने
(00:22:21)
सजेस्ट किए क्या सजेस्ट किए कि इमोशन इज ए
(00:22:24)
हाईली अराउजल स्टेट कंट्रोल्ड बाय द
(00:22:26)
रेटिकुलर
(00:22:28)
फॉर्मेशन लिसले साहब ने बोला कि जो इमोशन
(00:22:31)
है वो हाईली अराउजल स्टेट है जो कंट्रोल
(00:22:34)
होता है रेटिकुलर फॉर्मेशन से आरएफ से
(00:22:37)
रेटिकुलर फॉर्मेशन देखो यहां पे बना हुआ
(00:22:40)
है ये है रेटिकुलर फॉर्मेशन देखो यहां पे
(00:22:42)
रेड वाला जो कलर है ट्स ए रेटिकुलर
(00:22:45)
फॉर्मेशन रेटिकुलर फॉर्मेशन जो होता है वो
(00:22:48)
एक कंप्लेस जो है ना चीज होता है
(00:22:50)
न्यूरॉन्स का या फिर नर्वस सिस्टम का जो
(00:22:53)
है कंपलेक्स चीज होता है जिसके वजह से
(00:22:54)
क्या होता है ना वो इमोशंस जो है यहां पे
(00:22:57)
प्रोड्यूस होते हैं ओके तो वो जो है
(00:22:59)
एनाटोमी का बात है तो हम लोग थोड़ा सा
(00:23:01)
सिर्फ जो है यहां पे एक झलक देख लेते हैं
(00:23:04)
तो लिसले साहब ने यही सजेस्ट किया कि
(00:23:06)
इमोशन जो है वो हाई राउजल स्टेट है जिसको
(00:23:09)
कंट्रोल करता है रेटिकुलर फॉर्मेशन व्हिच
(00:23:12)
इन्फ्लुएंस बिहेवियर जो हमारे बिहेवियर को
(00:23:15)
इन्फ्लुएंस करता है मसल एक्टिविटी को
(00:23:17)
इन्फ्लुएंस करता है और सेंसरी इनपुट्स को
(00:23:24)
स्टिमुलेटिंग
(00:23:27)
इनपुट को क्या करता है वो इन्फ्लुएंस करता
(00:23:30)
है यह कौन कह रहा है यह लिसले साहब ने कह
(00:23:33)
रहे हैं लिसले साहब ने कह रहे हैं ओके
(00:23:37)
इसका लिमिटेशन क्या था लिमिटेशन यह था कि
(00:23:41)
डज नॉट
(00:23:45)
डिफरेंशिएबल
(00:23:57)
कैसे पता लगाएंगे कि जो फीलिंग्लेस हमारे
(00:24:01)
पास आ रहा है वो इमोशन ही है या फिर
(00:24:04)
मोटिवेशन है हम लोग किसी को मोटिवेट कर
(00:24:06)
दिए और वो अब जो है आग बबूला मारने के लिए
(00:24:09)
तैयार है ठीक है या फिर पढ़ने के लिए
(00:24:11)
तैयार है तो मोटिवेशन है या फिर इमोशन है
(00:24:15)
इसके बीच में जो है हम लोग
(00:24:21)
डिफरेंशिएबल
(00:24:23)
फॉर्मेशन के वजह से होता है ये सही चीज था
(00:24:27)
ओके तो इसके भी कुछ लिमिटेशन थे तो यह था
(00:24:29)
एक्टिवेशन थ्योरी ऑफ इमोशन बहुत सिंपल सा
(00:24:31)
था कि रेटिकुलर फॉर्मेशन के वजह से ही जो
(00:24:34)
है हमें हाई अराउजल होते हैं हाई राउजल
(00:24:36)
स्टेट होते हैं जो हमारे बिहेवियर को
(00:24:39)
इन्फ्लुएंस करते हैं मसल एक्टिविटी को
(00:24:40)
इन्फ्लुएंस करते हैं और सेंसरी इनपुट को
(00:24:42)
जो है इन्फ्लुएंस करते हैं ओके इसके बाद
(00:24:45)
जो है कुछ डिफरेंट अराउजल स्टेट्स हम लोग
(00:24:47)
देख लेते हैं जैसे लो अराउजल स्टेट लो
(00:24:50)
अराउजल स्टेट में क्या होता है हम लोग को
(00:24:52)
बोरिम फील होता है पूरा बोरियत सा फीलिंग
(00:24:54)
होगा रिलैक्सेशन मतलब रिलैक्स रिलैक्स सा
(00:24:57)
लगेगा सेडनेस रहे उदासी छाया हुआ रहेगा आर
(00:25:00)
एसोसिएटेड विद लो फिजियोलॉजिकल अराउजल जब
(00:25:03)
हम में लो फिजियोलॉजिकल अराउजल होते हैं
(00:25:05)
तो ऐसे-ऐसे फील होंगे बोरियत वाला फील
(00:25:07)
होंगे रिलैक्स फील होंगे सेडनेस फील होंगे
(00:25:09)
जब मॉडरेट अराउजल स्टेट में जब हम लोग आते
(00:25:12)
हैं तो वहां पे फिर खुश खुश रहेंगे
(00:25:13)
हैप्पीनेस है ना कंटेनमेंट सरप्राइज वाओ
(00:25:18)
ठीक है ये सारे चीज जो होते हैं वो मॉडरेट
(00:25:20)
अराउजल स्टेट में आते हैं कैन इमर्ज फ्रॉम
(00:25:23)
मॉडरेट लेवल ऑफ एक्टिवेशन जो मॉडरेट लेवल
(00:25:26)
ऑफ एक्टिवेशन के वजह से क्या होता है यह
(00:25:28)
हमें अराउजल आते हैं यह हमें इमोशन देते
(00:25:31)
हैं ओके नेक्स्ट होता है हाई अराउजल स्टेट
(00:25:34)
जब हाई अराउजल स्टेट होता है तो यहां पर
(00:25:36)
इमोशन होता है कौन-कौन एंगर गुस्सा फियर
(00:25:40)
डर लगना एक्साइटमेंट बहुत कष्ट के कोई
(00:25:43)
तुमको लाके फोर वलर दे दिया एक्साइटमेंट
(00:25:46)
हो गया वाओ व्हाट इज दिस एंजाइटी एंजाइटी
(00:25:50)
में टेंशन में बहुत ज्यादा कम फ्रॉम द हाई
(00:25:52)
लेवल ऑफ एक्टिवेशन यह जो है हाई लेवल ऑफ
(00:25:54)
एक्टिवेशन के वजह से आता है ओके बहुत
(00:25:57)
अच्छा से नोट्स बना हुआ है इसको बनाने में
(00:25:59)
बहुत मेहनत लगा है ओके हर एक को टाइप करना
(00:26:02)
पड़ता है हर एक को लिखना पड़ता है ताकि
(00:26:04)
तुमको अच्छा से दिख सके अच्छा से नोट कर
(00:26:08)
सको ओके नेक्स्ट थ्योरी को हम लोग देखते
(00:26:11)
हैं और नेक्स्ट और लास्ट थ्योरी आता है
(00:26:13)
अर्नल्ड्स थ्योरी ऑफ इमोशन एरनोस थ्योरी
(00:26:16)
ऑफ इमोशन यह थ्योरी क्या कहता है ये
(00:26:18)
