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Determinants of Personality, Factor affect the personality. Biological, Enviornmental,Psychological (YouTube Video Transcript)

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Title: Determinants of Personality, Factor affect the personality. Biological, Enviornmental,Psychological
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(00:00:00) Your YouTube transcript will appear here (00:00:00) अच्छा डिटर्मिननेंट्स क्या है पर्सनालिटी (00:00:02) अब मैं आपको बात कर लेती डिटरमिनेट कि (00:00:04) बनते कैसे कैसे अब देखो मैंने आपको दो (00:00:06) टॉपिक्स करवा दिए हैं कि मीनिंग क्या है (00:00:08) डेफिनेशन क्या है करेक्ट है तीन टॉपिक हो (00:00:10) गए डिटरमिनेट बहुत ज्यादा इंपोर्टेंट है (00:00:12) जो कि आपके एग्जाम के अंदर आते हैं दूसरा (00:00:15) मेजर पर्सनालिटी जो कि आपके बिग बिग फाइव (00:00:18) थ्योरी ऑफ द एटिबल के ये (00:00:21) इंपोर्टेंट अब डिटरमिनेट पता क्या होता है (00:00:23) कि किन-किन कंपोनेंट से यह मिलकर बना (00:00:27) है आपकी पर्सनैलिटी कैसे बनी है सबसे पहला (00:00:31) मैंने आपको बताया वैसे दो ही पार्ट्स प (00:00:32) डिवाइड किए गए हैं इंटरनल और आपका (00:00:35) एक्सटर्नल बट इसको और फदर डिवाइड किया गया (00:00:37) है इंटरनल में आ जाता है आपके बायोलॉजिकल (00:00:39) फैक्टर्स बायोलॉजिकल फैक्टर्स का मतलब (00:00:41) क्या है जो आपके ह्यूमन बॉडी से रिलेटेड (00:00:45) हो जो आपके आपकी शरीर से रिलेटेड है जो (00:00:47) आपकी माइंड है आपकी फिजिकल फीचर्स है उनके (00:00:50) रिगार्डिंग बात करते हैं हेरिडिटी का मतलब (00:00:52) क्या होता है कि जहां पर आपके आपके जो गुण (00:00:56) है आपकी जो सोचने की जो थोड़ी बहुत (00:00:59) विचारधारा है वो आप के पेरेंट से (00:01:01) ट्रांसमिटेड होते हैं ट्रांसमिटेड बाय द (00:01:03) पेरेंट्स टू द नेक्स्ट जनरेशन ठीक है ऐसा (00:01:05) कहते हैं ना कि ये तो बिल्कुल अपने पापा (00:01:06) जैसा लग रहा है पापा जैसा सोचता है पापा (00:01:08) जैसा ही करता है काम ठीक है ऐसा होता है (00:01:11) मींस कि जब आपके जैसे कलर होता है हेयर (00:01:14) कलर होता है स्किन का कलर होता है जेंडर (00:01:16) होता है आइज के जो ये बाल्ज होते हैं ना (00:01:19) जैसे ये कहते हैं कि हम ये ब्लैक ब्लैक (00:01:20) सर्कल्स होते हैं इनके ठीक है टेंपरेचर (00:01:22) होता है ठीक है ये सभी के सभी स्किल होगी (00:01:25) एबिलिटी होगी इंटेलिजेंस होगी अगर किसी के (00:01:27) पापा क्या है मैथमेटिक्स में इंटेलिजेंट (00:01:30) है तो ओबवियस सी बात है बच्चे में भी (00:01:31) इंटेलिजेंस नजर आएगी अगर किसी के पापा (00:01:33) चालाक है तो बच्चे में भी चालाक पन आएगा (00:01:35) अगर किसी के पापा क्या है इनोसेंट है तो (00:01:37) बच्चा भी इनोसेंट होगा अगर किसी के पापा (00:01:39) की आइज ब्राउन है तो उसके बच्चे में भी वो (00:01:41) चीज आएगी है ना तो ये एरिटेड होता है जब (00:01:44) हम