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Fetal Development: Development of Embryo or fetus Step by step (YouTube Video Transcript)

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Title: Fetal Development: Development of Embryo or fetus Step by step
Duration: 00:20:03
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(00:00:00) Your YouTube transcript will appear here (00:00:02) अस्सलाम वालेकुम आज की इस वीडियो के अंदर (00:00:04) हम फीटल डेवलपमेंट के टॉपिक को डिटेल से (00:00:07) कवर करेंगे यानी कि जो थ्री ट्राइमर आ (00:00:09) जाते हैं फर्स्ट सेकंड एंड थर्ड ट्राइमेकर (00:00:11) उनमें देखेंगे कि फीट्स की डेवलपमेंट कैसे (00:00:13) हो रही होती है इसके अलावा तीन और स्टेजेस (00:00:16) भी आ जाती है जिसमें जर्मिनल एंब्रियो एंड (00:00:19) फीटल स्टेज आ जाती है उसे भी डिटेल से कवर (00:00:21) करेंगे इसके अलावा जो अ इंडिविजुअली (00:00:24) स्टेजेस होती है उन्हें हम डिटेल से कवर (00:00:26) कर चुके हैं जैसा कि क्लीवेज ब्लेस्ट एशन (00:00:28) गैस्ट्रूलेशन और जो थ्री जर्म लेयर्स बनती (00:00:31) है एक्टम एंडोडर्म मेसोडर्म फिर उनकी आगे (00:00:33) डेवलपमेंट कौन-कौन से ऑर्गन में हो रही (00:00:35) होती है ये सारी चीजें हम डिटेल से कवर कर (00:00:37) चुके हैं सो इस वीडियो के अंदर हम एक (00:00:39) किस्म का ओवरव्यू कर रहे होंगे टोटल जो (00:00:42) फिटस की डेवलपमेंट हो रही होगी उसका तो चल (00:00:45) स्टार्ट करते हैं फीटल डेवलपमेंट को सो (00:00:48) जैसे कि आपको पता है सबसे पहले क्या होता (00:00:51) है के फीमेल के ओवरी में एग रिलीज होता है (00:00:54) राइट सो ये आ गया फीमेल का ओवरी ठीक है (00:00:57) इसने एक एग रिलीज किया ये ठीक है एग रिलीज (00:01:01) हुआ यह क्या आ गया हमारे पास एग आ गया (00:01:06) राइट ओके ये एग जैसे ही रिलीज हुआ तो यह (00:01:11) फिलोपिया ट्यूब और फिर आगे फिरी लाइक (00:01:13) स्ट्रक्चर्स होती है ये क्या करती हैं ये (00:01:15) इस एग को कैप्चर कर लेती है जैसे ही ये एग (00:01:18) यहां पर कैप्चर हो जाता है तो यह एग अंदर (00:01:21) फिलोपिया ट्यूब में चला जाता है ठीक है (00:01:23) यहां पर एंट्री कर जाता है यहां से ओके (00:01:26) फिलोपिया ट्यूब में जब ये जाता है तो यह (00:01:29) सारा सिना हो रहा होता है तकरीबन 14th डे (00:01:33) आफ्टर में मेंस्ट्रुअल साइकल ठीक है यानी (00:01:36) जब से फीमेल के अंदर मेंस्ट्रुअल साइकल (00:01:39) स्टार्ट होता है उसके 14 दिन बाद एग रिलीज (00:01:43) होता है ठीक (00:01:45) है मैं लिख देता (00:01:47) हूं (00:01:50) आफ्टर फर्स्ट (00:01:53) डे (00:01:56) ऑफ (00:01:57) लास्ट मेंस्ट्रुअल साइकल ठीक (00:02:05) है मेंस्ट्रुअल (00:02:08) साइकिल यानी (00:02:10) फीमेल को मेंस्ट्रुअल साइकिल जैसे ही (00:02:13) स्टार्ट होता है तो वह पहला जो दिन होता (00:02:16) है वहां से लेकर 14 दिन बाद यहां ओवरी में (00:02:20) एग की प्रिपरेशन होती है और 14वें दिन एग (00:02:23) रिलीज हो जाता है एग रिलीज होने के बाद (00:02:25) फेलोपियन ट्यूब में चला जाता है और इस (00:02:27) दौरान अगर कैपुले का प्रोसेस होता है तो (00:02:30) के स्पर्म्स क्या करते हैं वो एंटर कर (00:02:33) जाते हैं इनसाइड द यूटरस ठीक है सो (00:02:37) स्पर्म्स इस तरीके से ट्रेवल कर देते हैं (00:02:40) यूटरस के अंदर ठीक है सो बहुत