थ्योरी कहता है अकॉर्डिंग टू दिस थ्योरी
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इमोशन आर ट्रिगर्ड बाय हाउ इंडिविजुअल
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इवेलुएट और
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अप्राइसिटस और
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ठीक है यह भी पहले के जैसा ही है लेकिन
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इसका सिंपल सा कहना है कि अकॉर्डिंग टू
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दिस थ्योरी इमोशन ट्रिगर्ड ही होता है कि
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कैसे एक इंडिविजुअल जो है किसी भी सिचुएशन
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को किसी भी स्टिम को किसी भी सराउंडिंग को
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जो है इवेलुएट कर रहा है और अप्रेज कर रहा
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है इवेलुएट का मतलब होता है उसको नाप तोल
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रहा है और अप्रेज का मतलब होता है
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मूल्यांकन कर रहा है दोनों का एक ही
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मीनिंग होता है ठीक है हम लोग उसका
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मूल्यांकन करेंगे दिस इज डेंजरस और नॉट
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डजरस उसके बाद ही हम लोग का जो है इमोशन
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आएगा यह लवेबल है या फिर लवेबल नहीं है
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फिर हमें लव आएगा लव वाला इमोशन आएगा ओके
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तो एनोस थोरी सिंपल सा कहता है कि हमें जो
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है सबसे पहले कोई भी इंडिविजुअल जो है वो
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इवेलुएट करेगा अप्रेस करेगा अपने
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सराउंडिंग को सिचुएशन को स्टिम को तभी उस
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तरीके के मोशन उसके पास आएंगे नेक्स्ट
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यहां पर कह रहा है कि परसेप्शन ऑफ द
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सिचुएशन डिटरमाइंड द इमोशनल रिस्पांसस
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किसी भी सिचुएशन का परसेप्शन करने से वो
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डिटरमाइंड करता है इमोशनल रिस्पांस को किस
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तरीके से इमोशनल रिस्पांस होगा ओके
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कंसीडरिंग मेमोरी पास्ट एक्सपीरियंस एंड
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सोशल कंटेस्ट और इसमें जो है कंसीडरिंग
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मेमोरी जो पहले हो चुका है जो मेमोरी
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तुम्हारे पास है वो भी उस परे आधारित होता
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है पास्ट एक्सपीरियंस भी आधारित होता है
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और सोशल कंटेस्ट से भी जो है आधारित होता
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है मतलब हम लोग अपने सोसाइटी में
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क्या-क्या सुन के आए हैं अब अभी तक हमने
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शेर नहीं देखा रियल में बट सोसाइटी से सुन
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क्या आ है कि शेर आता है तो मार के खा
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जाता है तो भाई शेर से डरना है जब शेर
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सामने आएगा तो फेयर ही आएगा ना चुड़ैल जब
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सामने आएगी तो प्यार तो नहीं आएगा चरे का
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नाम सुनके ही डर लगेगा है ना तो इसी तरीके
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के चीज जो होते हैं वह सोशल कांटेस्ट में
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आते हैं अब नेक्स्ट स्लाइड में हम लोग
