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Title: Determinants of Personality, Factor affect the personality. Biological, Enviornmental,Psychological
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अच्छा डिटर्मिननेंट्स क्या है पर्सनालिटी
(00:00:02)
अब मैं आपको बात कर लेती डिटरमिनेट कि
(00:00:04)
बनते कैसे कैसे अब देखो मैंने आपको दो
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टॉपिक्स करवा दिए हैं कि मीनिंग क्या है
(00:00:08)
डेफिनेशन क्या है करेक्ट है तीन टॉपिक हो
(00:00:10)
गए डिटरमिनेट बहुत ज्यादा इंपोर्टेंट है
(00:00:12)
जो कि आपके एग्जाम के अंदर आते हैं दूसरा
(00:00:15)
मेजर पर्सनालिटी जो कि आपके बिग बिग फाइव
(00:00:18)
थ्योरी ऑफ द एटिबल के ये
(00:00:21)
इंपोर्टेंट अब डिटरमिनेट पता क्या होता है
(00:00:23)
कि किन-किन कंपोनेंट से यह मिलकर बना
(00:00:27)
है आपकी पर्सनैलिटी कैसे बनी है सबसे पहला
(00:00:31)
मैंने आपको बताया वैसे दो ही पार्ट्स प
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डिवाइड किए गए हैं इंटरनल और आपका
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एक्सटर्नल बट इसको और फदर डिवाइड किया गया
(00:00:37)
है इंटरनल में आ जाता है आपके बायोलॉजिकल
(00:00:39)
फैक्टर्स बायोलॉजिकल फैक्टर्स का मतलब
(00:00:41)
क्या है जो आपके ह्यूमन बॉडी से रिलेटेड
(00:00:45)
हो जो आपके आपकी शरीर से रिलेटेड है जो
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आपकी माइंड है आपकी फिजिकल फीचर्स है उनके
(00:00:50)
रिगार्डिंग बात करते हैं हेरिडिटी का मतलब
(00:00:52)
क्या होता है कि जहां पर आपके आपके जो गुण
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है आपकी जो सोचने की जो थोड़ी बहुत
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विचारधारा है वो आप के पेरेंट से
(00:01:01)
ट्रांसमिटेड होते हैं ट्रांसमिटेड बाय द
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पेरेंट्स टू द नेक्स्ट जनरेशन ठीक है ऐसा
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कहते हैं ना कि ये तो बिल्कुल अपने पापा
(00:01:06)
जैसा लग रहा है पापा जैसा सोचता है पापा
(00:01:08)
जैसा ही करता है काम ठीक है ऐसा होता है
(00:01:11)
मींस कि जब आपके जैसे कलर होता है हेयर
(00:01:14)
कलर होता है स्किन का कलर होता है जेंडर
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होता है आइज के जो ये बाल्ज होते हैं ना
(00:01:19)
जैसे ये कहते हैं कि हम ये ब्लैक ब्लैक
(00:01:20)
सर्कल्स होते हैं इनके ठीक है टेंपरेचर
(00:01:22)
होता है ठीक है ये सभी के सभी स्किल होगी
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एबिलिटी होगी इंटेलिजेंस होगी अगर किसी के
(00:01:27)
पापा क्या है मैथमेटिक्स में इंटेलिजेंट
(00:01:30)
है तो ओबवियस सी बात है बच्चे में भी
(00:01:31)
इंटेलिजेंस नजर आएगी अगर किसी के पापा
(00:01:33)
चालाक है तो बच्चे में भी चालाक पन आएगा
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अगर किसी के पापा क्या है इनोसेंट है तो
(00:01:37)
बच्चा भी इनोसेंट होगा अगर किसी के पापा
(00:01:39)
की आइज ब्राउन है तो उसके बच्चे में भी वो
(00:01:41)
चीज आएगी है ना तो ये एरिटेड होता है जब
(00:01:44)
हम क्या करते हैं अपने पेरेंट से जो चीजें
(00:01:46)
हमें रिसीव होती है ब्रेन का मतलब क्या है