सारे स्पर्म (00:02:43) ऐसे जाएंगे और क्या करेंगे एग के साथ एक (00:02:48) स्पम (00:02:50) जाकर मैच कर लेगा और यहां पर ये स्पम एंटर (00:02:55) कर जाएगा एग के अंदर स्पर्म का न्यूक्लियस (00:02:57) डेफिनेटली और फर्टिलाइजेशन का प्रोसेस हो (00:02:59) जाएगा ठीक है क्या हो जाएगा फर्टिलाइजेशन (00:03:03) का (00:03:05) प्रोसेस (00:03:08) फर्टिलाइजेशन क्लियर हो गया ओके जैसे ही (00:03:11) फर्टिलाइजेशन होगी उसके बाद यह वाला जो (00:03:14) सेल है यह अंदर इसके अंदर जो सेल्स की (00:03:17) नंबरिंग है वो इंक्रीज होती जाएगी ठीक है (00:03:20) सबसे पहले तो फर्टिलाइजेशन के बाद क्या (00:03:21) होता है जाइगर बन जाता है उसके बाद (00:03:23) क्लीवेज लगेगा एक सेल दो में डिवाइड हो (00:03:25) जाएगा टू सेल्स टैच आ जाएगी फिर क्लीवेज (00:03:27) लगेगा दो सेल चार में डिवाइड हो जाएंगे (00:03:29) फोर सेल स्टेज आ जाएगी फिर उसके बाद (00:03:31) क्लीवेज लगेगा चार से आठ सेल्स बन जाएंगे (00:03:34) फिर उसके बाद क्लीवेज लगेगा आठ से 16 (00:03:36) सेल्स बन जाएंगे 16 सेल्स स्टेज आ जाएगी (00:03:39) और इस स्टेज को मोरला भी कहा जाता है ठीक (00:03:41) है फिर इस स्टेज से सेल्स अपनी अरेंजमेंट (00:03:44) चेंज करेंगे कुछ सेल्स बाहर की तरफ चले (00:03:46) जाएंगे कुछ सेल अंदर एक साइड पर चले (00:03:48) जाएंगे और एक कैविटीज भी बन जाएगी सो ये (00:03:50) जो स्ट्रक्चर बनेगी इसे ब्लास्टो सिस्ट (00:03:52) कहा जाता है और इस स्ट्रक्चर के बनने के (00:03:54) प्रोसेस को ब्ले लेशन कहा जाता है ये सारी (00:03:57) चीजें डिटेल से हमने कवर की हुई है मैं (00:03:59) सरसरी सा आपको पढ ब रहा हू ओके ब्लास्टो (00:04:01) सिस्ट जैसे ही बन जाता है (00:04:04) तो ये ब्लास्टो सिस्ट के बनने तक तकरीबन (00:04:07) मैं आपको बता दूं तकरीबन एक वीक के अंदर (00:04:11) यानी एक वीक के अंदर-अंदर यह सारे (00:04:13) प्रोसेसेस हो रहे होते हैं ब्लास्टो सेस (00:04:15) तक जाने वाले फर्टिलाइजेशन के बाद जागोट (00:04:18) फिर टू सेल स्टेज फोर सेल स्टेज एट सेल (00:04:21) स्टेज 16 सेल स्टेज ब्लास्टो सिस्ट बनने (00:04:23) तक (00:04:25) अ ये जो प्रोसेस होते हैं ये एक वीक के (00:04:28) अंदर-अंदर हो रहे होते हैं ठीक है और इसी (00:04:31) दौरान क्या हो रहा होता है कि ये जो एग (00:04:32) होता है ठीक है यहां से स्पर्म मैं रिमूव (00:04:35) कर देता हूं ठीक है ये एग जो होता है ये (00:04:38) इस तरीके से अंदर यूटरस की तरफ मूव कर रहा (00:04:41) होता है ठीक है और ब्लास्टो सिस्ट बनने तक (00:04:43) ये सेल यूटरस में किसी साइड पर यूटरस की (00:04:47) लाइनिंग में अपने आप को इंप्लांट कर देता (00:04:49) है ठीक है इस तरीके से एंडोमेट्रियम की (00:04:54) लाइनिंग के अंदर एंटर कर जाता है ठीक है (00:04:57) तो ये हमारे पास यूटरस आ गई फीमेल की ठीक (00:05:00) है ये कंप्लीट स्ट्रक्चर यूटरस ये (00:05:02) फ्लोकिंग ट्यूब और ये अंदर की जो रेड वाली (00:05:04) लाइनिंग आपको नजर आ रही है इसे (00:05:06) एंडोमेट्रियम कहा जाता है इसके अंदर एग (00:05:08) जाकर इंबेड हो जाता है इंप्लांट हो जाता (00:05:11) है क्लियर हो गया अभी तक मैंने आपको बताया (00:05:14) कि हमने स्टडी किया मेंस्ट्रुअल साइकिल के (00:05:17) 14 दिन बाद ओव्यूलेशन का प्रोसेस होता है (00:05:21) फीमेल एग रिलीज करती है तो अगर स्पर्म की (00:05:24) मौजूदगी वहां पर होती है तो फर्टिलाइजेशन (00:05:27) का प्रोसेस हो जाता है फर्टिलाइजेशन जैसे (00:05:29) ही होती है तो वो वाला सेल फर्टिलाइज्ड एग (00:05:32) जो होता है जिसे अब जागोट कहा जाता है (00:05:35) उसके अंदर क्लीवेजेस लगते हैं उसकी (00:05:36) नंबरिंग सेल नंबरिंग ऑफ सेल्स इंक्रीज हो (00:05:39) जाती है सो क्लीवेज के प्रोसेस के बाद (00:05:40) मोरला बनता है उसके बाद ब्लास्टो सिस्ट (00:05:42) बनता है ब्लास्टो सिस्ट में क्या होता है (00:05:44) कुछ सेल्स बाहर को रेंज होते हैं कुछ अंदर (00:05:46) को अरेंज होते हैं ये जो बाहर वाले सेल्स (00:05:47) होते हैं इन्हे ट्रोफोब्लास्ट कहा जाता है (00:05:49) ये वाले सेल्स प्लेसेंटा की डेवलपमेंट में (00:05:51) अपना रोल प्ले करते हैं ये हम डिटेल से (00:05:53) स्टडी कर चुके हैं और अंदर वाले सेल्स को (00:05:55) एंब्रियो ब्लास्ट कहा जाता है जो कि फिटस (00:05:57) यानी एंब्रियो बना रहे होते हैं क्लियर हो (00:05:59) गया ओके मैंने आपको बताया ब्लास्टो सिस्ट (00:06:02) की फॉर्मेशन तक इंप्लांटेशन भी हो जाती है (00:06:06) और जो एंब्रियो है वो अंदर यूटरस में भी (00:06:09) एंटर हो जाता है ठीक है सो इस स्टेज को (00:06:13) कहा जाता है जर्मिनल स्टेज क्या कहा जाता (00:06:16) है यह फर्स्ट स्टेज है जिसे जर्मिनल स्टेज (00:06:18) कहा जाता है जो स्टार्ट होती है टू टू (00:06:20) थ्री वीक ऑफ प्रेगनेंसी तो अब आपको मैं (00:06:23) समझाता हूं प्रेगनेंसी याद रखिए कहा जाता (00:06:26) है स्टार्टस फ्रॉम फर्स्ट डे ऑफ लास्ट में (00:06:30) साइकिल यानी मैंने आपको बताया (00:06:32) फर्टिलाइजेशन या ओवुलेशन जब फीमेल के अंदर (00:06:35) होती है ऑलरेडी दो वीक्स गुजर चुके होते (00:06:37) हैं तो जैसे ही दो वीक गुजरते हैं अगर (00:06:39) स्पर्म मौजूद होता है तो एक हफ्ते के (00:06:42) अंदर-अंदर ये सारा मैकेनिज्म होता है सो (00:06:44) दो से तीन हफ्ते के दरमियान का जो स्टेज (00:06:46) चलती है जिसमें जागोट से क्लीवेज लग के (00:06:49) बला ब्लास्टो सिस्ट की फॉर्मेशन होती है (00:06:51) और इंप्लांटेशन हो रही होती है ये एक (00:06:54) हफ्ते का जो टेनर होता है ये टाइम पीरियड (00:06:56) होता है इसे जर्मिनल स्टेज कहा जाता है (00:06:58) जिसके अंदर जो (00:07:00) हम कह सकते हैं के सेल होता है वह क्लीवेज (00:07:03) कर रहा होता है और अपनी आप की इंप्लांटेशन (00:07:05) करता है तो जर्मिनल स्टेज को हम बोलेंगे (00:07:07) कंसेप्ट से इंप्लांटेशन तक का जो स्टेज (00:07:10) होता है जो प्रोसेस होता है उसे जर्मिनल (00:07:12) स्टेज कहा जाता है यानी यहां पर (00:07:14) फर्टिलाइजेशन हुई कंसेप्ट हुई ठीक है उसके (00:07:17) बाद यहां अंदर यूटरस में इंप्लांटेशन तक (00:07:19) के सफर को जर्मिनल स्टेज कहा जाता है और (00:07:22) इस सफर के अंदर मैंने आपको बता दिया जागोट (00:07:24) के बाद क्लीवेजेस लगते हैं और ब्लास्टो (00:07:26) सिस्ट की फॉर्मेशन होती है ठीक है अब (00:07:28) सेकंड स्टेज चल है जिसे एंब्रियो स्टेज (00:07:31) कहा जाता है यानी जब इंप्लांटेशन हो चुकी (00:07:34) है अब एंब्रियो स्टेज चलेगी ठीक है अब (00:07:37) इंप्लांटेशन के बाद की स्टेज को एंब्रियो (00:07:39) स्टेज कहा जाएगा सो एंब्रियो स्टेज में (00:07:42) क्या होगा सबसे पहले टाइम पीरियड इसका देख (00:07:44) लेते हैं क्योंकि थर्ड वीक में जाकर (00:07:47) जर्मिनल स्टेज खत्म हुई तो थर्ड से एट वीक (00:07:50) वीक तक का जो