क्या करते हैं अपने पेरेंट से जो चीजें (00:01:46) हमें रिसीव होती है ब्रेन का मतलब क्या है (00:01:48) कि आपकी मेंटल इन कॉग्निशंस पॉइंट को बोला (00:01:51) गया है मीस की जो आपका ब्रेन है वो भी (00:01:53) बहुत इंपॉर्टेंट रोल अदा करता है (00:01:54) पर्सनालिटी को डेवलप करने में जैसे कि मैं (00:01:57) आपको कहूं कि आपके अंदर जैसे जैसे आप आगे (00:02:00) बढ़ते गए मैंने आपको बताया ना कि आपके (00:02:01) पापा अगर इंटेलिजेंट है तो आप में भी (00:02:03) इंटेलिजेंटस आएगी आएगी ठीक है फिजिकल फीचर (00:02:07) के बारे में बात की जाए तो फिजिकल फीचर (00:02:08) मतलब क्या है कि आपकी बॉडी का साइज कैसा (00:02:10) है आपके मसल्स कैसे हैं आपकी हाइट कैसी है (00:02:13) आपका फेशियल कैसा मतलब फेस कैसा है फेयर (00:02:16) है ब्लैक है मतलब बहुत ही ज्यादा फेयर है (00:02:19) मॉडरेट फेयर है ज्यादा ब्लैक है ज्यादा (00:02:21) फेयर ये सभी चीजें फिजिकल फीचर्स में आती (00:02:24) है मीस कि जो आपको बाहर नजर आती है क्लियर (00:02:27) है मैच्योरिटी इन मैच्योरिटी रिलेटेड टू द (00:02:31) फिजिकल स्टेचर ठीक (00:02:34) है हाइट हो गया कलर हो गया फेशियल (00:02:37) अट्रैक्शन हो गई सभी के सभी आपके (00:02:39) बायोलॉजिकल फैक्टर्स के अंदर अब आ जाते (00:02:41) हैं एनवायरमेंटल फैक्टर जो आपकी सोसाइटी (00:02:43) में होते है सोसाइटी में क्या-क्या होता (00:02:44) है सोशल होता है सबसे पहली बात तो ठीक है (00:02:47) नेक्स्ट क्या होता है कल्चर होता है फिर आ (00:02:49) जाता है जियोग्राफिक होता है फिर आपका (00:02:51) स्कूल भी आपके एनवायरमेंट में आता है तो (00:02:52) सबसे पहले सोशल एनवायरमेंट को देख लेते (00:02:54) हैं सोशल एनवायरमेंट का मतलब क्या है (00:02:56) सोशली बोल दिया सोशल जहां प आ जाए वहां पर (00:02:58) ग्रुप के बारे में बात की जाती है किसके (00:03:00) बारे में बात की जाती है ग्रुप के बारे (00:03:02) में बात की जाती है ग्रुप ऑफ कि ग्रुप (00:03:04) किसका होगा बच्चे पीपल्स का होगा पीपल दैट (00:03:06) मींस आपकी जैसे कि पेरेंट्स हो गए हैं ठीक (00:03:09) है अ पीपल पेरेंट्स हो गए हैं टीचर्स हो (00:03:12) गए हैं ठीक है फ्रेंड्स हो गए हैं ठीक है (00:03:14) आपके अ कोई भी कलीग्स हो गया हैं पड़ोसी (00:03:18) हो गए हैं इन सभी का इंपैक्ट आपके (00:03:20) बिहेवियर पे जरूर पड़ता है आपकी (00:03:22) पर्सनालिटी को डेवलप करता है ठीक है एवरी (00:03:24) इंडिविजुअल हैज अ स्ट्रांग डिजायर टू गेट (00:03:26) द एक्सेप्टेबिलिटी इन द सोसाइटी अब देखो अ (00:03:29) फॉर एपल माइंड मत करना अगर किसी के यहां (00:03:32) पर अगर है तो ठीक है आप देखेंगे क्लास के (00:03:34) अंदर जो बच्चे हैं कुछ बच्चे क्या होंगे (00:03:36) हाई स्टैंडर्ड होते हैं मोस्ट ऑफ सभी (00:03:38) क्लासेस के अंदर हाई स्टैंडर्ड दैट मींस (00:03:41) उनका जो फैमिली बैकग्राउंड है बहुत अच्छा (00:03:44) है जिसके कारण उनके ड्रेसिंग सेंस में (00:03:47) उनके हेयर स्टाइल के अंदर उनके शूज के (00:03:49) अंदर उनकी वच के अंदर ये सभी