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कि आपकी मेंटल इन कॉग्निशंस पॉइंट को बोला
(00:01:51)
गया है मीस की जो आपका ब्रेन है वो भी
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बहुत इंपॉर्टेंट रोल अदा करता है
(00:01:54)
पर्सनालिटी को डेवलप करने में जैसे कि मैं
(00:01:57)
आपको कहूं कि आपके अंदर जैसे जैसे आप आगे
(00:02:00)
बढ़ते गए मैंने आपको बताया ना कि आपके
(00:02:01)
पापा अगर इंटेलिजेंट है तो आप में भी
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इंटेलिजेंटस आएगी आएगी ठीक है फिजिकल फीचर
(00:02:07)
के बारे में बात की जाए तो फिजिकल फीचर
(00:02:08)
मतलब क्या है कि आपकी बॉडी का साइज कैसा
(00:02:10)
है आपके मसल्स कैसे हैं आपकी हाइट कैसी है
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आपका फेशियल कैसा मतलब फेस कैसा है फेयर
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है ब्लैक है मतलब बहुत ही ज्यादा फेयर है
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मॉडरेट फेयर है ज्यादा ब्लैक है ज्यादा
(00:02:21)
फेयर ये सभी चीजें फिजिकल फीचर्स में आती
(00:02:24)
है मीस कि जो आपको बाहर नजर आती है क्लियर
(00:02:27)
है मैच्योरिटी इन मैच्योरिटी रिलेटेड टू द
(00:02:31)
फिजिकल स्टेचर ठीक
(00:02:34)
है हाइट हो गया कलर हो गया फेशियल
(00:02:37)
अट्रैक्शन हो गई सभी के सभी आपके
(00:02:39)
बायोलॉजिकल फैक्टर्स के अंदर अब आ जाते
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हैं एनवायरमेंटल फैक्टर जो आपकी सोसाइटी
(00:02:43)
में होते है सोसाइटी में क्या-क्या होता
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है सोशल होता है सबसे पहली बात तो ठीक है
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नेक्स्ट क्या होता है कल्चर होता है फिर आ
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जाता है जियोग्राफिक होता है फिर आपका
(00:02:51)
स्कूल भी आपके एनवायरमेंट में आता है तो
(00:02:52)
सबसे पहले सोशल एनवायरमेंट को देख लेते
(00:02:54)
हैं सोशल एनवायरमेंट का मतलब क्या है
(00:02:56)
सोशली बोल दिया सोशल जहां प आ जाए वहां पर
(00:02:58)
ग्रुप के बारे में बात की जाती है किसके
(00:03:00)
बारे में बात की जाती है ग्रुप के बारे
(00:03:02)
में बात की जाती है ग्रुप ऑफ कि ग्रुप
(00:03:04)
किसका होगा बच्चे पीपल्स का होगा पीपल दैट
(00:03:06)
मींस आपकी जैसे कि पेरेंट्स हो गए हैं ठीक
(00:03:09)
है अ पीपल पेरेंट्स हो गए हैं टीचर्स हो
(00:03:12)
गए हैं ठीक है फ्रेंड्स हो गए हैं ठीक है
(00:03:14)
आपके अ कोई भी कलीग्स हो गया हैं पड़ोसी
(00:03:18)
हो गए हैं इन सभी का इंपैक्ट आपके
(00:03:20)
बिहेवियर पे जरूर पड़ता है आपकी
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पर्सनालिटी को डेवलप करता है ठीक है एवरी
(00:03:24)
इंडिविजुअल हैज अ स्ट्रांग डिजायर टू गेट
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द एक्सेप्टेबिलिटी इन द सोसाइटी अब देखो अ
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फॉर एपल माइंड मत करना अगर किसी के यहां
(00:03:32)
पर अगर है तो ठीक है आप देखेंगे क्लास के
(00:03:34)
अंदर जो बच्चे हैं कुछ बच्चे क्या होंगे
(00:03:36)
हाई स्टैंडर्ड होते हैं मोस्ट ऑफ सभी
(00:03:38)
क्लासेस के अंदर हाई स्टैंडर्ड दैट मींस
(00:03:41)
उनका जो फैमिली बैकग्राउंड है बहुत अच्छा
(00:03:44)
है जिसके कारण उनके ड्रेसिंग सेंस में
(00:03:47)