मैकेनिज्म या टाइम पीरियड (00:07:53) होगा उसमें जो ये वाला सेल होगा ये (00:07:56) स्ट्रक्चर जो होगी इसे एंब्रियो कहा जाएगा (00:07:58) सो इस स्टेज एंब्रियो स्टेज कहा जाएगा (00:08:01) जिसमें इंप्लांटेशन टू ह्यूमन फीचर (00:08:04) इंप्लांटेशन से लेकर ह्यूमन फीचर डिवेलप (00:08:07) हो रहे होंगे उस एंब्रियो के अंदर ठीक है (00:08:10) सो एंब्रियो कहां पर जा जाकर खत्म होगा (00:08:13) एंब्रियो निक स्टेज जब ह्यूमन लाइक फीचर्स (00:08:16) कंप्लीट नजर आने लग जाएंगे तो एंब्रियो (00:08:18) स्टेज खत्म हो जाएगी और फीटल स्टेज (00:08:20) स्टार्ट स्टार्ट हो जाएगी सो फीटल स्टेज (00:08:22) क्या होती है जब ह्यूमन लाइक फीचर्स वाज (00:08:25) तौर पर नजर आने लग जाए बेबी के तो चलिए (00:08:28) देखते हैं ब्रियो स्टेज में क्या हो रहा (00:08:30) सो मैंने आपको बताया जब इंप्लांटेशन हो (00:08:32) जाती है ब्लास्टो सिस तक गया होता है सो (00:08:34) अंदर के ये जो एमियो ब्लास्ट सेल्स होते (00:08:36) हैं अब इनको देखेंगे ये दो जम लेयर्स में (00:08:38) डिवाइड हो जाते हैं एक हाइपोब्लास्ट नीचे (00:08:41) वाली अ ऊपर वाली एपी ब्लास्ट नीचे वाली (00:08:44) हाइपोब्लास्ट दो लेयर्स फिर इससे तीन (00:08:46) लेयर्स बन जाती हैं जिसमें ऊपर वाली लेयर (00:08:48) को एक्टम सबसे नीचे वाली को एंडोडर्म और (00:08:51) दरमियान वाली लेयर को मजम कहा जाता है तो (00:08:54) ट्राई लेमिनार डिस्क या थ्री जर्म लेयर्स (00:08:56) हम इन्हें बोलते हैं और इस इन लेयर्स के (00:08:58) बनने के प्रोसेस को गैस्ट कहा जाता है ये (00:09:00) सारी चीजें डिटेल से हमने कवर की हुई है (00:09:02) अब ये जो तीन लेयर्स हैं इनसे कंप्लीट (00:09:05) बेबी की डेवलपमेंट होती है फिटस की (00:09:07) डेवलपमेंट होती है यानी के एक्टम मिर्म और (00:09:10) एंडोडर्म जो तीन लेयर्स बनते हैं इनसे (00:09:12) कंप्लीट वेवी बनता है जिसमें एक्टम बहुत (00:09:15) सारी स्ट्रक्चर्स की डेवलपमेंट में (00:09:16) हेल्पफुल होता है जैसे कि आपकी जो स्किन (00:09:19) होती है आपका जो सेंट्रल नर्वस सिस्टम है (00:09:22) पेरिफेरल नर्वस सिस्टम है ब्रेन स्पाइनल (00:09:24) कॉर्ड और इसके अलावा किडनी का कुछ पार्ट (00:09:26) हो गया बहुत सारी स्ट्रक्चर आपके नेल्स हो (00:09:28) गए हेयर्स हो गए ये सारी स्ट्रक्चर एक्टम (00:09:31) से बन रही होती हैं इसके अलावा आपकी जो (00:09:33) बोनस होती हैं मसल्स होते हैं और बहुत (00:09:35) सारे ऑर्गन होते हैं वो कहां से आ रहे (00:09:37) होते हैं मजम से बन रहे होते हैं और (00:09:39) एंडोडर्म आपके इंटरनल ऑर्गन यानी कि जीआई (00:09:42) ट्रैक जिसमें आपका सोफैक आ जाता है स्मल (00:09:45) इंटेस्टाइन लार्ज इंटेस्टाइन ये सारी (00:09:46) स्ट्रक्चर इसके अलावा लिवर आ गया (00:09:48) पैंक्रियास आ गया आपके लंग्स आ गए ये सारी (00:09:51) स्ट्रक्चर्स आपके एंडोडर्म लेयर से (00:09:53) ओरिजनेट हो रही होती है सो ये तीन लेयर्स (00:09:56) क्या होती हैं आप पूरे बेबी की डेवलपमेंट (00:09:58) में अपना रोल प्ले करती है इन पर डिटेल (00:10:00) वीडियो ऑलरेडी अवेलेबल है ओके सो थ्री जम (00:10:06) लेयस जैसे ही बनती है यहां पर तो बेबी की (00:10:09) ग्रोथ स्टार्ट होती जाती है ठीक है बेबी (00:10:11) अपनी ग्रोथ इंक्रीज करता जाता है और आठ (00:10:14) वीक के अंदर-अंदर क्या होता है बहुत सारे (00:10:17) मेजर ऑर्गन्स बन जाते हैं बल्कि हम कह (00:10:19) सकते हैं तकरीबन सारे ही मेजर ऑर्गन्स की (00:10:21) डेवलपमेंट स्टार्ट हो जाती है ठीक है फिर (00:10:23) वो डेवलपमेंट मैच्योर स्टेज में डेफिनेटली (00:10:25) आगे जाकर होती रहती है लेकिन स्टार्ट आपको (00:10:27) देखने को मिलता है यानी उस बेबी की आंखें (00:10:29) भी होंगी कान भी (00:10:31) होंगे हार्ट की डेवलपमेंट भी हार्ट बीटिंग (00:10:34) भी स्टार्ट हो जाएगी ठीक है फिफ्थ वीक (00:10:36) सिक्स्थ वीक के करीब जाकर हार्ट भी बीट (00:10:38) करना शुरू शुरू कर देता है इसके अलावा जो (00:10:41) ब्रेन स्पाइनल कॉर्ड है उसकी डेवलपमेंट भी (00:10:44) स्टार्ट हो जाती है और एक ह्यूमन लाइक (00:10:46) फीचर भी यानी कि बाजू और टांगे और ये सारी (00:10:49) चीजें भी बनना स्टार्ट हो जाती हैं सो एट (00:10:51) वीक जैसे ही कंप्लीट हो जाता है तो हमें (00:10:54) वो छोटी सी स्ट्रक्चर जिसे एंब्रियो हमने (00:10:57) कहा था वो अब ह्यूमन लाइक लगना शुरू कर (00:11:00) देता है इसलिए अब इसे एंब्रियो स्टेज से (00:11:03) निकालकर फीटल स्टेज में डाल दिया जाता है (00:11:05) यानी ह्यूमन लाइक करैक्टर हमें बेबी लाइक (00:11:08) करैक्टर देखने को मिलता है सो नाइन वीक से (00:11:10) लेकर टिल बर्थ जो बेबी की डेवलपमेंट होती (00:11:13) है उसे हम फीटल स्टेज ही बोलते हैं तो ये (00:11:15) आ गई स्ट्रक्चरल स्टेजेस यानी कि (00:11:18) स्ट्रक्चर के लिहाज से कौन क्या क्या (00:11:20) चीजें हो रही होती हैं इसके अलावा जो फीटल (00:11:23) डेवलपमेंट है उन्हें ट्रामेट्स में भी (00:11:25) डिवाइड किया जाता है जिसमें फर्स्ट सेकंड (00:11:27) एंड थर्ड ट्राइमेकर आ जाता है जिसमें (00:11:29) फर्स्ट ट्राइमेकर अप टू 12 वीक होता है (00:11:31) यानी कि ऑलरेडी फर्स्ट ट्राइमेकर में ही (00:11:34) आपको फीटल स्टेज भी देखने को मिलेगी उसके (00:11:37) अलावा सेकंड ट्राइमर आ जाता है जो 13 से (00:11:40) 26 वीक त चलता है एंड थर्ड ट्राइमर 27 से (00:11:47) अंट्स चलता है ये स्टेज चलती है जिसमें 37 (00:11:51) से 40 वीक तक का टाइम लग जाता है सो नाइंथ (00:11:55) मंथ का ये टाइम ड्यूरेशन होता है जिसमें (00:11:57) पहले तीन मंथ को फर्स्ट ट्राइमर कहा जाता (00:12:00) है उसके बाद जो तीन मंथ होते हैं उन्हें (00:12:02) सेकंड ट्राइमेकर यानी छ मंथ तक का पीरियड (00:12:05) फिर नाइन मंथ तक का जो पीरियड होता है छ (00:12:07) से नाइन मंथ तक का उसे थर्ड ट्राइमर कहा (00:12:09) जाता है सो वीक वा वीक भी मैंने लिखा हुआ (00:12:11) है तो और मंथ वाइज भी मैंने आपको बता दिया (00:12:15) सो चले फर्स्ट ट्राइमर को देखते हैं और (00:12:17) देखते हैं इसके अंदर कौन-कौन सी डेवलपमेंट (00:12:19) होती है वीक वाइज फर्स्ट ट्रा ट्राइमर को (00:12:22) देख लेते हैं बाकी के ट्राइमर को हम वीक (00:12:24) वाइज नहीं देखेंगे जस्ट जनरली देखेंगे कि (00:12:26) कौन-कौन सी डेवलपमेंट हो रही होती है (00:12:27) फर्स्ट ट्राइमर में पहले वीक से चौथे वीक (00:12:30) तक आपको पता ही होगा क्याक होता है फीमेल (00:12:33) में ओवुलेशन होती है फिर फर्टिलाइजेशन (00:12:35) होती है ठीक है फर्टिलाइजेशन के बाद (00:12:36) ब्लास्टो सिस्ट की फॉर्मेशन होती है राइट (00:12:38) फिर इंप्लांटेशन का मैकेनिज्म होता है सो (00:12:40) इंप्लांटेशन तक जो जर्मिनल टज चल रही होती (00:12:42) है राइट उसके बाद क्या होता है (00:12:43) गैस्ट्रूलेशन का मैकेनिज्म चलता है (00:12:45) गैस्ट्रूलेशन