चीजें नजर (00:03:52) आती है तो हम उनको देखते ये लगा लेते कि (00:03:54) यह तो भाई अच्छी पार्टी से बिलोंग करते है (00:03:57) करेगा नहीं करा और ऐसे व्यक्ति को ऐसे (00:04:01) व्यक्तियों से लोग माना जाता है कि जल्दी (00:04:03) बोलना शुरू कर देते हैं है ना अच्छा एक (00:04:06) ऐसे स्टूडेंट्स है जो कि जिनका फैमिली (00:04:08) बैकग्राउंड इतना नहीं है डेली दो ही तीन (00:04:10) मतलब महीने के अंदर लगातार दो-तीन ड्रेस (00:04:13) ही यूज करता है वो तो आपको उससे पता चल (00:04:15) जाएगा कि हां इसका बैकग्राउंड कैसा है ठीक (00:04:18) है अब ओबवियस सी बात है ऐसे तरह के जस्ट (00:04:21) एग्जांपल है माइंड मत करना पहले ही बोली (00:04:22) थी अ बच्चे क्या करते हैं ऐसे बच्चों के (00:04:25) साथ बहुत कम रहते हैं कुछ एक मॉडरेट होते (00:04:28) हैं कि जिनकी ड्रेसिंग सेंस मॉडरेट होती (00:04:30) है सूज मॉडरेट होते हैं तीन चार पेयर इनके (00:04:32) पास इनके पास एक ही पेयर इनके पास मान (00:04:34) लीजिए 102 पेयर है तो ऐसे ग्रुप्स के अंदर (00:04:37) क्या होते है जिनकी एक्सेप्टेबिलिटी (00:04:38) सोसाइटी के अंदर जल्दी हो जाती है तो (00:04:41) ओबवियस सी बात है मींस की सोसाइटी उनको (00:04:43) अपना लेती है उनको उनके साथ जल्दी बातचीत (00:04:45) करना शुरू कर देती है तो ऐसा क्या होगा कि (00:04:48) उनके कॉन्फिडेंस में एक पॉजिटिव पॉइंट (00:04:50) आएगा अगर एक्सेप्टेबिलिटी ना मिले ऑन द (00:04:53) कांट्रेरी ऑफ अ पर्सन हु डज नॉट गेट द (00:04:55) सोशल एक्सेप्टेबिलिटी तो वो क्या होगा (00:04:57) अपने आप में एक इनफीरियर फील करेगा वो (00:04:59) अपने आप में एक नीचा पन महसूस करेगा तो (00:05:02) कहीं ना कहीं आपकी पर्सनालिटी वहां से भी (00:05:04) डेवलप हो जाती है अब यहां पे उसको बोलने (00:05:06) का मौका मिल रहा है सोशली एक्सेप्टेबल हो (00:05:08) रहा है तो उसका जो सेल्फ कॉन्फिडेंस है ना (00:05:10) वो इतना बूस्ट हो जाएगा कि लीडरशिप की (00:05:12) क्वालिटी होगी कॉन्फिडेंस की क्वालिटी (00:05:14) होगी मोटिवेट वो खुद ज्यादा रहेगा तो ये (00:05:16) सोशल एनवायरमेंट इंपैक्ट डालता है कल्चरल (00:05:18) एनवायरमेंट का मतलब क्या है जो आपके जो (00:05:21) आपके कल्चर से बिलोंग करता है कल्चर दैट (00:05:23) मींस आपका बिलीफ हो गया यहां पे लिखा हुआ (00:05:25) है रिलीजस हो गया बिलीफ हो गया ट्रेडिशनल (00:05:28) हो गया हैबिट्स हो ग मीस कि जो आप सोसाइटी (00:05:30) में मानते हो ठीक है है ना और आपको पता है (00:05:33) सभी इंसान क्या है एक सोसाइटी के पार्ट (00:05:35) हैं और हर एक सोसाइटी के अंदर अपना-अपना (00:05:37) कल्चर होता है है ना और वो कल्चर क्या (00:05:39) करता है शेप देता है जैसे कि मैं कहूं (00:05:42) कि यहां पे क्या लिखा है पर्टिकुलर कल्चर (00:05:45) में में टीच द सम मोरल वैल्यू टू द पीपल व (00:05:48) वच इज अ अच्छा यहां पे आ सकता है एग्जांपल (00:05:51) इसका बेस्ट ये पता है क्या कह रहा है कि (00:05:53) कुछ एक कल्चर में कुछ बातें बोली गई है बट (00:05:55) दूसरे कल्चर में