उनके हेयर स्टाइल के अंदर उनके शूज के
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अंदर उनकी वच के अंदर ये सभी चीजें नजर
(00:03:52)
आती है तो हम उनको देखते ये लगा लेते कि
(00:03:54)
यह तो भाई अच्छी पार्टी से बिलोंग करते है
(00:03:57)
करेगा नहीं करा और ऐसे व्यक्ति को ऐसे
(00:04:01)
व्यक्तियों से लोग माना जाता है कि जल्दी
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बोलना शुरू कर देते हैं है ना अच्छा एक
(00:04:06)
ऐसे स्टूडेंट्स है जो कि जिनका फैमिली
(00:04:08)
बैकग्राउंड इतना नहीं है डेली दो ही तीन
(00:04:10)
मतलब महीने के अंदर लगातार दो-तीन ड्रेस
(00:04:13)
ही यूज करता है वो तो आपको उससे पता चल
(00:04:15)
जाएगा कि हां इसका बैकग्राउंड कैसा है ठीक
(00:04:18)
है अब ओबवियस सी बात है ऐसे तरह के जस्ट
(00:04:21)
एग्जांपल है माइंड मत करना पहले ही बोली
(00:04:22)
थी अ बच्चे क्या करते हैं ऐसे बच्चों के
(00:04:25)
साथ बहुत कम रहते हैं कुछ एक मॉडरेट होते
(00:04:28)
हैं कि जिनकी ड्रेसिंग सेंस मॉडरेट होती
(00:04:30)
है सूज मॉडरेट होते हैं तीन चार पेयर इनके
(00:04:32)
पास इनके पास एक ही पेयर इनके पास मान
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लीजिए 102 पेयर है तो ऐसे ग्रुप्स के अंदर
(00:04:37)
क्या होते है जिनकी एक्सेप्टेबिलिटी
(00:04:38)
सोसाइटी के अंदर जल्दी हो जाती है तो
(00:04:41)
ओबवियस सी बात है मींस की सोसाइटी उनको
(00:04:43)
अपना लेती है उनको उनके साथ जल्दी बातचीत
(00:04:45)
करना शुरू कर देती है तो ऐसा क्या होगा कि
(00:04:48)
उनके कॉन्फिडेंस में एक पॉजिटिव पॉइंट
(00:04:50)
आएगा अगर एक्सेप्टेबिलिटी ना मिले ऑन द
(00:04:53)
कांट्रेरी ऑफ अ पर्सन हु डज नॉट गेट द
(00:04:55)
सोशल एक्सेप्टेबिलिटी तो वो क्या होगा
(00:04:57)
अपने आप में एक इनफीरियर फील करेगा वो
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अपने आप में एक नीचा पन महसूस करेगा तो
(00:05:02)
कहीं ना कहीं आपकी पर्सनालिटी वहां से भी
(00:05:04)
डेवलप हो जाती है अब यहां पे उसको बोलने
(00:05:06)
का मौका मिल रहा है सोशली एक्सेप्टेबल हो
(00:05:08)
रहा है तो उसका जो सेल्फ कॉन्फिडेंस है ना
(00:05:10)
वो इतना बूस्ट हो जाएगा कि लीडरशिप की
(00:05:12)
क्वालिटी होगी कॉन्फिडेंस की क्वालिटी
(00:05:14)
होगी मोटिवेट वो खुद ज्यादा रहेगा तो ये
(00:05:16)
सोशल एनवायरमेंट इंपैक्ट डालता है कल्चरल
(00:05:18)
एनवायरमेंट का मतलब क्या है जो आपके जो
(00:05:21)
आपके कल्चर से बिलोंग करता है कल्चर दैट
(00:05:23)
मींस आपका बिलीफ हो गया यहां पे लिखा हुआ
(00:05:25)
है रिलीजस हो गया बिलीफ हो गया ट्रेडिशनल
(00:05:28)
हो गया हैबिट्स हो ग मीस कि जो आप सोसाइटी
(00:05:30)
में मानते हो ठीक है है ना और आपको पता है
(00:05:33)
सभी इंसान क्या है एक सोसाइटी के पार्ट
(00:05:35)
हैं और हर एक सोसाइटी के अंदर अपना-अपना
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कल्चर होता है है ना और वो कल्चर क्या
(00:05:39)
करता है शेप देता है जैसे कि मैं कहूं
(00:05:42)
कि यहां पे क्या लिखा है पर्टिकुलर कल्चर
(00:05:45)
में में टीच द सम मोरल वैल्यू टू द पीपल व
(00:05:48)
वच इज अ अच्छा यहां पे आ सकता है एग्जांपल
(00:05:51)
इसका बेस्ट ये पता है क्या कह रहा है कि
(00:05:53)
कुछ एक कल्चर में कुछ बातें बोली गई है बट
(00:05:55)
दूसरे कल्चर में वो जस्ट उससे अपोजिट है
(00:05:57)
फॉर एग्जांपल ड्रेस का मैं एग्जांपल ले