के बाद क्या होता है (00:12:46) डेफिनेटली बेबी के अंदर ब्रेन और स्पाइनल (00:12:49) कॉर्ड की सिंथेसिस हो रही होती है यानी कि (00:12:51) न्यूरल ट्यूब बनती है उससे ब्रेन एंड (00:12:53) स्पाइनल कॉर्ड बनना स्टार्ट हो जाता है और (00:12:55) हार्ट बिगिंस टू फॉर्म दिल बनना स्टार्ट (00:12:58) हो जाता है और जो फीमेल है उसके जो (00:13:02) पीरियड्स होते हैं यानी मेंस्ट्रुअल साइकल (00:13:03) होता है वो स्टॉप हो जाता है डेफिनेटली (00:13:05) क्योंकि 28 दिनों के बाद यूजुअली स्टार्ट (00:13:08) होना होता है बट फोर वीक जैसे ही हो जाते (00:13:11) हैं वो पीरियड मिस हो जाता है सो यह पहला (00:13:13) इंडिकेटर होता है प्रेगनेंसी का क्लियर हो (00:13:16) गया ओके यह तो आ गए एक वीक से चार वीक तक (00:13:20) के मैकेनिज्म प्रोसेसेस जो फिटस के साथ या (00:13:24) मदर के पेट के अंदर चल रहे होते हैं फिर (00:13:26) पांच से आठ वीक के अंदर क्या होता है जो (00:13:29) तो हार्ट बन रहा होता है उसके अंदर अब (00:13:31) बीटिंग भी स्टार्ट हो जाती है यानी हार्ट (00:13:33) अपना काम स्टार्ट कर देता है उसके बाद (00:13:35) आर्म्स लेग्स आइज स्टार्टस टू ग्रो यानी (00:13:38) कि छोटी-छोटी बर्ड्स ही निकलना शुरू हो (00:13:40) जाती है आर्म्स की लेग्स की ठीक है आइज (00:13:42) बनना स्टार्ट हो जाती हैं और एंड ऑफ एट (00:13:45) वीक तकरीबन सारे के सारे मेजर ऑर्गन्स (00:13:48) स्टार्ट हो जाते हैं बनना तो एट वीक के (00:13:51) बाद क्या होता है आपको पता ही है एंब्रियो (00:13:53) स्टेज खत्म हो जाती है यानी कि सारे मेजर (00:13:55) ऑर्गन बनना स्टार्ट हो चुके हैं और ह्यूमन (00:13:58) लाइक अपीयरेंस आना स्टार्ट हो चुकी है सो (00:14:00) फिर क्या होता है फीटल स्टेज स्टार्ट हो (00:14:02) जाती है सो एंड ऑफ इसके अलावा फाइव टू एट (00:14:05) वीक में एंड ऑफ एंब्रियो स्टेज का (00:14:07) मैकेनिज्म आपको देखने को मिलता है फिर वीक (00:14:09) एट से 12 वीक तक के मैकेनिज्म में क्या (00:14:11) होता है एंब्रियो को अब हम फिटस कह रहे (00:14:13) होते हैं जो हाथ होते हैं पांव होते हैं (00:14:16) वो आप थोड़े बहुत मूवमेंट करना शुरू करते (00:14:18) हैं अब क्योंकि ये फिटस बहुत छोटा होता है (00:14:21) इसलिए वो मूवमेंट मदर को फील नहीं होती (00:14:23) ठीक है लेकिन मूवमेंट स्टार्ट हो जाती है (00:14:25) फिंगर्स टोज नेस नेल्स वगैरह टोज फिंगर्स (00:14:28) ये ल होना शुरू हो जाती है यानी शुरू में (00:14:30) क्या होता है फिंगर वेब लाइक होती हैं फिर (00:14:32) उसके बाद फिंगर सेपरेट होना शुरू हो जाती (00:14:34) हैं और फिटस लुक लाइक टाइनी ह्यूमन फिटस (00:14:38) एक टाइनी ह्यूमन की तरह दिखाई देना शुरू (00:14:40) कर देता है और अगर हम साइज की बात करें तो (00:14:43) इस स्टेज में यानी तीन मंथ के बाद बेबी का (00:14:45) जो साइज होता है बहुत छोटा होता है दो से (00:14:47) 3 इंच का साइज होता है यानी इतना सा साइज (00:14:50) होता है क्लियर हो गया अब हम सेकंड (00:14:52) ट्राइमर में चलते हैं सेकंड ट्राइमर के (00:14:54) अंदर अगर हम देखें तो ये टाइम ड्यूरेशन (00:14:56) क्या है 13 से 26 वीक का टाइम ड्यूरेशन है (00:14:59) और इसमें जो बेबी की ग्रोथ है वो बहुत (00:15:01) फास्ट होना शुरू हो जाती है तो इसका मतलब (00:15:03) यह है कि मदर को ज्यादा न्यूट्रिशन की भी (00:15:05) जरूरत पड़ती है और इस स्टेज के अंदर जो (00:15:08) मदर है उसे नाजिया और जी मतलाना वाली सारी (00:15:11) फीलिंग खत्म हो जाती है और बहुत ज्यादा (00:15:13) उसे भूख लग रही होती है और इसे हम गोल्डन (00:15:15) पीरियड फॉर प्रेगनेंट वुमेन कह सकते हैं (00:15:18) यानी बहुत ज्यादा खाना पीना ये सारी चीजें (00:15:20) और कोई फाल्स इंडिकेटर नहीं आ रहा होता सो (00:15:24) बच्चे की जो बोनस है वो हार्ड होना शुरू (00:15:26) हो जाती हैं आपको पता है बोन की डेवलपमेंट (00:15:28) में क्या होता है कार्टिलेज बनता है फिर (00:15:30) वो आहिस्ता आहिस्ता रिप्लेस होता जाता है (00:15:32) बोन में तो कार्टिलेज रिप्लेस होना शुरू (00:15:34) हो जाता है हार्ड होना शुरू हो जाती है (00:15:37) इतनी हार्ड नहीं होती बट थोड़ी बहुत हार्ड (00:15:39) होना शुरू हो जाती है और बाल ग्रो करना (00:15:41) शुरू कर देते हैं ठीक है और बेबी को वार्म (00:15:44) करना शुरू कर देते हैं वो बाल जो ग्रो (00:15:46) करते हैं और जो मूवमेंट होती है वो अब फील (00:15:49) होती है मां को यानी बेबी अब जो मूवमेंट (00:15:52) करता है वो फील कर सकती है मां ठीक है (00:15:54) बेबी कैन हेयर साउंड बेबी के जो इयर्स है (00:15:58) वो फंक्शनल हो चुके हैं (00:15:59) साउंड सुन सकते हैं टेस्ट बर्ड उसके (00:16:02) डिवेलप हो रहे होते हैं रिप्रोडक्टिव (00:16:03) ऑर्गन डेवलप हो रहे होते हैं इसी स्टेज (00:16:06) में यानी फर्स्ट ट्रेस्टर में ही (00:16:07) रिप्रोडक्टिव ऑर्गेनिक डेवलपमेंट स्टार्ट (00:16:09) हो जाती है लेकिन काफी ज्यादा मैचुरेशन जो (00:16:12) है वो सेकंड ट्राइमर के अंदर देखने को (00:16:14) मिलती है और यही वजह है कि जो फिथ टू (00:16:18) सिक्सथ मंथ के दरमियान जो स्कैन किया जाता (00:16:21) है उसके अंदर बेबी की जेंडर भी (00:16:23) आइडेंटिफिकेशन (00:16:29) रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स की डेवलपमेंट (00:16:31) स्टार्ट हो चुकी होती है या हो चुकी होती (00:16:33) है ठीक है फिर इसके अलावा जो लंग्स हैं (00:16:35) उनकी फॉर्मेशन स्टार्ट हो जाती है ये आपने (00:16:37) याद रखना है फर्स्ट ट्राइमर में लंग्स की (00:16:40) डेवलपमेंट नहीं होती वो सेकंड ट्राइमर के (00:16:42) अंदर जाकर स्टार्ट होती है और अगर हम साइज (00:16:44) की बात करें बेबी का तो मैंने आपको बताया (00:16:47) बहुत फास्ट ग्रोथ होती है सो तीन मंथ के (00:16:49) अंदर बेबी का साइज 12 इंचे यानी 1 फीट (00:16:52) लॉन्ग हो जाता है और वेट तकरीबन 2 पाउंड (00:16:55) यानी कि 1 केजी जितना वजन हो जाता है फिर (00:16:58) थर्ड ट्राइमर आ जाता है जो कि 27 वीक्स से (00:17:00) अंट्स तक चलता है इसमें क्या होता है (00:17:03) बच्चे की आइज जो है वो ओपन होना शुरू हो (00:17:04) जाती हैं ठीक है अभी तक बंद थी बंद चुकी (00:17:07) थी लेकिन बंद थी तो अब आइज वो खोल भी सकता (00:17:10) है फिटस का जो स्लीप और वैक साइकिल है वो (00:17:13) स्टार्ट हो जाता है यानी वो सोता भी है (00:17:14) जागता भी है मूवमेंट बहुत ज्यादा कर रहा (00:17:17) होता है वैसे तो क्योंकि यूटरस की स्पेस (00:17:20) बंद हो जाती है क्लोज हो जाती है क्योंकि (00:17:22) बेबी का साइज बड़ा हो जाता है तो मूवमेंट (00:17:24) उस हिसाब से फ्लूएंट नहीं होती लेकिन जब (00:17:26) होती है तो वो स्ट्रांग मदर को फी होती है (00:17:29) लंग्स जो है वो मैच्योर हो रहे होते हैं (00:17:31) क्योंकि जब बेबी ने पैदा होना है तो पहला (00:17:33) सास उसने डेफिनेटली बॉडी से बाहर ही लेना (00:17:36) है तो लंग्स की मैचुरेशन का प्रोसेस चल (00:17:38) रहा होता है और स्किन जो है वो थिक हो रही (00:17:40) होती है अभी तक जो स्किन थी बेबी की वो (00:17:42) पतली थी उसके नीचे फिर क्या होता है लास्ट (00:17:44) ट्राइमर के अंदर आकर फेटी डिपॉजिट्स जमा (00:17:47) होना शुरू हो जाते हैं सो थिक होना शुरू (00:17:49) हो जाती है स्किन और बोनस की डेवलपमेंट (00:17:52) मजीद बढ़ती जाती है लेकिन फिर भी बोनस (00:17:54) होती साफ्ट है ताकि डिलीवरी के दौरान (00:17:57) आसानी हो और बेबी तकरीबन 28 ग्राम पर डे (00:18:02) के हिसाब से वेट गेन कर रहा होता है यानी (00:18:04) बहुत ज्यादा वजन बढ़ रहा होता है और हेड (00:18:06) जो होता है बेबी का अगर किसी और डायरेक्शन (00:18:08) में था वो टिल्ट कर जाता है और नीचे (00:18:10) सर्विस की तरफ मूव कर जाता है ताकि (00:18:13) डिलीवरी नॉर्मल डिलीवरी के दौरान आसानी हो (00:18:15) ठीक है सो हेड की डिसेंडिंग पोजीशन हो (00:18:19) जाती है और तकरीबन वेट हो जाता है एट द (00:18:21) एंड ऑफ थर्ड ट्राइमर बेबी का सक्स टू सेन (00:18:24) पाउंड ये जनरल है डेफिनेटली ज्यादा कम हो (00:18:27) सकता है और साइज तकरीबन 18 टू 20 इंचे (00:18:30) बेबी का साइज हो जाता है और ये टाइम होता (00:18:32) है बेबी की डिलीवरी का ठीक है होप फुली (00:18:35) आपको लेक्चर समझ में आया होगा एक क्विकली (00:18:37) रिव्यू कर लेते हैं आज हमने क्या स्टडी (00:18:39) किया मैंने आपको बताया फीटल डेवलपमेंट को (00:18:40) स्टडी किया जिसमें हमने तीन स्ट्रक्चरल (00:18:43) स्टेजेस को स्टडी किया जिसमें जर्मिनल (00:18:44) स्टेज थी जो कि फर्टिलाइजेशन से (00:18:46) इंप्लांटेशन तक की स्टेज थी जिसमें हमने (00:18:48) देखा जागोट फिर क्लीवेज लगा फिर ब्लास्टो (00:18:51) सिस्ट की फॉर्मेशन ये सारे प्रोसेसेस हुए (00:18:53) और ये जो सेल था ये इंप्लांट हो गया सो इस (00:18:57) स्टेज को जर्मिनल स्टेज कहा जाता है इसके (00:18:59) बाद एंब्रियो निक स्टेज स्टार्ट होती है (00:19:01) जिसके अंदर जम लेयर्स बनती हैं फिर उनसे (00:19:03) ऑर्गन्स की डेवलपमेंट होती है वो तकरीबन (00:19:05) ह्यूमन लाइक फीचर अपीयर होने लगता है तो (00:19:06) एंब्रियो स्टेज खत्म हो जाती है एट वीक के (00:19:08) बाद एट वीक के बाद जो स्टेज स्टार्ट होती (00:19:11) है अब वो ह्यूमन लाइक फीचर है तो वो फीटल (00:19:13) स्टेज कहलाती है ठीक है सो फीटल स्टेज टिल (00:19:16) बर्थ तक चलती है और अगर हम इसे तीन (00:19:18) ट्राइमेकर में डिवाइड करें तो उसे फिर (00:19:20) हमने स्टडी किया फर्स्ट टाइम ट्राइमर के (00:19:23) अंदर क्या होता है मैंने आपको बताया (00:19:25) फर्टिलाइजेशन ब्लास्टो सिस फॉर्मेशन (00:19:26) इंप्लांटेशन गैस्ट्रूलेशन (00:19:28) ब्रेन स्पाइनल कड तकरीबन सारे मेजर (00:19:30) ऑर्गन्स की डेवलपमेंट हमने देखी फर्स्ट (00:19:32) ट्राइमेकर के अंदर हो रही होती है और (00:19:34) सेकंड ट्राइमर के अंदर एडिशनल क्या है (00:19:37) लंग्स की फॉर्मेशन हेयर ग्रोथ हो रही होती (00:19:39) है बेबी आवाजों को सुन सकता है मूवमेंट कर (00:19:42) सकता है जेंडर आइडेंटिफिकेशन (00:19:46) [संगीत] (00:19:59) आपको लेक्चर समझ में आया होगा नेक्स्ट (00:20:00) लेक्चर तक के लिए मुझे इजत द शुक्रिया (00:20:02) अल्ला हाफिज

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