वो जस्ट उससे अपोजिट है (00:05:57) फॉर एग्जांपल ड्रेस का मैं एग्जांपल ले (00:05:59) रही हूं ठीक है है किसी कल्चर के अंदर (00:06:01) ब्लैक ड्रेस डालना बहुत शुभ माना जाता है (00:06:04) अच्छा माना जाता है बट वही जगह किसी दूसरी (00:06:07) जगह ब्लैक ड्रेस के ऊपर क्वेश्चन मार्क (00:06:10) होता है कि अगर ये ओकेज है तो आप ब्लैक (00:06:12) ड्रेस नहीं डालेंगे इस तरह से वाइट ड्रेस (00:06:14) हो गया वाइट ड्रेस किसी ओकेज में बेस्ट (00:06:16) माना जाता है तो बट कहीं पर शादियों में (00:06:18) डाली जाती है कहीं पे किसी के इंसान के (00:06:19) जाने पर डाली जाती है है ना तो यहां पे (00:06:22) कल्चर है मींस कि जो ये आपकी माइंड में (00:06:24) सेट हो गया जैसे कि हमारे यहां पे क्या (00:06:25) होता है कि वाइड रस डब डाली जाती है जब (00:06:27) कोई इंसान अपने शरीर को छोड़ देता है मींस (00:06:29) कि उसकी थ हो जाती है है ना तब शादी में (00:06:32) हम वाइट ड्रेस नहीं डालते ये हमारे ये (00:06:34) मेरे कल्चर में है इसी तरह से आई होप आपके (00:06:36) भी ऐसा डिफरेंट डिफरेंट कल्चर होगा जो कि (00:06:38) आपकी पर्सनालिटी को रिप्रेजेंट करते हैं (00:06:39) ठीक है ज्योग्राफिकल एनवायरमेंट का मतलब (00:06:41) क्या है कि एनवायरमेंट मींस कि (00:06:44) ज्योग्राफिकल होते है कि अ किस लोकेशन में (00:06:47) आप रह रहे हैं ठंड वाले एरिया में रह र (00:06:49) हैं गर्मी वाले एरिया में रह र हैं बसात (00:06:51) वाले मौसम में रह रहे हैं उस तरीके से (00:06:54) आपके अंदर एनर्जी आएगी आपका कलर नजर आएगा (00:06:56) अब अगर मैं कहूं कि जहां बहुत ज्यादा सूरज (00:06:58) होता है ठीक है आप देखेंगे कि साउथ में (00:07:01) साउथ में साउथ में सबसे ज्यादा मैं कहूंगी (00:07:04) कि उन सभी पीपल्स का जो कलर होता है वो (00:07:08) थोड़ा सा डार्क होता है ठीक है उनको ये भी (00:07:10) माना जाता है ये एक्सपेरिमेंट्स क्यों है (00:07:12) मैं नहीं कह रही एक्सपेरिमेंट्स कह रहे (00:07:13) कभी कहेंगे मैम आपको कैसे पता ये (00:07:15) एक्सपेरिमेंट क कि जहां पर जो लोग है हॉट (00:07:18) क्लाइमेट में रहते हैं उनको देखा गया है (00:07:20) कि वो सबसे ज्यादा लेजी होते हैं दूसरा (00:07:22) उनका जो कलर टोन है वो क्या होता है ब्लैक (00:07:24) कंपलेक्स का होता है अगर मैं कहूं कि किसी (00:07:27) कोई इंसान ठंडे एरिया में (00:07:30) तो जो उनका जो टच है कलर का टच है वो कैसा (00:07:33) होगा फेयर होगा ठीक है वो एनर्जेटिक होंगे (00:07:36) एक्टिव होंगे ठीक है समझ पा रहे हैं अच्छा (00:07:40) फैमिली एनवायरमेंट के बारे में बात की (00:07:41) फैमिली तो अरे सबसे इंपोर्टेंट है क्योंकि (00:07:44) जो फैमिली के अंदर जो होता है (00:07:47) वो उससे ज्यादा कहीं और का इक्ट नहीं डलता (00:07:50) जितना फैमिली का लता जैसे मैं कह एक (00:07:52) फैमिली के (00:07:54) अंदर मम्मी है पापा है इनके चार बच्चे एक (00:07:58) फैमिली के अंदर मम्मी है पापा है इनका एक (00:08:01) ही बेटा है एक बेटी है अब यहां पर देखो (00:08:05) सबसे ज्यादा