(00:05:59)
रही हूं ठीक है है किसी कल्चर के अंदर
(00:06:01)
ब्लैक ड्रेस डालना बहुत शुभ माना जाता है
(00:06:04)
अच्छा माना जाता है बट वही जगह किसी दूसरी
(00:06:07)
जगह ब्लैक ड्रेस के ऊपर क्वेश्चन मार्क
(00:06:10)
होता है कि अगर ये ओकेज है तो आप ब्लैक
(00:06:12)
ड्रेस नहीं डालेंगे इस तरह से वाइट ड्रेस
(00:06:14)
हो गया वाइट ड्रेस किसी ओकेज में बेस्ट
(00:06:16)
माना जाता है तो बट कहीं पर शादियों में
(00:06:18)
डाली जाती है कहीं पे किसी के इंसान के
(00:06:19)
जाने पर डाली जाती है है ना तो यहां पे
(00:06:22)
कल्चर है मींस कि जो ये आपकी माइंड में
(00:06:24)
सेट हो गया जैसे कि हमारे यहां पे क्या
(00:06:25)
होता है कि वाइड रस डब डाली जाती है जब
(00:06:27)
कोई इंसान अपने शरीर को छोड़ देता है मींस
(00:06:29)
कि उसकी थ हो जाती है है ना तब शादी में
(00:06:32)
हम वाइट ड्रेस नहीं डालते ये हमारे ये
(00:06:34)
मेरे कल्चर में है इसी तरह से आई होप आपके
(00:06:36)
भी ऐसा डिफरेंट डिफरेंट कल्चर होगा जो कि
(00:06:38)
आपकी पर्सनालिटी को रिप्रेजेंट करते हैं
(00:06:39)
ठीक है ज्योग्राफिकल एनवायरमेंट का मतलब
(00:06:41)
क्या है कि एनवायरमेंट मींस कि
(00:06:44)
ज्योग्राफिकल होते है कि अ किस लोकेशन में
(00:06:47)
आप रह रहे हैं ठंड वाले एरिया में रह र
(00:06:49)
हैं गर्मी वाले एरिया में रह र हैं बसात
(00:06:51)
वाले मौसम में रह रहे हैं उस तरीके से
(00:06:54)
आपके अंदर एनर्जी आएगी आपका कलर नजर आएगा
(00:06:56)
अब अगर मैं कहूं कि जहां बहुत ज्यादा सूरज
(00:06:58)
होता है ठीक है आप देखेंगे कि साउथ में
(00:07:01)
साउथ में साउथ में सबसे ज्यादा मैं कहूंगी
(00:07:04)
कि उन सभी पीपल्स का जो कलर होता है वो
(00:07:08)
थोड़ा सा डार्क होता है ठीक है उनको ये भी
(00:07:10)
माना जाता है ये एक्सपेरिमेंट्स क्यों है
(00:07:12)
मैं नहीं कह रही एक्सपेरिमेंट्स कह रहे
(00:07:13)
कभी कहेंगे मैम आपको कैसे पता ये
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एक्सपेरिमेंट क कि जहां पर जो लोग है हॉट
(00:07:18)
क्लाइमेट में रहते हैं उनको देखा गया है
(00:07:20)
कि वो सबसे ज्यादा लेजी होते हैं दूसरा
(00:07:22)
उनका जो कलर टोन है वो क्या होता है ब्लैक
(00:07:24)
कंपलेक्स का होता है अगर मैं कहूं कि किसी
(00:07:27)
कोई इंसान ठंडे एरिया में
(00:07:30)
तो जो उनका जो टच है कलर का टच है वो कैसा
(00:07:33)
होगा फेयर होगा ठीक है वो एनर्जेटिक होंगे
(00:07:36)
एक्टिव होंगे ठीक है समझ पा रहे हैं अच्छा
(00:07:40)
फैमिली एनवायरमेंट के बारे में बात की
(00:07:41)
फैमिली तो अरे सबसे इंपोर्टेंट है क्योंकि
(00:07:44)
जो फैमिली के अंदर जो होता है
(00:07:47)
वो उससे ज्यादा कहीं और का इक्ट नहीं डलता
(00:07:50)
जितना फैमिली का लता जैसे मैं कह एक
(00:07:52)
फैमिली के
(00:07:54)
अंदर मम्मी है पापा है इनके चार बच्चे एक
(00:07:58)
फैमिली के अंदर मम्मी है पापा है इनका एक
(00:08:01)
ही बेटा है एक बेटी है अब यहां पर देखो
(00:08:05)
सबसे ज्यादा अटेंशन किस फैमिली में नजर आ
(00:08:07)
रही है इस फैमिली में नजर आएगी क्योंकि
(00:08:10)
देखो बच्चे फैमिली की इनकम यह भी उसी
(00:08:13)
ऑर्गेनाइजेशन में काम करते हैं इसकी भी
(00:08:15)
सैलरी 40000 है इसकी भी सैलरी 40000 है अब
(00:08:19)
ये देखो कि किसके ऊपर ज्यादा बच्चों के
(00:08:20)
ऊपर कौन ज्यादा फोकस कर पाएगा यह कर पाएगा
(00:08:22)