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चलते हैं और कुछ की पॉइंट्स को देखते हैं
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कुछ की पॉइंट्स क्या है कि अप्रेजल क्या
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होता है एक्शन टेंडेंसी क्या होता है और
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इमोशन क्या होता है ठीक है जरा सा एक बार
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इसको देखते हैं अप्रेजल का मतलब होता है
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इमोशन स्टार्ट विथ हाउ वी एक्सेस सिचुएशन
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एज पॉजिटिव और नेगेटिव हमारा इमोशन
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स्टार्ट होता है विथ किसके साथ हाउ वी
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एक्सेस सिचुएशन हम एक सिचुएशन को किस
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तरीके से एक्सेस किए एज ए पॉजिटिव और
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नेगेटिव पॉजिटिवली और नेगेटिवली हमें उससे
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डरना है या फिर नहीं डरना है प्यार करना
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है या फिर नहीं करना है दुख में जाना है
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या फिर नहीं जाना है ओके नेक्स्ट है एक्शन
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टेंडेंसी एक्शन टेंडेंसी क्या होता है दिस
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अप्रेजल लीड्स टू रेडिनेक टू एक्ट जो ये
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अप्रेजल होगा ओके अप्रेजल मींस हम लोग जब
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मूल्यांकन कर लेंगे कि दिस इज पॉजिटिव और
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नेगेटिव उसके हिसाब से हम लोग रेडीस
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रहेंगे एक्ट के लिए ठीक है हमें क्या एक्ट
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लेना है उसके लिए तैयार रहेंगे अप्रोच और
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अवॉइड हमें अप्रोच करना है उस चीज को या
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फिर बच के निकलना है किसक लेना है ओके
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उसके बाद होता है इमोशन उसके बाद क्या
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होता है इमोशन द एक्शन टेंडेंसी रिजल्ट इन
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द इमोशन एक्सपीरियंस और उसी तरीके के
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एक्शन टेंडेंसी के हिसाब से जो रिजल्ट
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होगा वह इमोशनल एक्सपीरियंस होगा अगर
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डरावना होगा तो डरेंगे और मस्त होगा तो
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जॉय फुल हो जाएंगे ओके तो यहां तक जो है
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हम लोगों ने सभी तरीके के थ्योरी जो इमोशन
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के थे उसको कंप्लीट किया सभी तरीके का तो
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नहीं कर सकते जो हमारे सिलेबस में है
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जितना हमको पढ़ना है उस सभी को कंप्लीट
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किया समझा जाना ठीक है तुमको कितना समझ
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में आया क्या समझ में नहीं आया उसको नीचे
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कमेंट करना है कमेंट जरूर करना है इससे
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हमको मोटिवेशन मिलता है क्योंकि पीपीटी
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बनाने में बहुत सारा मेहनत लगता है ओके
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वीडियो को लाइक जरूर करो शेयर करो अपने
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वैसे दोस्तों को जिसको साइकोलॉजी समझ में
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नहीं आता है ओके और सब्सक्राइब करो चैनल
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को थैंक यू
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[संगीत]