अटेंशन किस फैमिली में नजर आ (00:08:07) रही है इस फैमिली में नजर आएगी क्योंकि (00:08:10) देखो बच्चे फैमिली की इनकम यह भी उसी (00:08:13) ऑर्गेनाइजेशन में काम करते हैं इसकी भी (00:08:15) सैलरी 40000 है इसकी भी सैलरी 40000 है अब (00:08:19) ये देखो कि किसके ऊपर ज्यादा बच्चों के (00:08:20) ऊपर कौन ज्यादा फोकस कर पाएगा यह कर पाएगा (00:08:22) तो ओबवियस सी बात है तो इकोनॉमिक कंडीशन (00:08:25) के हिसाब से आपकी फैमिली की स्ट्रेंथ भी (00:08:27) देखी जाती है जिसके कारण यह देखा जाता है (00:08:29) अब जिसकी ज्यादा इच्छा पूरी होंगी तो (00:08:31) ओबवियस सी बात है उसका कॉन्फिडेंस भी अलग (00:08:33) होगा कि उसको देखो मैंने कहा कि हां स्कूल (00:08:36) में फंक्शंस होते हैं स्कूल में फंक्शंस (00:08:37) के लिए आपसे फीस कलेक्ट की जाती है हर (00:08:40) महीने 50 3300 आपका अब देखो जुलाई के अंदर (00:08:43) अगस्त के अंदर कितने फंक्शन है एक एक (00:08:45) महीने में 3 तीन चार चार महीने हैं (00:08:46) तीन-तीन चार चार फंक्शंस है अब 00300 क्या (00:08:49) है आपसे लेने लग ग चार फंक्शन आ गए तो 00 (00:08:52) तो ऐसे ही चले जाएंगे यहां पे दो बच्चे (00:08:53) हैं तो 1200 12 24 हो गए अब यहां पे चार (00:08:56) बच्चे हैं तो कहीं ना कहीं पेरेंट्स क्या (00:08:58) कहेंगे बेटा इस फंक्शन में रहने दे और (00:09:00) नेक्स्ट में कर लि तो यहां पे ये उस (00:09:02) परफॉर्मेंस को जॉइन ही कर नहीं कर पाएंगे (00:09:05) तो उनका कॉन्फिडेंस क्या होगा लो होगा तो (00:09:07) फैमिली एनवायरमेंट भी फैमिली का स्ट्रक्चर (00:09:09) भी फैमिली का साइज भी इकोनॉमिक कंडीशन भी (00:09:12) ये सभी के सभी इंपैक्ट डालते हैं क्या (00:09:14) आपको इतना क्लियर है स्कूल एनवायरमेंट तो (00:09:16) पता ही लग गया होगा कि स्कूल में जितनी (00:09:18) ज्यादा एक्टिविटी होगी और लोग बच्चे उसमें (00:09:20) पार्टिसिपेट करेंगे उनका बिहेवियर वैसा ही (00:09:22) बन जाएगा साइकोलॉजिकल फैक्टर फैक्टर नंबर (00:09:25) थ्री अभी अब तक हमने कौन से कर लि (00:09:27) बायोलॉजिकल फैक्टर कर लिया एनवायरमेंटल (00:09:28) फैक्टर कर लिया तीसरा आ जाता है आपके पास (00:09:30) साइकोलॉजिकल फैक्टर साइकोलॉजिकल आपके (00:09:33) डायरेक्ट स्टडी ऑफ द ह्यूमन माइंड के बारे (00:09:35) में बात करते है कि ह्यूमन का जो इंसान का (00:09:39) जो दिमाग है वो कैसा सोचता है उसकी मेंटल (00:09:42) डेवलपमेंट कैसी है मेंटल कैपेबिलिटी कैसी (00:09:44) है मींस कि अगर मैं कहूं कि अभी आपको 17 (00:09:47) का टेबल लर्न करना है और ऑन द स्पोट मुझे (00:09:49) सुनाना है ठीक है अभी आपको 19 का टेबल (00:09:52) लर्न करना है और 19 का टेबल मुझे सुनाना (00:09:54) है या फिर मैं कहूं कि जैसे कि अभी मेरे (00:09:56) को थोड़ी देर बाद इनकम टैक्स करवाना है (00:09:58) ठीक है इनकम टैक्स की क्लासेस लेनी है (00:09:59) मुझे सैलरी हैड करवाना है समझाने के (00:10:01) साथ-साथ मैं उनसे क्वेश्चंस पूछ रही हूं (00:10:04) तो कहने का मतलब उनकी मेंटल कॉग्निशंस (00:10:06) डेवलपमेंट