तो ओबवियस सी बात है तो इकोनॉमिक कंडीशन
(00:08:25)
के हिसाब से आपकी फैमिली की स्ट्रेंथ भी
(00:08:27)
देखी जाती है जिसके कारण यह देखा जाता है
(00:08:29)
अब जिसकी ज्यादा इच्छा पूरी होंगी तो
(00:08:31)
ओबवियस सी बात है उसका कॉन्फिडेंस भी अलग
(00:08:33)
होगा कि उसको देखो मैंने कहा कि हां स्कूल
(00:08:36)
में फंक्शंस होते हैं स्कूल में फंक्शंस
(00:08:37)
के लिए आपसे फीस कलेक्ट की जाती है हर
(00:08:40)
महीने 50 3300 आपका अब देखो जुलाई के अंदर
(00:08:43)
अगस्त के अंदर कितने फंक्शन है एक एक
(00:08:45)
महीने में 3 तीन चार चार महीने हैं
(00:08:46)
तीन-तीन चार चार फंक्शंस है अब 00300 क्या
(00:08:49)
है आपसे लेने लग ग चार फंक्शन आ गए तो 00
(00:08:52)
तो ऐसे ही चले जाएंगे यहां पे दो बच्चे
(00:08:53)
हैं तो 1200 12 24 हो गए अब यहां पे चार
(00:08:56)
बच्चे हैं तो कहीं ना कहीं पेरेंट्स क्या
(00:08:58)
कहेंगे बेटा इस फंक्शन में रहने दे और
(00:09:00)
नेक्स्ट में कर लि तो यहां पे ये उस
(00:09:02)
परफॉर्मेंस को जॉइन ही कर नहीं कर पाएंगे
(00:09:05)
तो उनका कॉन्फिडेंस क्या होगा लो होगा तो
(00:09:07)
फैमिली एनवायरमेंट भी फैमिली का स्ट्रक्चर
(00:09:09)
भी फैमिली का साइज भी इकोनॉमिक कंडीशन भी
(00:09:12)
ये सभी के सभी इंपैक्ट डालते हैं क्या
(00:09:14)
आपको इतना क्लियर है स्कूल एनवायरमेंट तो
(00:09:16)
पता ही लग गया होगा कि स्कूल में जितनी
(00:09:18)
ज्यादा एक्टिविटी होगी और लोग बच्चे उसमें
(00:09:20)
पार्टिसिपेट करेंगे उनका बिहेवियर वैसा ही
(00:09:22)
बन जाएगा साइकोलॉजिकल फैक्टर फैक्टर नंबर
(00:09:25)
थ्री अभी अब तक हमने कौन से कर लि
(00:09:27)
बायोलॉजिकल फैक्टर कर लिया एनवायरमेंटल
(00:09:28)
फैक्टर कर लिया तीसरा आ जाता है आपके पास
(00:09:30)
साइकोलॉजिकल फैक्टर साइकोलॉजिकल आपके
(00:09:33)
डायरेक्ट स्टडी ऑफ द ह्यूमन माइंड के बारे
(00:09:35)
में बात करते है कि ह्यूमन का जो इंसान का
(00:09:39)
जो दिमाग है वो कैसा सोचता है उसकी मेंटल
(00:09:42)
डेवलपमेंट कैसी है मेंटल कैपेबिलिटी कैसी
(00:09:44)
है मींस कि अगर मैं कहूं कि अभी आपको 17
(00:09:47)
का टेबल लर्न करना है और ऑन द स्पोट मुझे
(00:09:49)
सुनाना है ठीक है अभी आपको 19 का टेबल
(00:09:52)
लर्न करना है और 19 का टेबल मुझे सुनाना
(00:09:54)
है या फिर मैं कहूं कि जैसे कि अभी मेरे
(00:09:56)
को थोड़ी देर बाद इनकम टैक्स करवाना है
(00:09:58)
ठीक है इनकम टैक्स की क्लासेस लेनी है
(00:09:59)
मुझे सैलरी हैड करवाना है समझाने के
(00:10:01)
साथ-साथ मैं उनसे क्वेश्चंस पूछ रही हूं
(00:10:04)
तो कहने का मतलब उनकी मेंटल कॉग्निशंस
(00:10:06)
डेवलपमेंट देखना है कितना लेवल है कि वो
(00:10:08)
साथ-साथ लर्निंग कर पा रहे हैं कैपेबल है
(00:10:11)
नॉलेज को एक्वायर करने में प्रॉब्लम को
(00:10:13)
सॉल्व करने में मैंने काफी सारे क्वेश्चंस
(00:10:15)
प्रैक्टिस क्वेश्चंस भी रखे हुए हैं ठीक
(00:10:17)
है मैं अगर मैं कहूं कि इन क्वेश्चंस को
(00:10:19)
जल्दी से सॉर्ट आउट करो जल्दी से मुझे
(00:10:21)
आंसर दो तो वी को समझ में आएगा जिसकी
(00:10:23)
लर्निंग पावर थोड़ा सा जल्दी-जल्दी है तेज
(00:10:25)
है है ना वो मेरे समझाने के साथ-साथ समझ
(00:10:27)
रहे है दूसरा एटीट्यूड एटीट्यूड का मतलब
(00:10:30)
होता है किसी इंफॉर्मेशन को देखा आपने और
(00:10:33)
उसके प्रति आपकी विचारधारा कैसी है अगर
(00:10:35)
उसके रिगार्डिंग पॉजिटिव विचारधारा उसे
(00:10:37)
पॉजिटिव एटिट्यूड कहेंगे नेगेटिव
(00:10:38)
विचारधारा उसे नेगेटिव एटीट्यूड कहेंगे ये
(00:10:40)
हमने एटीट्यूड वाले चैप्टर के अंदर बहुत
(00:10:42)
अच्छे से डिस्कस किया
(00:10:43)
था मोटिवेशन होता है कि करने के जनून के
(00:10:48)
लिए आपको मोटिवेट किया जाता है एक ये दो
(00:10:50)
तरीके के होते हैं वैसे आगे आए ग चैप्टर
(00:10:51)
ये इंटरनल मोटिवेशन होता है और एक आपके
(00:10:54)
पास एक्सटर्नल मोटिवेशन होता है इंटरनल
(00:10:56)
मोटिवेशन को क्या कहेंगे जो आपके अंदर से
(00:10:58)
ही है मीस की किसी की जरूरत नहीं होती है
(00:11:00)
अगर ये कहते हैं ना कि अगर आपका वई क्लियर
(00:11:02)
है है ना तो आपका हाउ सिंपल हो जाता है
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मींस कि अगर आपको ये पता है कि मुझे क्यों
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करना है ये काम मुझे जॉब क्यों चाहिए तो
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आपको ये पता लग जाएगा कि रास्ता कैसे है
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वो आसान हो जाएगा है ना अगर आपका मेन
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ऑब्जेक्टिव क्लियर है तो रास्ता अपने यहां
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आसान हो जाएगा तो ये आता है इंटरनल में
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अगर आप क्या है बार-बार डी मोटिवेटेड हो
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रहे तो आपको क्या करना पड़ेगा
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youtube1 155 दिन काम करते हो फिर डाउन हो
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जाते हो फिर रील देते हो फिर डाउन आ जाते
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हो फिर रील देते हो ये प्रोसेस ऐसे चलती
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रहती है तो मोटिवेशन क्या होता है कि जो
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आपके डोपामिन हो गया सेरोन हो गया उनको
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मेंटेन करके रखता है ठीक है माइंड के अंदर
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होता है कि आप एनर्जेटिक रहे खुश रहे ठीक
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है सिचुएशनल फैक्टर तो आपको पता ही होगा
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क्योंकि आपने सिचुएशन लर्निंग भी पढ़ लिया
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कि सिचुएशन के हिसाब से आपकी पर्सनालिटी
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में चेंज आना मी सिचुएशन के हिसाब से आपने
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उसके अंदर सीखा देन आपने उसको इंप्लीमेंट
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किया आपके नेक्स्ट इवेंट में ठीक है यह थे
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आपकी बेटा डिटरमिनेट क्लियर है सबको
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क्लियर है अच्छा अब आ जाते हैं आपके बहुत
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बहुत बहुत जितना बहुत लिखूं उतना कम है
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जितना बहुत लिखूं उतना कम
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है इंपॉर्टेंट पॉइंट है