देखना है कितना लेवल है कि वो (00:10:08) साथ-साथ लर्निंग कर पा रहे हैं कैपेबल है (00:10:11) नॉलेज को एक्वायर करने में प्रॉब्लम को (00:10:13) सॉल्व करने में मैंने काफी सारे क्वेश्चंस (00:10:15) प्रैक्टिस क्वेश्चंस भी रखे हुए हैं ठीक (00:10:17) है मैं अगर मैं कहूं कि इन क्वेश्चंस को (00:10:19) जल्दी से सॉर्ट आउट करो जल्दी से मुझे (00:10:21) आंसर दो तो वी को समझ में आएगा जिसकी (00:10:23) लर्निंग पावर थोड़ा सा जल्दी-जल्दी है तेज (00:10:25) है है ना वो मेरे समझाने के साथ-साथ समझ (00:10:27) रहे है दूसरा एटीट्यूड एटीट्यूड का मतलब (00:10:30) होता है किसी इंफॉर्मेशन को देखा आपने और (00:10:33) उसके प्रति आपकी विचारधारा कैसी है अगर (00:10:35) उसके रिगार्डिंग पॉजिटिव विचारधारा उसे (00:10:37) पॉजिटिव एटिट्यूड कहेंगे नेगेटिव (00:10:38) विचारधारा उसे नेगेटिव एटीट्यूड कहेंगे ये (00:10:40) हमने एटीट्यूड वाले चैप्टर के अंदर बहुत (00:10:42) अच्छे से डिस्कस किया (00:10:43) था मोटिवेशन होता है कि करने के जनून के (00:10:48) लिए आपको मोटिवेट किया जाता है एक ये दो (00:10:50) तरीके के होते हैं वैसे आगे आए ग चैप्टर (00:10:51) ये इंटरनल मोटिवेशन होता है और एक आपके (00:10:54) पास एक्सटर्नल मोटिवेशन होता है इंटरनल (00:10:56) मोटिवेशन को क्या कहेंगे जो आपके अंदर से (00:10:58) ही है मीस की किसी की जरूरत नहीं होती है (00:11:00) अगर ये कहते हैं ना कि अगर आपका वई क्लियर (00:11:02) है है ना तो आपका हाउ सिंपल हो जाता है (00:11:05) मींस कि अगर आपको ये पता है कि मुझे क्यों (00:11:07) करना है ये काम मुझे जॉब क्यों चाहिए तो (00:11:10) आपको ये पता लग जाएगा कि रास्ता कैसे है (00:11:11) वो आसान हो जाएगा है ना अगर आपका मेन (00:11:14) ऑब्जेक्टिव क्लियर है तो रास्ता अपने यहां (00:11:16) आसान हो जाएगा तो ये आता है इंटरनल में (00:11:18) अगर आप क्या है बार-बार डी मोटिवेटेड हो (00:11:20) रहे तो आपको क्या करना पड़ेगा (00:11:27) youtube1 155 दिन काम करते हो फिर डाउन हो (00:11:30) जाते हो फिर रील देते हो फिर डाउन आ जाते (00:11:32) हो फिर रील देते हो ये प्रोसेस ऐसे चलती (00:11:34) रहती है तो मोटिवेशन क्या होता है कि जो (00:11:36) आपके डोपामिन हो गया सेरोन हो गया उनको (00:11:39) मेंटेन करके रखता है ठीक है माइंड के अंदर (00:11:41) होता है कि आप एनर्जेटिक रहे खुश रहे ठीक (00:11:44) है सिचुएशनल फैक्टर तो आपको पता ही होगा (00:11:46) क्योंकि आपने सिचुएशन लर्निंग भी पढ़ लिया (00:11:48) कि सिचुएशन के हिसाब से आपकी पर्सनालिटी (00:11:51) में चेंज आना मी सिचुएशन के हिसाब से आपने (00:11:53) उसके अंदर सीखा देन आपने उसको इंप्लीमेंट (00:11:57) किया आपके नेक्स्ट इवेंट में ठीक है यह थे (00:12:00) आपकी बेटा डिटरमिनेट क्लियर है सबको (00:12:03) क्लियर है अच्छा अब आ जाते हैं आपके बहुत (00:12:06) बहुत बहुत जितना बहुत लिखूं उतना कम है (00:12:10) जितना बहुत लिखूं उतना कम (00:12:13) है इंपॉर्टेंट पॉइंट है

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